सेक्स स्लेव बनाए रखने के लिए ISIS की बर्बरता, जबरन कर रहा बर्थ कंट्रोल

सीरिया ने आतंकी संगठन ISIS के खात्मे का एलान किया था (news18 English creative)
सीरिया ने आतंकी संगठन ISIS के खात्मे का एलान किया था (news18 English creative)

इस्लामिक स्टेट में सेक्स स्लेव (sex slavery in ISIS) बनाई गई लड़कियां जब एक से दूसरे आतंकी के हाथों बेची जाती हैं तो साथ में प्रेगनेंसी की जांच (pregnancy test) होती है. यौन संबंधों के लिए प्रेगनेंसी रोकने के इस तरीके को इस्तिब्रा (Istibrā) कहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 3:19 PM IST
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मार्च 2019 में सीरिया (Syria) ने आतंकी संगठन ISIS के खात्मे का एलान किया था. हालांकि ये खूंखार आतंकी खत्म नहीं हुए, बल्कि अपने लिए दूसरे देश तलाशने लगे. अब उनका ठिकाना गरीब अफ्रीकी देश (ISIS in African nations) बने हुए हैं. वहां के प्राकृतिक संसाधनों को हथियाने के अलावा आतंकी स्थानीय लड़कियों को भी अपना शिकार बना रहे हैं. लड़कियां सेक्स स्लेव (sex-slave in ISIS) बनी रहें, इसके लिए वे उन्हें जबरिया बर्थ कंट्रोल दवाएं (birth control pills) दे रहे हैं.

सीरिया ने दिखाया आश्वसन
सीरिया की सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) ने पिछले ही साल घोषणा की थी कि इस्लामिक स्टेट फॉर इराक एंड सीरिया (ISIS) के चंगुल से उस आखिरी बघौज गांव को भी मुक्त कराया जा चुका. यानी एक तरह से ISIS के खात्मे की बात थी. हालांकि तुरंत ही इसपर अमेरिका समेत कई शक्तिशाली देशों ने आपत्ति जताई थी. यूएस मिलिट्री के केंद्रीय कमांड मुस्तफा बाली ने एक बयान में कहा कि ISIS के पास इतनी क्षमता है कि वह मिडिल ईस्ट ही नहीं इसके बाहर भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सकता है.

आतंकी संगठन को अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खजाने की जरूरत है-सांकेतिक फोटो (Pixabay)

ये डर सच भी निकला


सीरिया के भागकर संगठन दूसरी जगहों पर अपने पैर फैलाने लगा. फिलहाल संगठन की ताकत जॉर्डन, इजरायल, फिलिस्तीन, लेबनान, कुवैत, साइप्रस, दक्षिणी तुर्की और पाकिस्तान से लेकर भारत तक फैली हुई है. अफ्रीका इसका नया ठिकाना बना हुआ है. बता दें कि वहां सोने की खदानों की भरमार है. चूंकि आतंकी संगठन को अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खजाने की जरूरत है, लिहाजा वो अब अफ्रीकी देशों को बर्बाद करने पर तुला हुआ है.

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लड़कियां ISIS की क्रूरता का शिकार
यहां के खनिज और सोने के भंडारों के अलावा यहां की लड़कियां भी ISIS की क्रूरता का शिकार हो रही हैं. इस बारे में इंटरनेशनल मीडिया लगातार बोलता रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में लड़कियों के साथ जबर्दस्ती और फिर उनके गर्भपात के बारे में बताया गया है. सेक्स स्लेव बनाई जा चुकी इन युवतियों को रोज गर्भ निरोधक गोली दी जाती है, जिसे उन्हें उस आतंकी के सामने निगलना होता है, जिसकी कैद में वे हो. एक आतंकी से वो लगातार दूसरे-तीसरे आतंकी के पास जाती रहती हैं.

ISIS में महिला प्रेगनेंट हो जाए तो उसका जबरन गर्भपात आम है- सांकेतिक फोटो (सांकेतिक फोटो (Pixabay))


किसी हाल में न हो प्रेगनेंट
इस्लामिक स्टेट महिलाओं को अपनी यौन जरूरतों के लिए बंधक बनाए रखने को इतना क्रूर हो चुका है कि उसने अपने नियम-कायदे तक बना लिए हैं. इसके मुताबिक पुरुष को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह जिस महिला को गुलाम बना रहा है वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से पहले बच्चे से मुक्त हो. इसी नियम को पूरा करने के लिए इस्लामिक स्टेट महिलाओं को बर्थ कंट्रोल दवाएं दे रहा है. इसके बाद भी अगर महिला प्रेगनेंट हो जाए तो उसका जबरन गर्भपात आम है.

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पहले भी इस्लामिक स्टेट ने किया था यही काम
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस्लामिक स्टेट मानता है कि प्रॉफेट मुहम्मद के समय में भी यौन बंधक बनाए जाने की प्रथा थी और वे लोग इसी प्रथा को आगे बढ़ा रहे हैं. इसके लिए ISIS जहां भी जाता है, वहां कमउम्र लड़कियों के लेकर 40 साल तक की महिलाओं का अपहरण शुरू कर देता है. सीरिया में भी इन आतंकियों ने यदीजी समुदाय की कई महिलाओं को सेक्स स्लेव बनाया हुआ था.

इस्लामिक स्टेट अब अफ्रीकी देशों को बर्बाद करने पर तुला हुआ है- सांकेतिक फोटो


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क्या कहते हैं आंकड़े
यजीदी महिलाओं को भी स्लेव बनाए रखने की प्रक्रिया में बच्चा न पैदा करने या बच्चा गिराने जैसी बर्बरताओं से गुजरना होता था. इस बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में स्त्री-रोग विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे कैद से भागी 700 यजीदी सेक्स स्लेव में से सिर्फ 5 प्रतिशत ही प्रेगनेंट थीं. जबकि किसी स्वस्थ युवा स्त्री की औसत प्रजनन क्षमता हर महीने ही 20 से 25 प्रतिशत होती है.

गुलामी के दौरान प्रेगनेंसी टेस्ट 
कई युवा लड़कियों ने इंटरव्यू में बताया कि एक आतंकी से दूसरे तक बेचने के दौरान उनका प्रेगनेंसी टेस्ट होता और उन्हें सर्टिफिकेट के साथ खरीदार के हाथों सौंपा जाता था. इसके अलावा प्रेगनेंसी रोकने के लिए इस्लामिक स्टेट में लड़कियों को हार्मोन इंजेक्शन भी देना आम है.
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