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कोरोना पर 10 नए सवाल-जवाब, जिन्हें जानना आपके लिए सबसे जरूरी है

News18Hindi
Updated: March 22, 2020, 1:08 PM IST
कोरोना पर 10 नए सवाल-जवाब, जिन्हें जानना आपके लिए सबसे जरूरी है
फिलहाल इंफेक्शन की रफ्तार कम करना ही अकेला तरीका है

यूट्यूब (youtube) पर कोच Joe Wicks ने घर पर ही कसरत के 250 तरीके डाले हैं जो फ्री हैं. होम क्वेरेंटाइन (home quarantine ) के दौरान इन्हें भी अपना सकते हैं.

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  • Last Updated: March 22, 2020, 1:08 PM IST
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कोविड-19 (Covid-19) शब्द से अब दुनिया का कोई भी मुल्क शायद ही अनजान हो. एक तरफ जहां वैज्ञानिकों की पूरी टीम इसके इलाज की खोज में जुटी है तो दूसरी ओर आम लोगों के मन में लगातार कई सवाल आ रहे हैं. ऐसे ही कुछ सवालों के जबाव डॉक्टरों ने दिए, जिसपर thesun ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की. पढ़िए, उन सवालों के जवाब, जो आपके दिमाग में कई दिनों से चल रहे हैं.

होम क्वेरेंटाइन के दौरान एक्सरसाइज कैसे करें?
वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए घर पर रहना और सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है. जबतक वैक्सीन न खोजी जा सके, इंफेक्शन की रफ्तार कम करना ही अकेला तरीका है. ऐसे में ज्यादातर लोग घरों में बंद हो चुके हैं. ये जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है खुद को फिट रखना. जिम जाकर या पार्क में दौड़कर ये नहीं हो सकता लेकिन घर पर भी शरीर की वर्जिश हो सकती है. अगर घर पर गार्डन है तो उसकी देखभाल करें. घर की सफाई करें. घर पर रस्सी कूदना भी एक अच्छी कसरत है.
इसके अलावा यूट्यूब पर बॉडी कोच Joe Wicks ने घर पर ही कसरत करने के 250 तरीके डाले हैं जो फ्री हैं. इसे देखना भी मदद कर सकता है.



क्या ऐसा भी हो सकता है कि हम कोरोना पॉजिटिव हों और पता भी न चले?
हां, ऐसे बहुत से मामले देखे गए, जिसमें मरीज को पता भी नहीं था कि वो कोरोना वायरस का शिकार हो चुका है. वैसे सामान्य मामलों में भी लगभग 14 दिन बाद ही इस बीमारी के लक्षण सामने आते हैं. 14 दिन की इस अवधि को इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं, जिसमें विषाणु शरीर में फलते-फूलते रहते हैं. इसलिए जरूरी है कि अपने शरीर में हो रहे छोटे से छोटे बदलाव पर फिलहाल नजर रखें.

अपना इम्यून सिस्टम बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है


इम्यून सिस्टम बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है?
इसके कई तरीके हैं. इसमें सबसे पहले तो है कि आप खाने-पीने की अपनी गलत आदतें छोड़ दें जैसे शराब पीना या फिर स्मोकिंग करना. खाने में खूब फल-सब्जियां और अनाज लें. अगर आपको लगता है कि आपकी डायट सही नहीं है तो साथ में मल्टीविटामिन भी ले सकते हैं.
खूब कसरत करें, रोजाना लगभग 8 घंटे की नींद लें और तनाव कम करने के उपाय अपनाएं. और लगातार अपने हाथ साबुन से धोते रहें.

क्या एंटीबायोटिक से कोरोना ठीक हो सकता है?
नहीं, क्योंकि एंटीबायोटिक वायरस पर असर नहीं करते हैं, वे सिर्फ बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. और कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी है.

कोरोना से मौत का खतरा कितने प्रतिशत है?
जब तक Covid-19 के लिए सारे लोगों की जांच नहीं पाती है, तब तक ये कहना मुश्किल है लेकिन फिलहाल के आंकड़े बता रहे हैं कि मौत की दर 3 से 4 प्रतिशत तक है. बच्चों में ये प्रतिशत बहुत कम है, वहीं 60 से ज्यादा उम्र के लोगों और उन लोगों, जिन्हें पहले से ही कार्डियोवस्कुलर बीमारी या कैंसर जैसी बीमारी है, उन्हें इसका डर ज्यादा है.

क्या साबुन से हाथ धोना सैनेटाइजर से हाथ साफ करने से बेहतर है?
हां. साबुन और बहते पानी में हाथ धोने पर हाथों से बैक्टीरिया या वायरस लगभग पूरी तरह से दूर हो जाते हैं, जबकि हैंड सैनेटाइजर में ये क्वालिटी नहीं. वो केवल कुछ ही जर्म्स पर काम करते हैं. इसकी एक वजह ये भी है कि सैनेटाइजर हाथों को पूरी तरह से कवर नहीं करता है. अगर आप घर पर हैं और साबुन और पानी की सुविधा है तो हाथ धोना ही प्रेफर करें लेकिन अगर घर से बाहर सफर पर हों तो सैनेटाइजर का इस्तेमाल जरूर करें.

एंटीबायोटिक वायरस पर असर नहीं करते हैं, वे सिर्फ बैक्टीरिया को खत्म करते हैं


किन लक्षणों से घर पर ही कोरोना की पहचान हो सकती है ताकि जांच के लिए डॉक्टर के पास जा सकें?
कोरोना वायरस का सबसे बड़ा लक्षण है बुखार होना. तेज तापमान हो लेकिन सीना या हाथ आदि छूने पर सामान्य से गर्म लगेंगे. मरीज को बहुत थकान होती है और सारे शरीर में खुजली होती है. कुछ लोगों को गले में दर्द होता है तो किसी-किसी की नाक से लगातार पानी आता है. लगभग सबके लक्षण अलग-अलग लेकिन इनमें से ही कुछ न कुछ होते हैं. अभी वैज्ञानिक इसपर काम कर रहे हैं कि सबमें अलग-अलग लक्षण क्यों दिख रहे हैं.

क्या कोरोना की जांच का तरीका 100 सही रिजल्ट देता है?
कोई भी टेस्ट 100 प्रतिशत सही रिजल्ट दे सके, इसकी कोई गारंटी नहीं होती है. ये अलग-अलग लोगों पर अलग तरह से भी काम कर सकता है. कोरोना आउटब्रेक की शुरूआत में ऐसे मामले आए, जिनमें पॉजिटिव मरीज का भी निगेटिव रिजल्ट मिला और बाद में सामने आया कि वो पॉजिटिव है. लेकिन इसकी वजह ये भी हो सकती है कि पहले हुई जाचों के दौरान वे स्वस्थ रहे हों. स्टडी बताती है कि इसका रिजल्ट लगभग 90 प्रतिशत तक सही होता है. यानी इसका एक मतलब ये भी हुआ कि जांच में निगेटिव आए 100 लोगों में से 10 से 15 लोग पॉजिटिव भी हो सकते हैं.

जांच में निगेटिव आए 100 लोगों में से 10 से 15 लोग पॉजिटिव भी हो सकते हैं


क्या कोरोना वायरस पानी में भी टिक सकते हैं?
अमेरिका में Centers For   Disease Control And Prevention के वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना वायरस पानी में ट्रैवल नहीं कर सकते. पीने के पानी को साफ करके इस्तेमाल करने की प्रक्रिया किसी भी तरह के बैक्टीरिया या वायरस को खत्म कर सकती है. वायरस पर फिलहाल तक की स्टडी यही बताती है.

क्या हम किसी ऐसे व्यक्ति से अपना बाथरूम शेयर कर सकते हैं, जो कोरोना का मरीज हो?
मुमकिन हो तो मरीज का बाथरूम अलग ही कर दें. खासकर अगर घर पर कोई बुजुर्ग हो या फिर कोई बीमार या प्रेगनेंट महिला. अगर ऐसा संभव नहीं है तो हर बार मरीज के बाथरूम इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसे सैनेटाइज किया जाना चाहिए.

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First published: March 22, 2020, 1:05 PM IST
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