• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • नफरत भड़काने के साथ शुरू हुई थी ट्रंप की राजनीति, उसी तरह खत्म

नफरत भड़काने के साथ शुरू हुई थी ट्रंप की राजनीति, उसी तरह खत्म

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राजनीति में नफरत पैदा करने और हेट ग्रुप खड़ा करने के लिए याद किए जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राजनीति में नफरत पैदा करने और हेट ग्रुप खड़ा करने के लिए याद किए जाएंगे.

20 जनवरी को अमेरिका को जोए बाइडन (Joe Biden) के रूप में नया राष्ट्रपति मिल जाएगा. इसके साथ अमेरिका में ट्रंप (Donald Trump) के साथ आए उस युग की समाप्ति भी हो जानी चाहिए जिसमें अमेरिका में नफरत और घृणा ना केवल हावी हुई बल्कि कई ऐसे संगठन खड़े हो गए, जो नस्लवादी प्रवृतियों को बढावा देते थे. अक्सर ट्रंप पर उन्हें प्रोत्साहन देने का भी आरोप लगता रहा.

  • Share this:
कांग्रेस ने डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति के उम्मीदवार जोए बाइडन की जीत पर मुहर लगा दी. साथ ही मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार हार मान ली लेकिन ये भी कहा कि वो चुनाव परिणामों से खुद नहीं हैं. 06 जनवरी को जब कांग्रेस ने इलैक्टोरल वोट गिनकर उन पर मुहर लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी, तभी ट्रंप के उत्पाती समर्थकों ने वहा हमला कर दिया. इस उत्पात में 04 लोगों की मौत भी हो गई. ये ट्रंप की घृणा और नफरत की राजनीति का आखिरी एजहार था.

उन्होंने 2015 से वर्ष 2021 के बीच अमेरिका में घृणा और नफरत की नई तरह की राजनीति शुरू की. उसी तरह के ग्रुप खड़े किए. बातें कीं. उनके समर्थक पहली बार अमेरिका में उग्र राजनीति को बढ़ावा देते नजर आए. लोगों ने ये कहना शुरू किया कि ट्रंप जो कुछ कर रहे हैं, उससे अमेरिका में लोगों के बीच गहरी दरार पड़ी है.
उन्होंने आखिरी समय तक भी वैसा ही किया. उनके उकसावे वाले भाषण और ट्वीट के बाद वाशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल्स में हजारों उग्र समर्थकों ने उत्पात किया ताकि इलैक्टोरल काउंटिंग को रोक सकें औऱ चुनाव परिणाम बदल पाएं. वो अपने समर्थकों से लगातार यही कहते थे कि अगर सत्ता मेरे हाथ से निकली तो ये देश कमजोर हो जाएगा. आप कमजोर लोगों के हाथों में सत्ता नहीं दे सकते.

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. ऐसी स्थिति अमेरिका में कभी नहीं देखी गई. माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के उकसाने वाले भाषण और ट्वीट का इसके पीछे बड़ा हाथ था.




आखिरी समय तक झूठ को सच बनाने में लगे रहे
ट्रंप के समर्थकों ने जो कुछ भी कैपिटल बिल्डिंग में किया, वैसा अमेरिका में कभी कोई सोच ही नहीं सकता था लेकिन ट्रंप चुनाव परिणाम आने के बाद से ही लगातार ये झूठ लगातार बोलकर उसको सच बनाने में लगे थे कि चुनावों में बड़े पैमाने पर डेमोक्रेट्स ने गड़बड़ी की है ताकि उन्हें सत्ता से हटाया जा सके.

ये भी पढे़ं - 05 प्वाइंट में समझें अमेरिका में ट्रंप समर्थकों ने क्यों की हिंसा

डेमोक्रेट्स के खिलाफ लगातार अफवाहें फैलाई जा रही थीं
अगर आप इंटरनेट पर अमेरिकी खबरों पर ज्यादा गौर कर रहे हों तो वहां पिछले कुछ समय से तमाम ऐसी साजिश की अफवाहें फैल रही थीं, जिसमें ये बताया जा रहा था कि डेमोक्रेट किस तरह कपटी और नैतिक तौर पर घृणित लोग हैं. ट्रंप किस तरह गुप्त तौर पर देश के खिलाफ चल रही तमाम साजिशों से निपटने में लगे हैं.

ट्रंप समर्थकों में क्यूनान और प्राइड ब्वाएज संगठनों के नाम
ट्रंप के समर्थकों में रहस्यवादी ग्रुप क्यूनान और प्राइड बॉयज जैसे संगठनों के सदस्यों के नाम आ रहे थे, जो 05 सालों में अचानक चर्चाओं में आए और जबरदस्त तरीके से मजबूत ही नहीं हुए बल्कि भय फैलाने में भी कामयाब रहे. कैपिटल हिल्स हमले में इन्हीं दोनों संगठनों के उग्र सदस्यों का भी ज्यादा हाथ बताया जा रहा है .

ट्रंप के समर्थकों में उत्पाती क्यूनान और प्राइड ब्वाएज ग्रुप के नाम सामने आ रहे हैं. ये ग्रुप अमेरिका में हेट ग्रुप के नाम से पिछले कुछ सालों में उभरे हैं और डेमोक्रेट्स को खासतौर पर अपना निशाना बनाते हैं.


क्या डाला गया ट्रंप समर्थकों के दिमाग में
ट्रंप और उनके समर्थन में खड़े हुए ग्रुप्स लगातार लोगों के दिमाग में ये भी डाल रहे थे कि किस तरह इन चुनावों के जरिए संविधान में सेंध लगा दी गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसे ठीक करना ही होगा. इसलिए ट्रंप समर्थक जमकर नारा लगाते थे स्टाप द स्टील यानि संविधान में की सेंध खत्म हो. ट्रंप ने हमेशा अपने इन लोगों को ये कहकर पुचकारते भी रहे वो उन लोगों से प्यार करते हैं, वो उनके लिए खास लोग हैं.

ये भी पढे़ं - Capitol hill violence: कैपिटल हिल क्या है, जहां हिंसक हुए ट्रंप के समर्थक

वर्ष 2015 से ट्रंप के नाम पर हिंसा का दौर
वर्ष 2015 में जब उन्होंने अपना चुनाव अभियान शुरू किया तो 05 दर्जन से ज्यादा लोगों का नाम ट्रंप के तौर पर हिंसा फैलाने में आया. वर्ष 2016 में एक श्वेत शख्स ने अफसरों को चुनौती दी कि डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में उन सभी को ठीक कर देगा. ये शख्स चाकू दिखाकर अपने अश्वेत पडोसियों को धमकी दे रहा था.
ट्रंप ने उसी तरह धार्मिक समूहों के बीच भी विद्वेष फैलाने का काम किया.
इसी दौरान ट्रंप के समर्थन में एक शख्स सीजर सेवाए को 16 डेमोक्रेट नेताओं को निष्क्रिय बम भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. वो ट्रंप को अपना दत्तक पिता कहता था.

us violence, trump twitter account, trump facebook account, trump youtube video, अमेरिका हिंसा, अमेरिका में उपद्रव, ट्रंप ट्विटर अकाउंट, ट्रंप फेसबुक अकाउंट
ट्रंप पर हमेशा हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाले भाषण देने के आरोप लगे हैं. उनके नाम पर पिछले कुछ सालों में लोगों और ग्रुप ने हिंसा फैलाई और लोगों को आतंकित किया लेकिन ट्रंप ने कभी ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा रवैया नहीं दिखाया.


ट्रंप ने कभी हिंसक फॉलोअर्स को नहीं लताड़ा
हालांकि ट्रंप ने इन हिंसा फैलाने वाले लोगों से अलग जरूर किया लेकिन उनके संदेश जरूर नफरत फैलाने और नुकसान करने वाले रहे. कई बार उन्होंने हिंसा करने वालों का अजीबोगरीब तर्क देकर पक्ष भी लिया. उनके विरोधी हमेशा ही उन पर आरोप लगाते रहे कि उनके भाषण और बातें हिंसा करने वालों को उकसाती हैं.

तब मैक्सिकन लोगों पर अपमानजनक कमेंट्स किए
जब 16 जून 2015 को उन्होंने अपनी प्रेसीडेंट पद की दावेदारी की घोषणा की तो मैक्सिकन लोगों पर अपमानजनक कमेंट किए. उन्होंने कहा कि मैक्सिको से जो लोग आते हैं वो अमेरिका में ढेर सारी समस्याएं पैदा करते हैं. वो अपने साथ ड्ग्स लाते हैं, वो क्राइम करते हैं. वो बलात्कारी हैं, और उसमें कुछ ही अच्छे लोग हैं.

ये भी पढ़ें - US Capitol violence: समझिए कैसे डोनाल्ड ट्रम्प को हटाया जा सकता है सत्ता से

अश्वेतों के खिलाफ टिप्पणियां की
फिर उन्होंने इसी तरह की टिप्पणियां अश्वेत लोगों के खिलाफ कीं. उस दौरान अमेरिका में कई नस्लवादी हिंसा में पकड़े गए लोगों ने ट्रंप को अपना हीरो बताया. कई बार उन्होंने पुलिस को प्रदर्शनों के दौरान सख्ती नहीं करने पर कहा-उन्हें किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है. अक्सर प्रदर्शन करने वाले अश्वेतों पर उनकी टिप्पणियां काफी कड़ी रहीं.

डोनाल्ड ट्रंप
मेरिका में माना जाना लगा कि ट्रंप अमेरिका को गोरों औऱ कालों के बीच बांट रहे हैं, उनके बीच नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं.


क्या उन्होंने अमेरिका को बांट दिया है
साफ तौर पर अमेरिका में माना जाना लगा कि ट्रंप अमेरिका को गोरों औऱ कालों के बीच बांट रहे हैं, उनके बीच नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं. कई बार उनके समर्थक खुलेआम हिंसा कर पुलिस के सामने ही कानून तोड़ते और बदले में उन्हें ट्रंप से शाबासी ही मिलती. वो अपने तर्कों से ऐसे हमलावरों को सही ठहराते.

ये भी पढ़ें - Capitol hill violence: बार-बार कैसे ट्रंप पर एक्शन लेते रहे ट्विटर और एफबी?

मीडिया को देश का दुश्मन बताया
मीडिया पर वो लगातार बरसे. कई बार उन्हें कई उन रिपोर्टरों से उलझते देखा गया, जिन्होंने उनसे असहज सवाल किए. मीडिया आमतौर पर उनके शब्दों में अमेरिका का दुश्मन ठहरा दिया गया. उन्होंने फरवरी 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद एक ट्वीट करके कहा, न्यूज मीडिया अमेरिकी लोगों का दुश्मन है. उन्होंने कभी मीडिया को झूठा कहा तो कभी उनकी खबरों को फेक न्यूज बताया. उनके अनुसार मीडिया उनका विरोधी है.

अमेरिका में कई श्वेत नस्लवादी संगठन पैदा हो गए
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में कई श्वेत नस्लवादी संगठन खड़े हो गए. वो लगातार ट्रंप के समर्थन में सोशल मीडिया से लेकर रैलियों तक में जोरशोर से शिरकत करते. चुनाव में बाइडन के हाथों हारने के बाद भी ट्रंप लगातार जोड़तोड़ में लगे रहे कि चुनाव परिणामों को बदल सकें. माना जाना चाहिए कि ट्रंप की रवानगी अमेरिका में बढ़ गए घृणा के माहौल पर ना केवल कमी लाएंगे बल्कि उन लोगों पर नकेल भी कसेंगे जिन्हें हिंसा के लिए ट्रंप कैंप से हमेशा प्रोत्साहन मिलता रहा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज