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पगड़ी होती है शान! क्या है सिख समुदाय के लिए इनके रंग के मायने

पगड़ी होती है शान! क्या है सिख समुदाय के लिए इनके रंग के मायने

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह.

Turban Colours Meaning For Sikh People: सिख समुदाय के लिए पगड़ी का रंग काफी मायने रखती है. अलग-अलग मौकों पर रंगा के महत्व के हिसाब से पगड़ी बांधी जाती है.

देश में हर समुदाय के लोगों के लिए पगड़ी खास मायने रखती है. सिख समुदाय के लिए तो यह उनकी आन, बान और शान की निशानी है. यह उनके धर्म और विश्वास से जुड़ा मसला है. समुदाय के लोग भिन्न-भिन्न रंगों की पगड़ी पहनते हैं. लेकिन, क्या आपको पता है कि पगड़ी के इन रंगों के मायने भी खास होते हैं? सिख समुदाय के लोगों में अगल-अलग मौकों पर अलग-अलग रंग की पगड़ी पहनने का रिवाज है. इतनाजही नहीं समुदाय के लोग खास पहचान जताने के लिए खास रंग की पगड़ी पहते हैं.

ऐसे में यह समझना भी दिलचस्प है कि पंजाब के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की पगड़ियों के रंग के मायने क्या हैं?

नारंगी और नीली पगड़ी
वेबसाइट द सरदारको डॉट कॉम के मुताबिक सिख समुदाय के लिए पगड़ी उनके धर्म से जुड़ा मसला है. इस समुदाय के भीतर भी कई समूह हैं. इसी में से एक है खालसा समूह. खालसा सिख आमतौर पर नारंगी और नीले रंग की पगड़ी बांधते हैं. दरअसल, नीला रंग लड़ाकू होने का निशानी है. खालसा समूह खुद को लड़ाकू मानते हैं. वे खुद को अपने धर्म का रक्षक मानते हैं. यह रंग उनकी बीती पीढ़ियों की बहादुरी का भी परिचायक है. यह सिख समुदाय द्वारा लड़े गए जंगों की भी निशानी है.

साहस और ज्ञान का भी प्रतीक 
इसके साथ ही ऑरेंज रंग बुद्धिमानी का प्रतीक है. बुद्धिमानी सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के समय एक बड़ी चीज है. यह रंग साहस और ज्ञान का भी प्रतीक है, जो सिख समुदाय के लिए काफी अहम है. त्याग और ताकत का भी प्रतीक रंग ऑरेंज ही है. इसलिए इस रंग को हमेशा नीले रंग के साथ जोड़ा जाता है.

समुदाय को एकजुट करने वाला रंग
नारंगी और नीले रंग को सिख समुदाय को एकजुट रखने वाला रंग माना जाता है. धार्मिक जलसों और अन्य सार्वजनिक मौकों पर समुदाय के लोग इस खास रंग की पगड़ी पहनते हैं. इससे समुदाय में एकजुटता का बोध आता है.

सफेद पगड़ी
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सफेद शांति का प्रतीक रंग है. यह रंग इंसान के अंदर नकारात्मक विचारों को खत्म कर सकारात्मकता को बढ़ावा देता है. आमतौर पर सिख समुदाय के बड़े बुजुर्ग सफेद पगड़ी पहनते हैं. यह रंग शरीरिक पवित्रता की भी निशानी है. कभी-कभी सिख कीर्तन में भी सफेद पगड़ी बांधी जाती है.

इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है. सफेद कपड़े पहनने से इंसान ऊर्जावान महसूस करता है. दरअसल, सफेद रंग अपने आसपास एक खास इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाता है जो सकारात्मक भाव पैदा करता है और लोगों ऊर्जावान महसूस करते हैं. इसके साथ ही दुख जैसे अंतिम संस्कार जैसे कार्यों में सफेद पगड़ी बांधी जाती है.

काली पगड़ी
वैसे तो काला रंग फैशन की दुनिया के लिए एक ऐसा रंग है जो आसानी से किसी भी पोशाक के साथ मैच कर जाता है. सिख धर्म में काली पगड़ी बांधने का रिवाज काफी हद तक किसी भी पोशाक के साथ मैच करने के कारण है. वैसे काला रंग अपने घमंड को त्यागने और मानवता दिखाने वाला रंग है. सिख समुदाय में भी इस चीज को सिखाया जाता है. समुदाय में अहंकार को त्यागकर सेवा करने को सिखाया जाता है. इस तरह जब कोई व्यक्ति काले रंग की पगड़ी बांधता है तो वह अपनी सहजता और साधारण जीवन शैली का परिचय देता है.

गुलाबी और लाल
सिख समुदाय में अक्सर उत्सव जैसे शादी के मौके पर गुलाबी और लाल रंग की पगड़ी बांधी जाती है. इन रंगों को काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में शादी के वक्त दूल्हे इसी रंग की पगड़ी बांधते हैं. ये रंग एक नई शुरुआत के भी प्रतीक हैं. इसके साथ ये दोनों रंग ताकत और बहादुरी के भी परिचायक हैं.

सुनहरा
कई लोग सुनहरे रंग को शादी से जोड़ते हैं. लेकिन इसके कई अन्य मायने भी होते हैं. यह रंग इंसान के भीतर एक खास तरह की शीतलता के परिचायक है. इस रंग का सिख समुदाय में खास महत्व है. अमृतसर का स्वर्ण मंदिर इसका सबसे खास उदाहरण है. वहां पहुंचने वाले सिख धर्मावलंबी अपने भीतर खास तरह की शीतलता का अनुभव करते हैं.

खुशी जाहिर करने का रंग है पीला
पीला रंग खुशी को इजहार करने वाला रंग है. यह सूर्योदय को रंग है. यह आजाद और स्वछंद महसूस कराने वाला रंग है. ऐसे खुशी के मौके पर तमाम लोग पीली पगड़ी बांधते हैं.

Tags: Sikh Community

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