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पैदा होते ही शिकार के लिए तैयार रहते थे ये डायनासोर, जानिए कैसे हुआ खुलासा

टायरानोसॉर (Tyrannosaur) परिवार के डायनासोर (Dinosaurs) लोगों और वैज्ञानिकों में बहुत ही लोकप्रिय हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
टायरानोसॉर (Tyrannosaur) परिवार के डायनासोर (Dinosaurs) लोगों और वैज्ञानिकों में बहुत ही लोकप्रिय हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

डायनासोर (Dinosaur) के टायरानोसॉर (Tyrannosaur) के नवजातों के जीवाश्म (Fossil) से वैज्ञानिकों ने उनके बारे में बहुत सारी चौंकाने वाली बातें हासिल की हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 3:29 PM IST
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जीवाश्म (Fossils) के जरिए पुरातन काल  के विलुप्त जीवों के बारे में पता लगाना आसान काम नहीं हैं.  डायनासोर (Dinosaurs) के बारे में हमारे जीवाश्म विज्ञानियों (Palaeonlogists) ने बहुत सारी जानकारी हासिल तो कर ली है. लेकिन अभी भी वे डायनासोर के सभी रहस्यों का पता नहीं लगा सके हैं. हाल ही में एक अध्ययन में बहुत ही मशहूर टायरानोसॉरिड (Tyronnosurids) के नवजात जीवाश्म से इस प्रजाति के बारे में उन्हें बहुत सी जानकारी मिली.

आकर्षण का केंद्र रहे हैं डायरानोसॉरस
टायरानोसॉरिड (Tyronnosurids) उत्तर क्रिटेशियस युग के विशाल पुरातन महाद्वीप लौरेशिया में रहने वाले शीर्ष शिकारी जीव हुआ करते थे और धरती पर अब तक के सबसे विशाल शिकारी थे. अपनी खोज के बाद से ही ये आकर्षण का केंद्र रहे हैं. इन पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं. वैज्ञानिक जगत में भी उनको लेकर काफी दिलचस्पी थी. यही वजह है कि उनका बहुत अध्ययन हुआ और उनके शरीर, विविधता, वृद्धि और विकास के बारे में काफी जानकारी हासिल की जा चुकी है.

फिर भी यह जानकारी बहुत कम
इसके बाद भी उनके जीवन के शुरुआत सालों के बारे में बहुत ही कम जानकारी है. जहां उनके अंडों और भ्रूणों के बारे में काफी स्पष्ट जानकारी नहीं हैं. उनके बच्चों के नमूने भी बहुत ही कम हैं. इस अध्ययन के सहलेखक और अल्पबेर्टा यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र मार्क पॉवर्स का कहना है कि टायरानोसोर के सैंकड़ों कंकाल और हजारों बिखरी हुई हिड्डियां या आधे अधूरे कांकल मिल चुके हैं.



क्या मिला है जीवाश्म में
पॉवर्स ने बताया, “टायरानोसोर के जीवविज्ञान के बारे में इतने अधिक आंकड़े होने के बाद भी ये छोटे छोटे जीव तीन से चार साल की उम्र के है. इनका आकार अंडों से निकले बच्चों से बहुत ही बड़ा होगा.” पॉवर्स और उनके साथियों ने इस शोध में शिशु टायरानोसॉरिड के 7.5 करोड़ से 7.15 करोड़ साल पुराने जीवाश्म जबड़े की हड्डी, दांत और पंजों का अध्ययन किया.

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टायरानोसॉर (Tyrannosaur) के बच्चों में बहुत आकर्षक विशेषताएं थीं. (तस्वीर: Julius Csotonyi)


क्या जानकारी मिल सकती है
शोधकर्ताओं ने बताया कि जीवाश्म से मिली जानकारी से पता चलता है कि नवजात टायरानोसॉरस का आकार क्या था और टायरानोसॉर के घोंसले संबंधी आदतें कैसी थीं. उन्होंने पाया कि जब यह नवजात अंडे से बाहर आया था तब उसकी लंबाई 0.9 मीटर थी.

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हैरान करने वाली जानकारी
पॉवर्स ने बताया कि कुछ नतीजे हैरान करने वाले थे. नवजात टायरानोसोर की दांत बड़े टायरानोसो से काफी अलग थे. उनके दातों के किनारों पर वह धार नहीं थी जैसे की छोटे और व्यस्कों में हुआ करती थी. इसके अलावा इस भ्रूण के आकार ने भी हैरान किया. इस नमूने में पंजा जहां 1.1 मीटर बड़ा था, जबकि जबड़ा की हड्डी 71 सेमी बड़ी थी.

पहली बार में अंडे
टायरानोसॉर के अंडे इससे पहले कभी नहीं मिले थे. इस शोध से यह भी पता चला कि ये अंडे 43 सेंमी लंबे थे. इससे भविष्य में इस तरह के अंडों को पहचानने में और टायनासोर के घोसलों की आदतों को जानने में मदद मिलेगी.

क्यों इतनी अहम है ये खोज
पॉवर्स का कहना है कि इन जानवरों के शुरुआत कैसे हुई और उन्होंने इतना विशाल आकार कैसे हासिल कर लिया. इस तरह की बातें पता करने के लिहाज से भ्रूण पदार्थ की खोज एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी.शोधकर्ताओं को वह जानकारी मिल गई जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी. इससे उन्हें टायनासोर के विकास का शुरुआती बिंदु मिल सकता है.

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टायरानोसॉर (Tyrannosaur) के जीवाश्म तो बहुत मिले हैं लेकिन उनके बच्चों या अंडों के जीवाम अभी तक नहीं मिले थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


यह खास बात जबड़े की
शोधकर्ताओं ने यह भी पायाकि 3 सेमी बड़ी जबड़े की हड्डी डास्प्लेटोसॉरस होर्नेरी प्रजाति के जीव की थी जिसमें टायनासोर के खास विशेषताएं थीं. जिसें प्रमुखता से दिखाई देने वाली ठुड्डी भी थी जिससे यह पता चलता है कि यह विशेषताएं उनमें अंडे से निकलने से पहले भी हुआ करती थीं.

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इस अध्ययन के नतीजे कैनेडियन जर्नल ऑफ अर्थ साइंस में प्रकाशित हुए हैं. अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ ग्रेग फस्टन का कहना है कि ये हड्डियां टायरानोसॉर के शुरुआती जीवन को जानने के लिए पहली खड़की साबित होंगी.
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