चीन में मुस्लिमों पर बर्बरता की एक और कहानी, हेयर प्रोडक्ट बनाने महिलाओं के काटे जा रहे बाल

चीन में मुस्लिमों पर बर्बरता की एक और कहानी, हेयर प्रोडक्ट बनाने महिलाओं के काटे जा रहे बाल
चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार की खबरें जब-तब आती रहती हैं- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)

अमेरिका में हाल ही में बालों की विग का जखीरा चीन को वापस लौटाया गया. माना जा रहा है कि ये बाल उइगर मुस्लिम महिलाओं (hair have been taken from Uighur Muslim women) के हैं, जो चीन के शिनजियांग प्रांत में डिटेंशन कैंपों (detention camps in Xinjiang province China) में रखी गई हैं.

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चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार की खबरें जब-तब आती रहती हैं. वहां के शिनजियांग प्रांत में बने डिटेंशन कैंपों में करोड़ों मुस्लिम रह रहे हैं. कैंपों में रिफॉर्म के नाम पर उनके धर्म परिवर्तन से लेकर शारीरिक और कई तरह की मानसिक हिंसा की खबरें किसी न किसी तरह से बाहर आ रही हैं. हाल ही में सामने आया कि मुस्लिमों की आबादी सीमित करने को उइगर महिलाओं की जबरिया नसबंदी तक कराई जा रही है. अब इस समुदाय पर हिंसा का एक और चेहरा सामने आया है. हाल ही में यूएस फेडरल अधिकारियों ने बालों के विग और चोटियां जब्त कीं. लगभग 11.8 मैट्रिक टन के ये विग 8 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत के हैं. चीन से आए इस शिपमेंट के बारे में कयास लग रहा है कि ये डिटेंशन कैंप में रहती मुस्लिम महिलाओं के बाल जबर्दस्ती काटे गए हैं.

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के अधिकारियों ने द एसोसिएटेड प्रेस से चर्चा में संदेह जाहिर किया कि ये विग चीन के डिटेंशन कैपों से तैयार किए गए हैं. 8 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत के ये विग अगर वास्तव में महिलाओं के बाल जबर्दस्ती उतारकर तैयार किए हैं तो ये ह्यूमन राइट्स के साथ बड़ी हिंसा हो सकती है. इस बारे में टाइम से बात करते हुए CBP के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट कमिश्नर ब्रेंडा स्मिथ ने कहा कि अमेरिका किसी भी तरह के अवैध और अमानवीय तरीके की प्रैक्टिस को बर्दाश्त नहीं कर सकता. इस बयान के बाद शिपमेंट लौटा दी गई.

कथित तौर पर ये बाल उन मुस्लिम महिलाओं के हैं, जो चीन में डिटेंशन कैंपों में रखी गई हैं- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)




ये इसी साल दूसरा मौका है जब अमेरिका ने चीन से आए बालों का शिपमेंट लौटा दिया है. अब मामले की पड़ताल हो रही है. साथ ही अमेरिकन डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने अमेरिका को शिनजिंयाग प्रांत की सभी 37 कंपनियों के साथ काम करते हुए सतर्कता बरतने को कहा है. कथित तौर पर इस प्रांत का पूरा उद्योग ही फोर्स्ड लेबर और हिंसा पर आधारित है.
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असली बालों के ये विग चीन के उसी प्रांत शिनजियांग से आए हैं, जहां उइगर मुस्लिम डिटेंशन कैंपों में रह रहे हैं. अब मुस्लिमों पर हिंसा के संदेह में CBP ने उस प्रांत की मुख्य कंपनी Lop County Meixin Hair Product Company के सारे शिपमेंट पर रोक लगा दी है. माना जा रहा है कि यहां महिलाओं के न केवल जबरन बाल काटे जा रहे हैं, बल्कि प्रोडक्ट बनाने के लिए उनका और बच्चों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. वैसे शिनजियांग में मुस्लिमों से साथ अत्याचारों की लंबी लिस्ट है.

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मुस्लिमों की ये आबादी चीन के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बसी हुई है, शिनजियांग भी इनमें से एक है. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने साल 2017 की शुरुआत में इनपर कई प्रतिबंध लगाए थे. इनमें लंबी दाढ़ी रखना, सार्वजनिक स्थानों पर नकाब पहनना जैसी बातें शामिल थीं. तर्क था कि ये रोक आतंकवाद के खिलाफ चीन के अभियान के तहत लगाई गई है. नकाब या दाढ़ी वाले उइगर मुस्लिमों पर बसों या दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चढ़ने की मनाही की खबरें भी चर्चा में आईं.

मुस्लिमों की ये आबादी चीन के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बसी हुई है- सांकेतिक फोटो (Photo-pxhere)


हालांकि ये तमाम हिंसाएं दूसरी कई हिंसाओं के आगे कुछ भी नहीं. रिफॉर्म के नाम पर लाखों लोगों को कैंपों में रखा गया. यहां उनके साथ तमाम तरह की हिंसाएं लगातार हो रही हैं. यूनाइटेड नेशन्स ने खुद माना कि ये चीन सरकार ने शिनजियांग को एक तरह से 'नजरबंदी शिविर' में तब्दील कर दिया है. यहां मुस्लिमों को चीनी भाषा और संस्कृति को मानना सिखाया जाता है. उनसे धर्म बदलने को कहा जाता है और न मानने वालों के साथ शारीरिक हिंसा होती है.

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कोरोना के दौरान एक और रोंगटे खड़े करने वाली जानकारी सामने आई. कथित तौर पर चीनी सरकार उइगर मुस्लिमों की किडनी और दूसरे अंग जबर्दस्ती निकाल रही है ताकि कोरोना के उन मरीजों में लगाए जा सकें, जो चीन के हैं.

International Coalition to End Transplant Abuse in China के मुताबिक चीन में ऑर्गन हार्वेस्टिंग के धंधे में उइगर मुसिलमों के साथ एक और माइनोरिटी गोंग समुदाय के अंग भी निकाले जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलियन मीडिया ABC के मुताबिक सबसे पहले साल 2006 में ये बात सामने आई कि कैदी बनाकर माइनोरिटी के लोगों के अंग निकाले जा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार चीन अपने यहां हर साल लगभग 10 हजार ऑर्गन ट्रांसप्लांट की बात करता है लेकिन असल आंकड़े 60 हजार से लेकर 1 लाख हैं. माना जा रहा है कि 10 हजार से अलावा बाकी सारे ट्रांसप्लांटेशन इन्हीं कैदियों के अंग निकालकर किए जा रहे हैं.

ऑर्गन हार्वेस्टिंग में उइगर मुसिलमों के साथ माइनोरिटी गोंग समुदाय के अंग भी निकाले जा रहे हैं- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


यूएन की मीटिंग में चाइना ट्रिब्यूनल के प्रतिनिधि हामिद सबी ने बताया कि चीन में ये फोर्स्ड ऑर्गन हार्वेस्टिंग कई सालों से चल रही है. बयान के साथ कई सबूत भी रखे गए. इसमें बताया गया है कि कैसे चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने उइगर मुस्लिमों को बंदी बना रखा है और उन्हें मौत की सजा सुनाने के बाद सबसे पहले उनके ऑर्गन निकाल लिए जाते हैं.

यहां तक कि दूसरे माइनोरिटी समुदाय Falun Gong के सदस्यों के लिए सरकार का आदेश है कि उन्हें जिंदा रखते हुए ही उनके शरीर से सारे ऑर्गन निकाल लिए जाएं और उनकी ऊंचे दामों पर बिक्री की जाए. बिजनेस इनसाइडर में आई रिपोर्ट के मुताबिक यही वजह है कि चीन के अस्पतालों में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए काफी कम इंतजार करना होता है, जबकि आमतौर पर ये टाइम सभी देशों में काफी ज्यादा है.
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