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स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी में छात्रों ने किया बीफ बैन का समर्थन, पर्यावरण बचाने की मांग

News18Hindi
Updated: February 9, 2020, 5:16 PM IST
स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी में छात्रों ने किया बीफ बैन का समर्थन, पर्यावरण बचाने की मांग
ब्रिटेन की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में छात्रों ने बीफ बैन का समर्थन किया है.

स्कॉटलैंड की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी (university of Edinburgh) के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के भीतर बीफ बैन करने के समर्थन में वोट दिया है. छात्रों का तर्क है कि ऐसा हमारे पर्यावरण को बचाए रखने के लिए जरूरी है.

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भारत में बीफ बैन (Beef Ban) और उस पर राजनीति की कहानी देश के लिए लोगों के लिए आम बात है. धार्मिक तौर पर हिंदू धर्म में पवित्र स्थान होने की वजह से भी भारत में गोमांस खाने या फिर गोतस्करी पर कई राज्यों में प्रतिबंध है. लेकिन स्कॉटलैंड की एक यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अब बीफ बैन को लेकर आवाज उठाई है. स्कॉटलैंड की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के भीतर बीफ बैन करने के समर्थन में वोट दिया है. छात्रों का तर्क है कि ऐसा हमारे पर्यावरण को बचाए रखने के लिए जरूरी है.

छात्रसंघ का प्रस्ताव
दरअसल यूनिवर्सिटी में मेस और दूसरे खाने के स्टाल्स पर बीफ की बिक्री को लेकर छात्रसंघ बहस का एक प्रस्ताव लाया था. यूनिवर्सिटी में मेस और स्टाल छात्रसंघ ही चलाता है. इसी वजह से छात्रसंघ ने इस पर बहस का आयोजन किया था. इसी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग हुई. इस बहस की शुरुआत तब हुई जब यूनिवर्सिटी एक छात्र एली सिल्वरस्टीन ने बीफ बैन के खिलाफ एक पेटिशन तैयार की और उस पर करीब 570 छात्रों का समर्थन हासिल किया.

और भी थे मुद्दे

इस चर्चा के दौरान छात्रों से इस बात पर भी वोटिंग कराई गई कि कैंपस में किसी कार्यक्रम के दौरान बीफ के प्रोडक्ट दिए जाएं या नहीं. अब इस प्रस्ताव के पास हो जाने के बाद पूरी यूनिवर्सिटी में इस बात पर ऑन लाइन वोटिंग कराई जाएगी.



विरोध भी हो रहा हैयूनिवर्सिटी में इस प्रस्ताव के पास होने का विरोध भी हो रहा है. मीट सप्लाई से जुड़े कई संगठनों का मानना है कि इससे पशुपालन के व्यवसाय जुड़े लोगों को धक्का लगेगा. कुछ लोगों का तर्क है कि मीट के रिप्लेसमेंट में सोया का इस्तेमाल बढ़ जाएगा जो यूनाइटेड किंगडम में ज्यादा उगाया नहीं जाता. इससे बाहरी लोगों का फायदा होगा.

2017 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में रेड मीट को बैन किया गया था.
2017 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में रेड मीट को बैन किया गया था.


दूसरे विश्वविद्यालयों में भी चली मुहिम
इससे पहले  ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी में भी बीफ पर बैन लगाया जा चुका है. हालांकि इस निर्णय को दिसंबर 2019 में बदल दिया गया था. नियम बदले जाने के पीछे तर्क दिया गया कि ये अलोकतांत्रिक तरीका है और लोगों को खान-पान की छूट होनी चाहिए. इससे पहले साल 2017 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में रेड मीट बैन करने का निर्णय लिया गया था.

स्थानीय व्यवासियों और किसानों ने यूनिवर्सिटी को लिखा खत
यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के छात्रों द्वारा लिए गए इस निर्णय को लेकर स्थानीय मीट व्यावसायियों और पशुपालक किसानों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से दरख्वास्त की है. इनका कहना है कि ऐसे निर्णयों की वजह से उनके धंधे पर बुरा असर पड़ेगा.
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First published: February 9, 2020, 5:04 PM IST
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