इंग्लैंड की वो महारानी, जिसने अपने बच्चों पर था शक, करवाई जासूसी

बच्चों के लिए इस अजब असुरक्षा बोध और अलगाव की शुरुआत क्वीन विक्टोरिया के मां बनने के साथ ही हो गई (Photo- picryl)

इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया (Queen Victoria) ने एक बार अपनी बेटी एलिस की तुलना गाय से करते हुए अपनी गाय का ही नाम एलिस रख दिया था. दरअसल महारानी को बच्चों की ब्रेस्टफीडिंग पर एतराज था. वे मानती थीं कि बच्चों को दूध पिलाने वाली औरतें पशु जैसी होती हैं.

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    महारानी विक्टोरिया और उनके पति प्रिंस अल्बर्ट (Queen Victoria and Prince Albert) के बारे में काफी कुछ मिलता है. कई किताबों में उनके रोमांस से लेकर अल्बर्ट की मौत के बारे में लिखा गया, लेकिन क्वीन विक्टोरिया एक मां के तौर पर कैसी थीं, इसका जिक्र कम ही मिलता है. छुटपन में पिता और फिर युवावास्था में पति को खोने के बाद क्वीन की सार्वजनिक जिंदगी लगभग खत्म हो गई. वे बच्चों पर ध्यान देने लगीं और जल्द ही इस आदत ने सनक का रूप ले लिया. यहां तक कि वे अपने ही बच्चों की जासूसी करवाने लगीं.

    क्वीन विक्टोरिया की बात करते हुए अक्सर दुनिया पर राज करने वाले देश की सबसे मजूबत स्त्री का खयाल आता है लेकिन विक्टोरिया इससे अलग थीं. पति की मौत के बाद साम्राज्य समेत 9 छोटे बच्चों को अकेले पालते हुए महारानी इतनी बदल गईं कि अपने बच्चों पर भी कंट्रोल करने लगीं. वे उनकी पोशाक से लेकर खानपान और घूमने पर भी नजर रखतीं.

    बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे उनके बेटे बर्टी को विदेश जाने के लिए मां की इजाजत लेनी होती थी. यहां तक कि वे किनके घर जा सकते हैं या कौन उनसे मिलने महल आ सकता है, ये विक्टोरिया की तय करती थीं. साथ ही वे उन लोगों की जासूसी करवातीं जो बेटे के साथ डिनर या पढ़ाई के लिए रहते थे.

    queen Victoria spying on children
    शादी के 17 सालों में क्वीन विक्टोरिया और उनके पति की 9 संतानें हुईं


    वैसे बच्चों के लिए इस अजब असुरक्षा बोध और अलगाव की शुरुआत क्वीन विक्टोरिया के मां बनने के साथ ही हो गई थी. वे घूमना-फिरना और अपने पति के साथ समय बिताना चाहती थीं लेकिन प्रेग्नेंसी की दिक्कतें इसमें आड़े आतीं. तभी से क्वीन प्रेग्नेंसी और बच्चों से बिदकने लगीं. हां, ये बात और है कि शादी के लगभग 17 सालों में क्वीन और उनके पति की 9 संतानें हुईं.

    कहीं-कहीं इतिहासकार ये भी मानते हैं कि क्वीन का बच्चों पर कंट्रोल और जासूसी वाला रवैया इतनी सारी प्रेग्नेंसी और उससे आए हार्मोनल बदलाव का नतीजा रहा होगा. इसका जिक्र बायोगग्राफी वेबसाइट में मिलता है. खुद विक्टोरिया ने लिखा था कि उन्हें नवजात शिशु पसंद नहीं, जब तक कि वे थोड़े बडे़ और इंसान की तरह दिखने लायक नहीं हो जाते.

    मातृत्व से एकदम बिदकी सी लगने वाली क्वीन ने एक बार अपनी बेटी एलिस पर भी अपनी सोच थोपने की कोशिश की थी. दरअसल एलिस को मातृत्व से जुड़ी सारी चीजें पसंद थीं. वे शाही घराने की होने की बाद भी अपनी संतानों को ब्रेस्टफीड कराना चाहती थीं. यहां बता दें कि शाही घराने में मांएं संतानों को अपना दूध नहीं पिलाती थीं क्योंकि इससे आकर्षण घटने का डर रहता था. इसकी बजाए दूसरी नई मांएं इस काम के रखी जातीं, जिन्हें इसकी तनख्वाह भी मिलती थी.

    queen Victoria spying on children
    क्वीन विक्टोरिया शाही घराने की महिलाओं के ब्रेस्टफीड कराने के खिलाफ थीं


    अब लौटते हैं एलिस पर, तो वे अपने बच्चों को ब्रेस्टफीड कराने की जिद पर थीं. पहले तो क्वीन विक्टोरिया ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तब भी एलिस जिद पर रहीं तो उन्होंने उसकी तुलना पशु से कर दी. क्वीन की सोच थी कि गाय जैसे जानवर ही अपने बच्चों को दूध पिलाते हैं और शाही घराने की स्त्रियों को इससे दूर ही रहना चाहिए. एलिस इसके बाद भी न मानी. तब गुस्साई रानी ने अपनी गायों में से एक का नाम एलिस रख दिया ताकि वे अपनी बेटी को अपमानित कर सकें.

    बेटी के अलावा दूसरी संतानों और खासकर अपने बेटे बर्टी पर भी महारानी ने जमकर हुकूमत चलाई. यहां तक कि बर्टी की शादी के बाद भी वे उसकी वैवाहिक जिंदगी में घुसपैठ करती रहीं. बर्टी की शादी साल 1863 में डेनमार्क की राजकुमारी एलेक्जेंड्रा से हुई थी. इसके बाद वे बकिंघम पैलेस न जाकर मालबोरो हाउस में रहने लगे. ये जगह महल से कुछ दूर ही थी.

    queen Victoria spying on children
    बेटी के अलावा दूसरी संतानों और खासकर बेटे बर्टी पर भी महारानी ने जमकर हुकूमत चलाई (Photo- picryl)


    शादीशुदा बेटे-बहू को स्पेस देने की बजाए क्वीन विक्टोरिया उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी हर बात का फैसला लेने लगीं. कहा तो ये भी जाता है कि एक बार क्वीन ने ये तक बताने की कोशिश की थी कि उनके बेटे और बहू को सोने के लिए जाना चाहिए.

    राजकुमारी एलेक्जेंड्रा घुड़सवारी की शौकीन थीं लेकिन शादी के बाद सास यानी क्वीन विक्टोरिया ने इसपर पाबंदी लगा दी. उनको लगता था कि इससे राजकुमारी की प्रेग्नेंसी प्रभावित हो सकती है. एक ओर अपने ही मातृत्व से चिढ़ने वाली ये महारानी बहू की प्रेग्नेंसी को लेकर काफी आग्रही रहीं. शाही घराने में हरेक का अलग डॉक्टर होता है. बहू का भी नियमानुसार अलग डॉक्टर था, जो नियमित तौर पर जांच के लिए आता था. महारानी ने उससे कह रखा था कि वो एलेक्जेंड्रा की सेहत की सारी जानकारी उन्हें दे, खासकर अगर गर्भ ठहरने जैसी कोई बात हो.

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