9/11 के बाद अमेरिका में क्यों ज्यादा पैदा होने लगे थे बच्चे?

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Updated: September 11, 2019, 10:51 AM IST
9/11 के बाद अमेरिका में क्यों ज्यादा पैदा होने लगे थे बच्चे?
हमले के 9 महीने बाद अमेरिका में 20 फीसदी ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया

9/11 हमले से पूरा अमेरिका (America) थर्रा गया. आतंकी हमले (terrorist attack) में करीब 3 हजार लोग मारे गए. लेकिन उससे भी बड़ी त्रासदी हमले के बाद नजर आई. अमेरिका पर हुए सबसे भीषण हमले के कुछ हैरान करने वाले तथ्य..

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आज से 18 साल पहले आतंकी हमले (terrorist attack) से पूरा अमेरिका (America) थर्रा गया था. सबसे ताकतवर मुल्क पर सबसे भीषण और बर्बर हमला हुआ था. अलकायदा के आतंकियों (terrorist) ने चार विमानों को हाईजैक किया और उसे मिसाइल बनाकर अलग-अलग जगहों पर क्रैश करवा दिया. अमेरिका में हुए इस सबसे बड़े आतंकी हमले में 3 हजार लोग मारे गए थे.

किसी को अंदाजा नहीं था कि अमेरिका जैसे देश में दहशतगर्दी का ऐसा रूप भी देखने को मिल सकता है. 11 सितंबर 2001 की सुबह अलकायदा के आंतकियों ने चार विमानों को हाईजैक किया. पहले दो विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिए. इस हमले में विमान में सवार सभी लोग और ट्विन टावर में काम करने वाले लोग मारे गए.

दुनिया को अपनी कारोबारी ताकत का प्रदर्शन करती दोनों इमारतें महज 2 घंटे के भीतर जमींदोज हो गई. आसपास की इमारतों को भी भारी नुकसान हुआ. इसके बाद आतंकियों ने अमेरिका के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन पर हमला किया.

100 दिन तक जलता रहा ट्विन टावर का मलबा

इतने बड़े हमले का किसी को अंदेशा तक नहीं था. ट्विन टावर के ढहने से अमेरिका को करोड़ों डॉलर्स का नुकसान हुआ. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के भीतर सिर्फ कलाकारी की इतनी वस्तुएं बर्बाद हुईं, जिसकी कीमत करीब 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 717 करोड़ रुपए थी.

हमले के बाद ट्विन टावर का मलबा कई दिनों तक जलता रहा. न्यूयॉक में फायर फाइटर्स को पूरी तरह से आग बुझाने में 100 दिन लग गए.

us america terrorist attack on world trade center 9 11 anniversary september 11 2001 some unknown facts
ट्विन टावर का मलबा 100 दिनों तक जलता रहा

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हमला इतना भीषण था कि न्यूयॉर्क में ग्राउंड जीरो से सिर्फ 291 शव मिले. बाकी के शवों की पहचान ही नहीं हो सकी. अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमले में शरीर के कितने चीथड़े उड़े होंगे कि उनकी पहचान भी न हो सकी.

हमले में मारे गए लोगों की पहचान के लिए वर्षों का इंतजार

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दक्षिणी टावर से टकराने वाले प्लेन में एक 22 साल की लड़की सफर कर रही थी. उसका नाम था लिसा अने फ्रॉस्ट. लिसा के माता पिता को मलबे से अपनी बेटी की पहचान वाली कुछ चीजें हासिल करने में एक साल लग गए. अंदाजा लगाया जा सकता है कि विशाल मलबे से किसी पैसेंजर की इस्तेमाल की हुई वस्तुओं से उनकी पहचान करना कितना मुश्किल रहा होगा.

हमले के बाद की कहानी और भी दिल को झकझोर देने वाली है. हमले में मारे गए और अनाथ हुए लोगों के बारे में पता किया जाने लगा तो एक सिहरन दौड़ गई. एक आंकड़े के मुताबिक 9/11 के भीषण हमले में 3 हजार 51 बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया. एक झटके में इतने बच्चे अनाथ हो गए. इन परिवारों की त्रासदी का सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है.

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हमले में मारे गए लोगों की पहचान में बरसों लग गए


9/11 हमले के बाद ऐसी करीब 7 मांओं ने अपने बच्चे को जन्म दिया, जिनके पिता की मौत हमले में हो चुकी थी. उन 7 बच्चों ने दुनिया देखी लेकिन अपने पिता को जीवित नहीं देख पाए.

हमले के 9 महीने बाद अमेरिका में 20 फीसदी ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया

लोगों ने अपने मन को शांत रखने के लिए कई जतन करने शुरू कर दिए थे. अपने मन को बहलाना शुरू कर दिया था. हमले की त्रासदी को मन से मिटाना संभव न था, लेकिन लोगों ने उस ओर से अपना ध्यान हटाने की खूब कोशिश की. रिसर्च से इस बात का पता चलता है.

9/11 हमले के 9 महीने बाद पैदा हुए बच्चों के आंकड़े पता किए गए. पता चला कि एक साल पहले की तुलना में 9/11 हमले के 9 महीने बाद 20 फीसदी ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया. मनोवैज्ञानिक इस आंकड़े का कई पहलुओं में विश्लेषण कर सकते हैं.

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First published: September 11, 2019, 10:51 AM IST
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