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क्या डोनाल्ड ट्रंप के हाथ से चली जाएगी राष्ट्रपति की कुर्सी? जानें महाभियोग मामले में आगे की राह

क्या डोनाल्ड ट्रंप के हाथ से चली जाएगी राष्ट्रपति की कुर्सी? जानें महाभियोग मामले में आगे की राह

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन (Republican) की कमजोर मौजूदगी की वजह से ट्रंप (Donald Trump) को हार का मुंह देखना पड़ा और उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment) पास हो गया. सवाल पैदा होता है कि अब क्या होगा?

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन (Republican) की कमजोर मौजूदगी की वजह से ट्रंप (Donald Trump) को हार का मुंह देखना पड़ा और उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment) पास हो गया. सवाल पैदा होता है कि अब क्या होगा?

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन (Republican) की कमजोर मौजूदगी की वजह से ट्रंप (Donald Trump) को हार का मुंह देखना पड़ा और उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment) पास हो गया. सवाल पैदा होता है कि अब क्या होगा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति (American President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव से महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment) पास हो चुका है. हालांकि कहा जा रहा है कि डेमोक्रेटिक बहुमत वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में ये होना ही था. ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास होने के लिए 216 वोटों की जरूरत थी, वहीं निचली सदन में डेमोक्रेट्स के पास 233 सदस्य हैं.

    हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन की कमजोर मौजूदगी की वजह से ट्रंप को हार का मुंह देखना पड़ा और उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया. सवाल पैदा होता है कि अब क्या होगा? अमेरिकी संसद के निचले सदन से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित हो जाने के बाद अब ट्रंप के सामने कैसी मुश्किलें आने वाली हैं?

    क्या ट्रंप को इस्तीफा देना पड़ सकता है?
    अभी ऐसी स्थिति नहीं है, जिसमें कहा जाए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस्तीफा देना पड़ सकता है. सिर्फ इस आधार पर कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास कर दिया है, सीनेट में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता. अगर सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव चलाने का फैसला भी लिया जाता है तो इसके लिए सीनेट के दो तिहाई सदस्यों की मंजूरी जरूरी होगी. ये आसान नहीं है, क्योंकि सीनेट में रिपब्लिकन को बहुमत हासिल है.

    सीनेट में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव तभी मुमकिन है, जब रिपब्लिकन सदस्य भी इसके पक्ष में हों. सीनेट के 45 डेमोक्रेट्स और 2 निर्दलियों के साथ ही रिपब्लिकन के 53 सदस्यों में कम से कम 20 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ वोट करना होगा. ये इतना आसान नहीं है क्योंकि पिछले दिनों कुछ डेमोक्रेट्स ही पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर कुछ मुद्दों पर ट्रंप का समर्थन कर चुके हैं. वर्जीनिया के सांसद जो मनचिन तृतीय उन्हीं में से एक हैं.

    us president donald trump impeached what happens now in senate trial
    डोनाल्ड ट्रंप ने महाभियोग की प्रक्रिया को लोकतंत्र पर हमला बताया है.


    सीनेट में क्या होगी महाभियोग प्रस्ताव चलाने की प्रक्रिया?
    सीनेट अगर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की इजाजत दे भी देता है तो इसके ट्रायल को लेकर नियम कानून बनाने होंगे. अमेरिकी संविधान राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव चलाने की इजाजत देता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया को लेकर कोई साफ दिशा निर्देश नहीं है.

    सवाल है कि क्या ट्रंप के खिलाफ गवाह पेश किए जाएंगे, ट्रंप के खिलाफ वो कौन से सबूत होंगे, जो सदन में मान्य होंगे. इसके लिए सीनेट में रिपब्लिकन के नेता और डेमोक्रेट्स के नेता के बीच बातचीत के आधार पर फैसला लेना होगा. इसके बाद ट्रायल की तारीख तय होगी, जो संभवत: जनवरी महीने की हो सकती है.

    अमेरिकी चीफ जस्टिस की निगरानी में चलाया जाता है महाभियोग प्रस्ताव
    इसके बाद अमेरिका के चीफ जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट्स जूनियर प्रिजाइडिंग ऑफिसर की भूमिका में ट्रायल की निगरानी करेंगे. चीफ जस्टिस ये देखेंगे कि बिना पक्षपात के सीनेटर इस संबंध में शपथ लें. सीनेटर सिर्फ लिखित में कोई सवाल पूछ सकते हैं, जिसे चीफ जस्टिस पढ़कर सुनाएंगे. इसमें चीफ जस्टिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है. सीनेट और चीफ जस्टिस के बीच मतभेद की स्थिति में चीफ जस्टिस की ही बात सुनी जाएगी.

    us president donald trump impeached what happens now in senate trial
    सीनेट में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव चलाना आसान नहीं है


    डेमोक्रेट्स अभियोजन पक्ष की भूमिका निभाएंगे. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी कानूनी टीम की मदद ले सकते हैं. इसमें व्हाइट हाउस के वकील भी ट्रंप के पक्ष में शामिल हो सकते हैं. सीनेट में इस दौरान हफ्ते के छह दिनों तक ट्रायल चलेगा और इस दौरान सीनेट में कोई और काम-काज नहीं होगा.

    सीनेट में ट्रायल और वोटिंग दोनों पारदर्शी तरीके से होगा. सीनेट मेंबर लगातार बंद दरवाजों के पीछे रहेंगे. ट्रंप के खिलाफ सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के लिए उन्हें कम से कम दो में से एक मामले में दोषी साबित करना पड़ेगा. इन दो मामलों में एक है- सत्ता का दुरुपयोग और दूसरा है- कांग्रेस को रोकना. इनमें से किसी एक में भी अगर ट्रंप के खिलाफ दोष साबित होता है तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है.

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    Tags: America, Donald Trump, Impeachment Notice, Impeachment Proposal, President of the USA

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