अपना शहर चुनें

States

Explained: क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की एक्सरसाइज बाइक को लेकर मचा हंगामा?

सीक्रेट सर्विस फिलहाल बाइडन की एक्सरसाइज बाइक को ले जाने को लेकर परेशान है
सीक्रेट सर्विस फिलहाल बाइडन की एक्सरसाइज बाइक को ले जाने को लेकर परेशान है

जो बाइडन (Joe Biden) की पसंदीदा बाइक को वाइट हाउस (White House) में शायद ही जगह मिले. सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि बाइक हैक की जा सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 12:02 PM IST
  • Share this:
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) वाइट हाउस पहुंच चुके हैं, हालांकि सीक्रेट सर्विस फिलहाल उनकी एक्सरसाइज बाइक को ले जाने को लेकर परेशान है. दरअसल बाइडन के पास कसरत के लिए 'पेलोटॉन' बाइक है, उसे लेकर खुफिया एजेंसी को डर है कि इससे बाइडन या फिर वाइट हाउस की सुरक्षा पर असर हो सकता है.

सुरक्षा सबसे अहम
पुराने राष्ट्रपति के जाने और नए राष्ट्रपति के आने से पहले वाइट हाउस की डीप क्लीनिंग होती है. इसमें भवन को किसी वायरस या बैक्टीरिया से ही मुक्त करना मकसद नहीं होता, बल्कि ये भी देखा जाता है कि सुरक्षा के भी सारे इंतजाम ठीक हों. दुनिया के सबसे ताकतवर देश के सबसे ऊंचे ओहदे पर बैठे शख्स की सुरक्षा इतनी अहम है कि कई बार खुद राष्ट्रपति की चीजें जांच के दायरे में आ सकती हैं. ऐसा ही कुछ बाइडन के साथ हो रहा है.

ये भी पढ़ें: Explained: क्या है वैक्सीन डिप्लोमेसी, जिसमें भारत China से बाजी मार सकता है?
बाइडन की व्यायाम की बाइक


कोरोना और लॉकडाउन के दौरान बाइडन ने कसरत के लिए एक खास तरह की बाइक ली थी. पेलोटॉन बाइक के बारे में उन्होंने बताया भी था कि वे बंदी के दौरान फिट रहने के लिए इसपर काफी निर्भर हो चुके हैं. अब इस बाइक पर खुफिया सर्विस की निगाहें हैं. उनका कहना है कि इस बाइक का वाइट हाउस में होना राष्ट्रपति की सुरक्षा पर भारी पड़ सकता है.

पेलोटॉन एक हाई टेक बाइक है- सांकेतिक फोटो (pixnio)


कैसे कसरत की बाइक सुरक्षा में सेंध लगा सकती है
पेलोटॉन हाई टेक बाइक है. ये इनडोर व्यायाम के लिए बनी हुई है. कसरत के दौरान इसमें लोगों से बातें भी की जा सकती हैं और इंटरनेट पर चीजें भी देखी जा सकती हैं. बाइक में कैमरा, माइक्रोफोन और टैबलेट जुड़ा हुआ है. राइडर इससे लाइव फिटनेस क्लास भी ले सकता है. कार्बन स्टील और एलुमीनियम से बनी ये बाइक काफी वजनी लोगों को भी संभाल सकती है. यूजर अगर चाहें तो इस बाइक के लिए अलग से क्लास भी ले सकते हैं, जिसकी उन्हें अलग कीमत देनी होती है.

ये भी पढ़ें: रूसी राष्ट्रपति पुतिन का आलीशान सीक्रेट महल, जहां किसी का भी पहुंचना नामुमकिन है

काफी महंगी होने के बाद भी अमेरिका में ये बाइक काफी लोकप्रिय हो चुकी है. इंडियन एक्सप्रेस ने न्यूयॉर्क टाइम्स का हवाला देते हुए बताया कि कंपनी के बाइक तैयार करने के पांच सालों के भीतर ही 577,000 बाइक्स बेची जा चुकी हैं.

ये भी पढ़ें: Explained: अंतरिक्ष का रेडिएशन कितना खतरनाक है, क्या बदलता है शरीर में? 

हैक होने का खतरा
लगभग डेढ़ लाख की ये बाइक हैकिंग के लिए आसान टारगेट हो सकती है. बाइडन पर ये खतरा लगातार मंडरा रहा है, खासकर जिन हालातों में उन्होंने शपथ ग्रहण किया. इसपर ज्यादा मुश्किल चीज ये हो गई कि खुद बाइडन ने ही एक पॉडकास्ट में अपनी फिटनेस का राज इस बाइक को दिया. इससे ये खतरा बढ़ गया है कि बाइक के उपकरण हैक कर लिए जाएं और बाइडन के रुटीन या फिर उनकी गोपनीय बातें भी पता लग जाएं.

biden
खुद बाइडन ने ही एक पॉडकास्ट में अपनी फिटनेस का राज इस बाइक को दिया


लगातार हो रहा है सवाल 
बाइडन की सुरक्षा और बाइक से जुड़ा ये सवाल सबसे पहले एक साइंस मैगजीन Popular Mechanics ने उठाया. इसके बाद से खुफिया एजेंसियां दुविधा में हैं क्या उन्हें बाइडन की इस पसंदीदा बाइक को वाइट हाउस के भीतर ले जाने की इजाजत देनी चाहिए. अगर बाइडन चाहें तो उन्हें इसकी इजाजत मिल जाएगी लेकिन इसके लिए सीक्रेट सर्विस एजेंट उनकी बाइक की गहन जांच-पड़ताल करेंगे. साथ ही साथ कैमरा और इंटरनेट हटा दिया जाएगा. इसके बाद बाइक किसी सामान्य इनडोर बाइक की तरह हो जाएगी और ये वाइट हाउस जा सकेगी.

ये भी पढ़ें: चीन में मीठे पानी की सबसे बड़ी झील 'पोयांग' को लेकर क्यों मचा हल्ला?   

अमेरिकी राष्ट्रपतियों को स्मार्टफोन रखने की अनुमति तक नहीं 
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में डिवाइस को लेकर सुरक्षा का मुद्दा पहले भी उठता रहा है. ज्यादातर राष्ट्रपतियों को इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं मिल सकी. जैसे स्मार्टफोन और यहां तक कि ईमेल्स भी. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ऐसे पहले ज्ञात राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने ईमेल का इस्तेमाल शुरू किया. यहां तक कि ओबामा ने अपने पास स्मार्टफोन रखने के लिए नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) से भी बातचीत की और मंजूरी पाई. हालांकि ओबामा के फोन से सारे बिल्ट-इन फीचर हटा दिए गए थे और उन्हें केवल 10 नंबर सेव करने की इजाजत मिल सकी थी. बाद में वे टैबलेट का इस्तेमाल करने लगे.

पहले से ही फिटनेस बैंड पर भी हैकिंग जैसे सवाल उठते रहे हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


फिटनेस बैंड से भी खतरा
ये तो हुई बाइडन की हाई-टेक बाइक की बात, लेकिन इससे पहले से ही फिटनेस बैंड पर भी हैकिंग जैसे सवाल उठते रहे हैं. कहा जा रहा है कि फिटनेस बैंड प्राइवेसी पर खतरा साबित हो सकते हैं. भारतीय मूल के एक रिसर्चर ने दावा किया है कि इनमें जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग होता है, वो यूजर के हेल्थ डाटा आसानी से चुराकर यहां से वहां भेज सकती है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या कहते हैं शोधकर्ता
कंपनियां दावा करती हैं कि वे सुरक्षा और निजता का पूरा ख्याल रखेंगी लेकिन अब तक इसकी कोई गारंटी कोई कंपनी देती नजर नहीं आई. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया और बार्कले ने मिलकर ये शोध किया, जिसमें मुख्य शोधकर्ता भारतीय मूल के इंजीनियर अनिल अश्विनी ने दावा किया कि एक्टिविटी ट्रैकर्स और स्मार्टवॉचेज जैसी डिवाइस में एआई का उपयोग होता है, वो यूजर का डाटा स्टोर कर लेती है और इसे हैक भी किया जा सकता है.

एआई की मदद से यूजर का रोजमर्रा का पैटर्न समझा जा सकता है. फेसबुक जैसी सोशल साइट भी इसी इंटेलिजेंस की मदद से यूजर का हेल्थ डाटा इकट्ठा कर सकती है और फिर इस जानकारी को किसी कंपनी से साझा भी कर सकती है. ये डाटा दूसरी कंपनियों को बेचा जा सकता है. इस तरह से किसी के भी पास आपकी सेहत और आपके रुटीन की अहम जानकारी इकट्ठा हो जाएगी, जो कि बहुत खतरनाक है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज