Home /News /knowledge /

प्रति सेकेंड 2,00,000 लाख करोड़ की गणना करने वाला अमेरिकी सुपर कंप्यूटर

प्रति सेकेंड 2,00,000 लाख करोड़ की गणना करने वाला अमेरिकी सुपर कंप्यूटर

अमेरिका ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाने का दावा किया है. अमेरिका ने इस कंप्यूटर का नाम सम्मिट रखा है. पढ़िए दुनिया के इस सबसे तेज सुपर कंप्यूटर के बारे में खास बातें.

अमेरिका ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाने का दावा किया है. अमेरिका ने इस कंप्यूटर का नाम सम्मिट रखा है. पढ़िए दुनिया के इस सबसे तेज सुपर कंप्यूटर के बारे में खास बातें.

अमेरिका ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाने का दावा किया है. अमेरिका ने इस कंप्यूटर का नाम सम्मिट रखा है. पढ़िए दुनिया के इस सबसे तेज सुपर कंप्यूटर के बारे में खास बातें.

    अमेरिका ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर बनाने का दावा किया है. अमेरिका ने इस कंप्यूटर का नाम सम्मिट रखा है. बीते हफ्ते ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी के एनर्जी डिपार्टमेंट ने इस कंप्यूटर के बारे में दुनिया को बताया.

    इसकी ताकत का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि 2,00,000 लाख करोड़ की कैलकुलेशन को ये एक सेकेंड में सुलझा सकता है. जो 200 पेटा फ्लॉप्स के नाम से जानी जाती है. जानिए इस सम्मिट सुपर कंप्यूटरों की अन्य खासियतों के बारे में और क्या होता है पेटा फ्लॉप्स?

    स्पीड में सबका बाप
    अमेरिकी दावा है कि जितनी कैलकुलेशन सम्मिट के लिए एक सेकेंड में संभव है, उतनी एक इंसान को करने में 6 अरब साल लगेंगे. इसकी ताकत को आप ऐसे समझ सकते हैं कि पिछले रिकॉर्ड होल्डर चीनी सनवे ताइहूलाइट की तुलना में ये दोगुना तेज है.

    एमआईटी टेक रिव्यू के मुताबिक अगर इसकी कैलकुलेशन को दुनिया का हर आदमी हर रोज हर सेकेंड करे तो भी सभी को इसे सॉल्व करने में 305 दिन लगेंगे. अमेरिका का ये सुपर कंप्यूटर सम्मिट उनके विज्ञान, खोज और टेक्नोलॉजी में लीडरशिप के बारे में बताता है.



    पेटाफ्लॉप्स क्या होता है?
    सुपर कंप्यूटरों की रफ्तार को मापने के लिए पेटाफ्लॉप्स एक यूनिट तय की गई है. जो 1000 मिलियन मिलियन यानि 1000000000000000 प्रति सेकेंड होती है. सिस्टम्स में पेटाफ्लॉप्स से होने वाली गणना ज्यादा सटीक साबित होती है. इसे खासकर प्रोग्रामिंग के लिए तैयार किया गया है.

    हजारों मशीन का एक गठजोड़ ये कंप्यूटर
    सुपर कंप्यूटर कोई एक मशीन नहीं है. दरअसल ये 4608 कंप्यूटरों का एक सर्वर है. इसके हर कंप्यूटर में दो 22 कोर IBM पावर9 प्रोसेसर और 6 NVIDIA टेस्ला V100 ग्राफिक्स होता है. पुराने कंप्यूटर टाइटन की तुलना में ये 8 गुना ज्यादा ताकतवर है.



    हजारों गैलन पानी कूलिंग के लिए जरूरी
    इतने बड़े सुपर कंप्यूटर को चलने के लिए ज्यादा जगह, बिजली और बेहतर वातावरण की जरूरत पड़ती है. अमेरिका के इस नए सुपर कंप्यूटर का वजन 340 टन है. इसे ठंडा रखने के लिए 4 हजार गैलन पानी की जरूरत होती है.

    इसमें खर्च होने वाली बिजली से अमेरिका के 8 हजार घरों को रोशन किया जा सकता है. इसको रखने के लिए 860 वर्ग मीटर यानि 9250 वर्ग फीट की जरूरत पड़ेगी. ये जगह 3 टेनिस कोर्ट साइज के बराबर है.

    कहां होगा इस्तेमाल?
    अब सवाल है कि इतनी तेज रफ्तार से काम करने वाले इस कंप्यूटर को कहां इस्तेमाल किया जाएगा. iflscience.com के मुताबिक विज्ञान से लेकर मेडिसन तक कई ऐसी चीज़ें हैं, जहां इसकी ताकत का इस्तेमाल हो सकता है.

    अंतरिक्ष में सुपरनोवा पर रिसर्च करने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे मेडिकल रिसर्चरों को अमेरिका में कैंसर पीड़ितों को लेकर व्यापक दृश्य मिलेगा. इसके अलावा इंसानों में अलज़ाइमर के पैटर्न को पहचानने में भी मदद मिलेगी

    Tags: America, Protect from cancer

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर