जानिए क्या है बाइडन द्वारा नामित वनिता गुप्ता का यूपी के मुजफ्फरनगर से कनेक्शन

वनिता गुप्ता (Vanita Gupta) को मानवअधिकारों का बहुत अच्छा अनुभव है जो उन्हें अमेरिका के अन्य अटॉर्नी से अलग बनाता है.  (तस्वीर: Twitter @vanitaguptaCR)

वनिता गुप्ता (Vanita Gupta) को मानवअधिकारों का बहुत अच्छा अनुभव है जो उन्हें अमेरिका के अन्य अटॉर्नी से अलग बनाता है. (तस्वीर: Twitter @vanitaguptaCR)

अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडन (Joe Biden) ने भारतीय मूल की वनिता गुप्ता (Vanita Gupta) को एसोसिएट एटॉर्नी जनरल पद के लिए नामित किया है. वनिता का उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से कनेक्शन है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 9:14 PM IST
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अमेरिका (USA) में सत्ता हस्तांतरण के लिए दो सप्ताह से भी कम का समय बचा है. चुने गए राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) अपनी नई कैबिनेट के निर्माण की तैयारी में लगे हैं. इस काम में लगी उनकी टीम में बहुत सारे भारतीय मूल के सदस्य हैं. ऐसे में बाइडन ने गुरुवार को आटॉर्नी जरनल के ऑफिस के लिए अपनी टीम के सदस्यों को नामित किया है. इसमें उन्होंने एसोसिएट एटॉर्नी जरनल पद के लिए भारतीय-अमेरिकी वनिता गुप्ता (Vanita Gupta) को नामित किया है. बहुत कम लोग जानते हैं वनिता का भारत के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से संबंध है.

क्यों चुनी गई वनिता

वनिता पहले कार्यावाहक असिस्टेंट एटॉर्नी जरनल रह चुकी हैं और फिलहाल अमेरिकी के जाने माने और सम्मानित सिविल राइट्स अटॉर्नी में से में से एक हैं. अबने इस भूमिका को निभाने वाली पहले ‘कलर इन वुमन’ होंगी. जो बाइडन की ट्रांजीशन टीम का कहना है कि उन्होंने अपना करियर अमेरिके का न्याय व्यवस्था में समानता के लिए और हर अमेरिकी के सम्मा और अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक लड़ाइयां लड़ी हैं.

कानून की पढ़ाई
अमरेका में पैदा होने के बाद भी वनिता का बचपन ज्यादातर इंग्लैंड और फ्रांस में बीता है. उन्होंने येल और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल से ग्रैजुएट किया है. वे अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन (ACLU) के सेंटर फॉर जस्टिस में डिप्टी लीगर डायरेक्टर और फिर डायरेक्टर का पद संभाल चुकी हैं. करियर के शुरुआती दौर में ही उन्होंने नाबालिक बच्चों के मानवआधिकारों के लिए काम करने का चुनाव किया था.

इस वजह से आईं दुनिया की निगाहों मेंसाल 2006 मे एसीएलयू में स्टाफ अटॉर्नी के तौर पर दुनिया भर से आने वाले प्रवासी बच्चों को टेक्सास की निजी जेल में रखने का विरोध किया था जिसकी वजह से वे सुर्खियों में रहीं थीं. टेक्सास के टूलिला इलाके में उन्होंने 38 लोगों की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी. इनमें से अधिकांश अफ्रीकी मूल के अमेरिकी थे, जिन्हें मादक पदार्थो के आरोपों में गलत तरीके से दोषी ठहराया गया था. वनिता ने उन्हें मुआवजे के तौर पर 60 लाख डॉलर भी दिलाए थे.
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US Capitol violence: समझिए कैसे डोनाल्ड ट्रम्प को हटाया जा सकता है सत्ता सेभारत से अमेरिका गए थे वनिता के पिता46 साल की वनिता गुप्ता फिलहाल जन और मानव अधिकार पर लीडरशिप कॉन्फ्रेस की सीईओ और अध्यक्ष हैं. अमेरिकी सीनेट द्वारा इस बात कि पुष्टि की गई है कि गुप्ता न्याय विभाग में सबसे ऊंचे ओहदे वाली भारतीय अमेरिकी होंगी. वैसे तो वनिता का जन्म अमेरिका के पिनसिलवेनिया की फिलाडेलफिया शहर में 1974 में हुआ था, लेकिन उनके पिता-पिता भारतीय हैं जो भारत से अमेरिका गए थे.

क्या है मुजफ्फरनगर से कनेक्शन



वनिता के पिता भारत के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पैदा हुए थे. जो आईआईटी बॉम्बे से मैकिनकल इंजीनियरिंग की डिग्री करने के बाद आगे की पढाई करने अमेरिका चले गए थे जहां उन्होंने एसएस और एमबीए की डिग्री ली. आज वे वहां डेलफाइ ऑटोमोटिव के चेयरमैन हैं.

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वनिता जनवरी 2017 तक अमेरिका के न्याय विभाग में प्रिंसिपल डिप्टी एसिसटेंट एटॉर्नी जरनल और उसके सिविल राइट्स विभाग की प्रमुख रह चुकी हैं. उन्हें साल 2014 में ओबामा प्रशासन ने अमेरिका के लिए चीफ सिविल राइट्स प्रोसीक्यूटर चुना था. वनिता दो बच्चों की मां हैं और उनके पति चिन क्यू ली डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में लीगल एड सोसाइटी के लीगल डायरेक्टर हैं.
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