देखें वीडियो, स्पेस सेंटर पर कैसे दांतों पर ब्रशिंग करते हैं एस्ट्रोनॉट, निगलना पड़ता है टूथपेस्ट का घोल और कुल्ला

देखें वीडियो, स्पेस सेंटर पर कैसे दांतों पर ब्रशिंग करते हैं एस्ट्रोनॉट, निगलना पड़ता है टूथपेस्ट का घोल और कुल्ला
अंतरिक्ष में आसान नहीं होता टूथब्रश करना

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पिछले करीब एक दशक से अंतरिक्ष यात्रियों के रहने की जगह बना हुआ है. वहां कुछ महीने रहकर वो तमाम प्रयोगों को अंजाम देते हैं. दो दिन पहले भी स्पेसएक्स रॉकेट से लगे कैप्सुल के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को वहां तक पहुंचाया गया. जानते हैं कि वो वहां रोज टूथब्रश कैसे करते हैं

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हाल ही में स्पेस एक्स के एक रॉकेट के साथ जुड़े खास कैप्सुल के जरिए अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में स्थित स्पेस सेंटर पर पहुंच गए. अब ये कई महीने वहीं रहेंगे. क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष में इन अंतरिक्ष यात्रियों का खाना, सोना, नित्यकर्म करना कितना कठिन होता होगा, क्योंकि वहां ग्रेविटी नहीं होती तो हर चीज तैरती रहती है. आज हम आपको बताते हैं कि अंतरिक्ष यात्री कैसे रोज सुबह टूथब्रश करते हैं. कुछ मामलों में ये हैरानी भरा होता है.

अंतरिक्ष यात्रियों के टूथ ब्रश करने को लेकर हम यहां एक वीडियो भी साथ दे रहे हैं. जिसमें एक अंतरिक्ष यात्री खुद टूथब्रश करके दिखा रहे हैं. जिस तरह अंतरिक्ष में कुछ भी करना मुश्किल है, क्योंकि वहां गुरुत्वाकर्षण नहीं होता यानि धरती पर जिस तरह हम ऊपर से कोई चीज गिरती है तो नीचे आती है, वैसा अंतरिक्ष में नहीं होता. वो तैरने लगता है.

ना पानी के नल होते हैं न ही सिंक
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हाइजीन सबसे महत्वपूर्ण बात होती है. लिहाजा इसके लिए वहां उसी तरह हर बात का खास खयाल रखना होता है. अंतरिक्ष में धरती की तरह नहाने का काम नहीं होता बल्कि वहां पानी की स्पंजिंग के जरिए बाथिंग होती है.बालों को धोने के लिए खास तरह के शैंपू का इस्तेमाल होता है. बाथरूम एकदम अलग तरह के हाईटेक होते हैं.- उसमें तमाम नलियां लगी होती हैं और वैक्यूम सिस्टम होता है.



ऐसे होती है टूथ ब्रशिंग


खैर चलिए अब बात करते हैं कि टूथ ब्रशिंग कैसे की जाती है. ये इतनी आसान नहीं होती, जैसी धरती पर हम लोग रोज करते हैं. रोज हम टूथ ब्रश हाथों में लेते हैं सिंक के सामने खड़े होते हैं. टूथब्रश में टूथपेस्ट लगाते हैं और फिर ब्रशिंग करने के बाद कुल्ला कर लेते हैं.

अंतरिक्ष में ना को कोई ऐसी सिंक होती है और ना ही नल, जिससे आप टूथब्रश के बाद कुल्ला करें ताकि ब्रशिंग के बाद मुंह के अंदर की गंदगी को बाहर निकाल सकें. अंतरिक्ष में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पैदा होते और फैलते हैं.

दांतों पर टूथपेस्ट करने के बाद घोल निगलना होता है 
वहां ब्रशिंग के दौरान जो कुछ होता है, वो बहुत हैरानी भरा होता है.हालांकि अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स वैसे ही टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, जैसे हम धरती पर. पर इसके करने के तरीके में कुछ फर्क होता है. चूंकि वहां पानी टोटियों या नलों के जरिए नहीं आता.

पानी खास तरह की थैलियों से लेना होता है. तो सबसे पहले उस थैली को दबाकर पानी की कुछ बूंदें बाहर निकालते हैं. वो हवा में थैली के ऊपर लगे पाइप के ऊपर आकर इकट्ठी हो जाती हैं. सूखे ब्रश को उस पानी के पास ले जाकर उस भिगो लेते हैं. अब ये ब्रश टूथपेस्ट करने लायक मुलायम हो जाता है.

नासा अपने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खास तरह के निगले जा सकने वाले टूथपेस्ट तैयार करता है


नासा तैयार करता है निगलने वाले टूथपेस्ट 
ब्रश में टूथपेस्ट को निकालते हैं. मुंह में टूथब्रश को घुमाते हुए ब्रशिंग करते हैं. अब ब्रश करने के बाद जो घोल हम सिंक में बाहर निकालते हैं और उसे पानी के जरिए बहा देते हैं. अंतरिक्ष में वैसा नहीं कर सकते हैं, लिहाजा इस पूरे घोल को खुद निगलना होता है. ये अजीब है लेकिन ऐसा करना होता है. नासा ऐसे टूथपेस्ट तैयार करता है, जो इनजेस्टेबल (indigestible) होते हैं, जिन्हें निगलने में कोई नुकसान नहीं होगा.

फिर कैसे धोते हैं यूज किया हुआ टूथब्रश
अगर आप वीडियो देखेंगे तो टूथपेस्ट के बाद टूथ ब्रश को धोने का अंदाज भी निराला होता है. इसमें एस्ट्रोनॉट मुंह में पानी भरता है और ब्रश को मुंह के अंदर डालकर उसे क्लीन करता है. फिर उसे रख देता है.
कई बार एस्ट्रोनॉट अपने पसंद के टूथपेस्ट भी अपनी किट में साथ लेकर जाते हैं लेकिन उन्हें खास ट्रेनिंग और हिदायत दे दी जाती है कि वो इसे कैसे करेंगे. हालांकि वीडियो देखकर आप समझ ही गए होंगे कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में अंतरिक्षयात्री ये काम कैसे करते हैं. इसी तरह अंतरिक्ष दूसरे काम भी कम आसान नहीं होते हैं, इसे हम आपको आगे बताएंगे.

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