कोरोना पर बने इस रिकॉर्डतोड़ Video में थी गलत जानकारी, सोशल मीडिया ने हटाया

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्लैंडेमिक वीडियो को हटााय गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्लैंडेमिक वीडियो को हटााय गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर एक षडयंत्र का वीडियो वायरल हो गया था, लेकिन यूट्यूब और फेसबुक ने गलत जानकारी का हवाला देकर इस हटा दिया.

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नई दिल्ली: आमतौर पर लोग सोशल मीडिया (Social Media) पर मशहूर होने के लिए अजीब वीडियो डालते रहते हैं. लेकिन हाल ही में एक ऐसा वीडियों सोशल मीडिया पर शेयर हुआ जो बहुत वायरल हो गया, लेकिन इसमें दी गई जानकारी पूरी तरह से गलत थी. यूट्यूब और फेसबुक ने इस वीडियो को अपने प्लेटफार्म से डिलीट भी किया, लेकिन तब तक प्लैंडेमिक (Plandemic) नाम का यह वीडियो सारे रिकॉर्ड तोड़ चुका था.

क्या है प्लैंडेमिक
प्लैंडेमिक एक 26 मिनट को वीडियो हैं जिसमें एक गलत दावा किया गया है कि एक वर्ग कोरोना वायरस और उसकी वैक्सीन का लाभ और सत्ता के लिए दुरुपयोग कर रहा है. इस वीडियो में एक अप्रतिष्ठित वैज्ञानिक यह दावा करती भी दिख रही है कि वैक्सीन से होने वाले नुकसान को लेकर उसके शोध को दबा दिया गया है.

कब बना यह  
प्लैंडेमिक 4 मई को ऑनलाइन उपलब्ध हुआ था. इसे कैलीफोर्निया के फिल्म निर्माता मिक्की विलिस ने बनाया है और फेसबुक, यू ट्यूब, विमेयो और अन्य वेबसाइट पर शेयर किया. जल्दी है यह वीडियो वायरल हो गया और फेसबुक के षडयंत्र सिद्धांत  (Conspiracy Theories) के पेजों पर छा गया.



जल्दी हो गया वायरल
एक हफ्ते के भीतर इस वीडियो को विभिन्न साइट पर 8 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था और इस पर अनिगनत कमेंट या पोस्ट भी बने. इस वीडियों में गलत दावे होने के बाद भी यह सोशल मीडिया पर काफी छाया रहा.  सोशल मीडिया कंपनियों ने इस हटाने तक की बात की, इसकी हर जगह आलोचना भी हुई. फिर भी यह ऑनलाइन छाया रहा. अब लोगों में इस बात की चर्चा है कि इस तरह के वीडियो को कैसे कोरोना वायरस को लेकर चिकित्सा जगत पर लोगों के विश्वास से खेलने दिया जा सकता है. वहीं इस वीडियो के निर्माता ने दूसरा वीडियो भी जारी करने की बात की थी.

Social Media
गलत जानकारी देने वाला यह वीडियो जल्दी ही वायरल हो गया.


रिकॉर्ड तोड़ व्यअर्स
यह वीडियो इतना वायरल हो गया, इस पर न्यूयार्क टाइम्स ने शोध किया है. उन्होंने क्राउडएंगल टूल का उपयोग कर पाया कि यह वीडियों 25 लाख बार शेयर किया गया या उस पर कमेंट किया गया था. पहले एक सजिश वाले वीडियो के तौर पर शेयर जाने के बाद यह मेनस्ट्रीम वीडियो में जल्दी ही शामिल हो गया.

कैसे वायरल हुआ वीडियो
5 मई को पोस्ट करने के 24 घंटों के अंदर ही प्लैंडेमिक को  एक क्यूएनन (QAnon) नाम के दक्षिण पंथी कॉन्परेसी ग्रुप ने अपने 25 हजार सदस्यों को “एक्सलूजिव कंटेंट, जरूर देखें” के शीर्षक से, पोस्ट  किया. इसे कुछ ही दिनों में 1660 लोगों ने इसे क्यूएनन पर देखने के बाद अपने खुद के फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया. यहीं से यह वीडियो यूट्यूब, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर पहुंच गया.

और भी जगह से हुआ शेयर
इतना ही नहीं एक महिला अमेरिकी डॉक्टर ने अपने 5 लाख फॉलोअर्स वाले फेसबुक अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर कर दिया. इसके बाद एक हजार लोगों ने इसे फिर से शेयर किया. .यही वीडियो 5 मई की शाम को ही एक और ग्रुप रीओपन अल्बामा पर चला गया जहां से वह कई अन्य रीओपन ग्रुप में चला गया.

एक मार्शल आर्ट विशेषज्ञ और राजनैतिज्ञ भी
इसके अलावा एक मार्शल आर्ट विशेषज्ञ, निक कैटोन ने भी इस वीडियो को शेयर किया जिनके 70 हजार फालोअर हैं. निक के दो साल के बच्चे की साल 2017 में मौत हो गई थी. उन्होंने इसके लिए वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया . वे अभी एक एंटी वैक्सीन एक्टिविस्ट है. उनकी पोस्ट को दो हजार लोगों ने लाइक कर दिया. वीडियो जारी होने के दो दिन बाद अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी की एक सदस्य मेलिसा एकिसन ने अपने बीस हजार समर्थकों को इसे शेयर किया.

Social Media
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसे बहुत बाद में हटाया


फिर हुई आलोचना
 इसके अलावा 7 मई को एक मीडिया लेख में इस वीडियो और इसके गलत दावों का उल्लेख किया गया जो 63 फेसबुक पेजों पर शेयर किया गया. इसके बाद लोगों में इसकी आलोचना को लेकर यह शेयर होने लगा. उसी दिन यूट्यूब और फेसबुक ने इस वीडियो को हटा दिया, लेकिन तब तक यह सब जगह  जा चुका था.

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