इस देश में शादी करते ही किसी भी उम्र में डाल सकते हैं वोट

दुनियाभर के देशों में वोट डालने की उम्र अलग है, ये 16 से लेकर 25 साल के बीच है

News18.com
Updated: April 12, 2019, 2:30 PM IST
इस देश में शादी करते ही किसी भी उम्र में डाल सकते हैं वोट
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Updated: April 12, 2019, 2:30 PM IST
आम चुनाव 2019 का पहला चरण गुरुवार को हुआ. इस दौरान देश के हर आय वर्ग के लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. युवाओं ने भी इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लिया. हमारे देश में पहली बार वोट देने की उम्र 18 साल है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है ‌कि दुनिया के अलग अलग देशों में वोट देने की क्या उम्र है? एक देश ऐसा भी है, जहां वोट देने का रिश्ता शादी से भी जुड़ा है.

वैसे तो दुनिया भर के कई देशों में वोट देने के लिए उम्र 18 साल कर दी गई है लेकिन अभी भी कुछ देश ऐसे हैं जहां पर वोट देने की आधिकारिक उम्र जान कर आप चौंक जाएंगे. कई देश ऐसे भी हैं जहां पर यह उम्र 25 साल है तो कुछ ऐसे भी हैं जहां पर यह 16 ही रखी गई है.

ब्राजील
ब्राजील में मताधिकार का प्रयोग करने की उम्र 1988 में 18 साल से घटा कर 16 साल कर दी गई थी. 1989 में हुए राष्ट्रपति चुनावों में पहली बार 16 साल के युवाओं ने वोट डाला था. इससे पहले ब्राजील में 18 से 70 साल की उम्र के बीच ही लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते थे.

ईरान
ईरान में पहले वोट डालने की आधिकारिक उम्र 15 साल ही थी लेकिन जनवरी 2007 में इसको बढ़ा कर 18 साल कर दिया गया. इसका खासा विरोध भी सरकार को झेलना पड़ा था. साथ ही ईरान के कैबिनेट ने इस फैसले के खिलाफ एक बिल का भी प्रस्ताव दिया था.


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लक्जेमबर्ग
यहां पर भारत की ही तर्ज पर पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने की उम्र 18 साल ही है. हालांकि यहां की सरकार ने जून 2015 में इस उम्र को 16 करने की बात कही थी लेकिन 81 प्रतिशत लोगों ने इसके खिलाफ अपना मत दिया.

माल्टा
20 नवंबर 2013 को माल्टा ने अपने स्‍थानीय चुनावों के लिए मताधिकार की आधिकारिक उम्र 18 से घटा कर 16 कर दी थी. सरकार के इस फैसले का विपक्ष, सामाजिक संस्‍थानों और युवाओं ने भी स्वागत किया था. इसके बाद 29 जनवरी 2018 को माल्टा की संसद में इस बात पर बहस की गई की आम चुनावों, यूरोपीयन संसदीय चुनावों के लिए भी मताधिकार की उम्र को 16 कर दिया जाए. 5 मार्च 2018 को इस बिल को पारित कर दिया गया. इसके बाद माल्टा यूरोपियन यूनियन में पहला देश बना जिसने मताधिकार की उम्र 16 की थी.

यूनाइटेड किंगडम
यूनाइटेड किंगडम में रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1969 लाया गया जिसके बाद यहां वोटिंग की उम्र 21 से घटा कर 18 साल कर दी गई. यह 1970 से लागू की गई. यह 2012 तक लागू रहा जिसके बाद स्कॉटिश इंडिपेंडेंस रेफरेंडम एक्ट 2013 लागू किया गया जिसके बाद 16 साल के युवा भी मताधिकार का प्रयोग कर सकते थे लेकिन यह केवल स्कॉटलैंड के लिए था. यह जिसके बाद स्कॉटलैंड की संसद ने अपने स्‍थानीय चुनावों के लिए 2015 में इसे लागू कर दिया. अन्य जगह यह आज भी 18 साल ही है. इसको लेकर कई बार बहस छिड़ चुकी है लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला.

क्राउन डिपेंडेंसीज
ब्रिटिश क्राउन डिपेंडेंसीज में मताधिकार की उम्र 16 करने के फैसलों को लगभग हर जगह 2006 से 2008 के बीच अपना लिया गया. सबसे पहले आईल ऑफ मैन में कानून में बदलाव किया गया और आम चुनावों के लिए जुलाई 2006 में उम्र घटाकर 16 कर दी गई. जर्सी ने भी इस धारणा को अपनाया और 4 जुलाई 2017 को यहां भी मताधिकार की उम्र घटा दी गई. स्टेट ऑफ ग्यूर्नसी में यह उम्र 31 अक्टूबर 2007 में यह अपनाया गया.



संयुक्त राष्ट्र अमेरिका
यूनाइटेड स्टेटस में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान वोटिंग की उम्र 21 से घटाकर 18 कर दी गई थी. वहीं 2013 में सिटी ऑफ टाकोमा पार्क मैरीलैंड यूनाइटेड स्टेट्स का पहला ऐसा क्षेत्र बना जहां पर मताधिकार के प्रयोग की उम्र 16 की गई.

ऑस्ट्रिया
ऑस्ट्रिया में 1992 में मताधिकार की उम्र 19 से घटाकर 18 की गई और फिर 2007 में इसे एक बार फिर घटा कर 16 कर दिया गया.

दक्षिण कोरिया
पूरी दुनिया में दक्षिण कोरिया अकेला ऐसा राष्ट्र है जहां पर मताधिकार की आधिकारिक उम्र 19 साल है. इसके अलावा किसी भी देश में 19 साल मता‌धिकार की आधिकारिक उम्र नहीं है.

इन देशों में 17 साल की उम्र में डाल सकते हैं वोट
कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पर 17 साल की उम्र में मताधिकार का प्रयोग किया जा सकता है. सूडान, दक्षिण सूडान, उत्तरी कोरिया, इंडोनेशिया, ग्रीस, पूर्वी तिमोर इनमें प्रमुख हैं. वहीं इंडोनेशिया में भी मताधिकार का प्रयोग करने की उम्र 17 साल है लेकिन यदि कोई 17 साल से कम है लेकिन शादीशुदा है तो वह वोट दे सकता है.

इन देशों में है 18 का प्रावधान
अफगानिस्तान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, बहामास, बेल्जियम, बोट्सवाना, कनाडा, कोमोरोस, डेनमार्क, मिस्‍त्र, फिनलैंड, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, गुटेनमाला, इजरायल, जमाइका, जॉर्डन, लेबनान, मार्शल आईलैंड्स, मैसेडोनिया, मॉरिटानिया, केनिया, मंगोलिया, फिलीपींस, सेंट हेलिना, तनजानिया, यमन, जिम्बाव्वे, जापान और इटली में भी 18 साल की उम्र में ही पहली बार मताधिकार का प्रयोग किया जा सकता है.



यहां वोट देना है तो 20 या उससे ज्यादा उम्र का होना जरूरी
नारू, ताईवान और बहरीन में मतदान करने के लिए नागरिक को 20 साल का होना जरूरी है. वहीं, ओमान, सामोआ, तोकेलाऊ, तोंगा, सिंगापुर, मलेशिया, कुवैत, जर्सी और कैमरून में मतदान के लिए 21 वर्ष का होना जरूरी है. वहीं इस सूची में सऊदी अरब सबसे ऊपर है. यहां पर मतदान के लिए 25 साल आधिकारिक उम्र मानी गई है.

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