#MissionPaani: 10 साल पहले भारत जैसी थी स्थिति, अब इजरायल में नहीं होती पानी की किल्लत

इजरायल ने पानी की समस्या से निपटने के लिए वर्षों तक काम किया. इजरायल ने ऐसा सेंट्रलाइज्ड वाटर सिस्टम तैयार किया है, जिसके जरिये वो भरपूर जल संसाधन वाला देश बन गया है. हमें इजरायल से सीखने की जरूरत है.

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 11:15 AM IST
#MissionPaani: 10 साल पहले भारत जैसी थी स्थिति, अब इजरायल में नहीं होती पानी की किल्लत
इजरायल पानी के संकट को दूर करने के लिए सबसे उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है
Vivek Anand | News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 11:15 AM IST
भारत पानी के भीषण संकट से जूझ रहा है. अगर हालात नहीं बदले तो आने वाले वर्षों में स्थितियां और बदतर हो सकती हैं. हर साल गर्मी शुरू होते ही कई राज्यों में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है. कई इलाकों में स्थिति ये होती है कि पूरा दिन पानी के इंतजाम में लगना पड़ता है. भारत पूरे एशिया में सबसे ज्यादा पानी के रिसोर्सेज वाला देश है. फिर ऐसी स्थिति क्यों है? और क्या इस स्थिति को बदला नहीं जा सकता?

पानी के संकट से निपटने के लिए हमें इजरायल से सीखने की जरूरत है. इजरायल ने वाटर मैनेजमेंट के जरिये अपने पानी के संकट को खत्म किया है. दस साल पहले इजरायल की स्थिति भी भारत जैसी ही थी. इजरायल ने इस क्षेत्र में अद्भुत काम किया है. इजरायल ने कोई जादू की छड़ी नहीं घुमाई है कि पानी का संकट अपने आप खत्म हो गया. उसने दशकों तक पानी की समस्या पर काम किया. सेंट्रलाइज्ड वाटर मैनेजमेंट के जरिये उसने पानी की समस्या को खत्म किया.

इजरायल में औसत से आधी होती है बारिश
सबसे बड़ी बात है कि इजरायल ऐसा देश है जहां की 60 फीसदी जमीन रेगिस्तान है, बाकी धरती शुष्क है. 1948 में यहां जितनी औसत बारिश होती थी, उससे अब आधी हो रही है. ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज ने यहां भी असर डाला. उस पर इजरायल की आबादी 1948 की तुलना में 10 गुना बढ़ चुकी है. लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद इजरायल ने पानी के संकट को दूर किया.

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पानी को लेकर इजरायल के पास है सबसे उन्नत तकनीक
इजरायल ने सबसे पहले दो-तीन तरीकों पर काम किया. पहले तो उसने पानी की बर्बादी रोकी, दूसरी गंदे पानी को साफ करने की तकनीक विकसित की, तीसरे उसने पानी के सप्लाई के रिसोर्सेज में इजाफा किया. इजरायल का वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कमाल का है. इन दो-तीन उपायों को अपनाकर इजरायल भरपूर जल संसाधन वाला देश बन गया है. हालत ये है कि चीन, जापान और कनाडा जैसे देश इजरायल की तकनीक अपना रहे हैं और उससे मदद मांग रहे हैं.
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खारे पानी को पीने लायक पानी में बदलना
इजरायल के पास खारे पानी को पीने लायक पानी में बदलने की उन्नत तकनीक है. इस तरह की तकनीक हमारे पास भी है. लेकिन इजरायल की तकनीक कहीं ज्यादा विकसित है. इजरायल ने ऐसी छोटी मशीनें तैयार की हैं, जो आसानी से गंदे पानी को पीने लायक पानी में तब्दील कर सकती हैं. ऐसी मशीनों की लागत भी कम है और वो कहीं भी आसानी से ले जाई जा सकती हैं. भारत में ऐसी मशीनों से लैस गाड़ियां ग्रामीण इलाकों में बड़े काम आ सकती हैं.

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इजरायल ने सेंट्रलाइज्ड वाटर सिस्टम के जरिये दूर किया पानी का संकट


इजरायल सीवेज वाटर का पूरा इस्तेमाल फसलों की सिंचाई के लिए करता है
इसके साथ ही इजरायल ने हवा से पानी बनाने की तकनीक भी विकसित की है. ये अपने आप में कमाल की तकनीक है. सौर उर्जा का इस्तेमाल करके यहां हवा की नमी से पीने का पानी बनाया जाता है. इजरायल ने खेती में पानी के कम से कम इस्तेमाल की तकनीक भी विकसित की है. ड्रिप या माइक्रो इरिगेशन के जरिये वहां खेती में बहुत ही कम पानी से फसलों की पैदावार होती है. इस तकनीक में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है. इस विधि से 25 से 75 फीसदी तक पानी की बचत होती है.

इजरायल ने एक और सबसे बड़ा कदम वेस्ट वाटर (गंदे पानी) को लेकर उठाया है. इजरायल करीब-करीब सारे सीवेज वाटर को ट्रीट करके खेती में इस्तेमाल लायक बना लेता है. पानी के संकट को रोकने का एक और तरीका है पानी के लीकेज को रोकना. यूरोपीय देशों तक में पाइप से पानी सप्लाई में करीब 20 से 30 फीसदी पानी लीकेज से बर्बाद हो जाता है. इजरायल में पाइप लीकेज से पानी की बर्बादी सिर्फ 9 से 10 फीसदी तक होती है.

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First published: July 3, 2019, 10:32 AM IST
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