#MissionPaani: जानिए उस शख्स के बारे में जिसने कहा था कि पानी के लिए होगा तीसरा विश्वयुद्ध?

दरअसल पहले विश्वयुद्ध जमीन पर कब्जे को लेकर हुए. उसके बाद के युद्ध के पीछे तेल और ऊर्जा का स्वार्थ था. तो अब पानी युद्ध की भूमिका तैयार करने के लिए बहने चला है.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 9:32 AM IST
#MissionPaani: जानिए उस शख्स के बारे में जिसने कहा था कि पानी के लिए होगा तीसरा विश्वयुद्ध?
पानी की कमी
News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 9:32 AM IST
पानी की कमी के संकट से दुनिया का हर देश जूझ रहा है. पानी की कमी अब सिर्फ किसी एक देश की नहीं बल्कि दुनिया के बहुत सारे देशों की समस्या बन चुकी है. तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. गर्मी के हालात में कुएं-नल सूखे हैं तो ज़मीन बंज़र होती जा रही है. खेती-किसानी छोड़कर लोग गांव से पलायन को मजबूर हैं. पानी की एक-एक बूंद को लेकर संघर्ष हो रहा है.

पानी के इंतज़ार और इंतज़ाम में देश की एक बड़ी आबादी का हिस्सा सुबह से लेकर रात तक जुटा रहता है. कहीं पानी नहीं तो कहीं बेहद गंदा पानी जिसे पीया नहीं जा सकता. ऐसे में लोगों का गुस्सा पानी के बर्तनों के साथ ही फूटता भी है. कई जगहों पर पानी को लेकर हुए संघर्ष में हत्या तक हो गई. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या नई सदी पानी के संकट की वजह से विश्वयुद्ध की तरफ बढ़ रही है?

इस शख्‍स ने की थी भविष्‍यवाणी

दरअसल, वाकई किसी ने ये भविष्यवाणी की थी कि अगर तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो वो पानी को लेकर लड़ा जाएगा. पानी के स्रोतों और भंडार पर कब्जे को लेकर तीसरे विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी करने वाले शख्स का नाम था बुतरस घाली जो कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव थे. बुतरस घाली ने 30 साल पहले पानी की कमी से होने वाली भयावहता को समझते हुए ये भविष्यवाणी की थी.



वहीं साल 1995 में वर्ल्ड बैंक के इस्माइल सेराग्लेडिन ने पानी के वैश्विक संकट पर कहा था कि इस शताब्दी में तेल के लिए युद्ध हुआ लेकिन अगली शताब्दी की लड़ाई पानी के लिए होगी. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि, ‘ध्यान रहे कि आग पानी में भी लगती है और कोई आश्चर्य नहीं कि अगला विश्वयुद्ध पानी के मसले पर हो.’

पानी के लिए होगा विश्‍वयुद्ध 
Loading...

दरअसल, पहले विश्वयुद्ध जमीन पर कब्जे को लेकर हुए. उसके बाद के युद्ध के पीछे तेल और ऊर्जा का स्वार्थ था. तो अब पानी युद्ध की भूमिका तैयार करने के लिए बहने चला है. सवाल उठता है कि पानी की कमी से उभरने वाले खतरे में क्या विश्वयुद्ध की आहट को देखा जा सकता है?

चाहे भारत हो या अफ्रीकी देश या फिर अमेरिका जैसे देश में भी पानी की कमी से जलसंकट गहराने लगा है. दरअसल, एक बार तेल के बिना ज़िंदगी चल सकती है लेकिन पानी के बिना नहीं. जब सवाल अस्तित्व का आ जाए तब जाहिर तौर पर जिंदगी की जंग लड़ने के लिए पानी पर युद्ध का फैसला कोई भी ताकतवर देश करने से हिचकेगा नहीं.



भारत के 10 करोड़ लोग पानी के लिए तरसेंगे

नदियों का देश कहलाने वाले भारत तक को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट डरावनी और चौंकाने वाली है. नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 तक देश में दस करोड़ लोग पानी की कमी की समस्या का सामना कर रहे होंगे. दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में लोग पानी के संकट से जूझेंगे. वहीं ‘ड्रॉट अर्ली वॉर्निंग सिस्टम’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश का 42 फीसदी हिस्सा असमान्य सूखे से गुज़र रहा है जिसमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने अपनी किताब ‘वॉटर, पीस ऐंड वॉर, कन्फ्रंटिंग द ग्लोबल वाटर क्राइसिस’ में पानी के संकट, बदलते ग्लोबल हालात और पानी के संघर्ष को लेकर बढ़ते खतरों को सामने लाने की कोशिश की है.



अंधाधुंध निर्माण ने पहुंचाया नुकसान

विकास के नाम पर अंधाधुंध निर्माण ने हर देश में प्रकृति को नुकसान पहुंचाया है. कहीं भारी प्रदूषण की वजह से ऑक्सीजन की कमी तो कहीं पॉल्यूशन की वजह से जमीन में जलस्तर का लगातार नीचे गिरना. बेशकीमती पानी के मोल को समझा नहीं गया. ऐसे में अब जमीन भी पानी देने में पहले जैसी नहीं रही. आज जरूरत है कि पानी के संचय, संरक्षण और सुरक्षा के लिए जागृति का जनआंदोलन चलाया जाए ताकि लोगों की चेतना में पानी का महत्व स्थायी तौर पर रह सके. नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अब केवल साल 2030 तक का ही समय है.

ये भी पढ़ें: #MissionPaani: हवा से बनेगा प्योर पानी, जानें क्या होगी कीमत

साल 2015 में नासा के  उपग्रह डेटा से पता चला था कि पानी की प्रचुरता से समृद्ध दुनिया के 37 इलाकों में 21 क्षेत्र पानी की कमी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे. बढ़ती आबादी, खेती और उद्योगों की बढ़ती मांग की वजह से भविष्य में ये हालात बदतर होने की आशंका है.

ये भी पढ़ें: शहर सूखाग्रस्त हैं तो टैंकरों के पास पानी आता कहां से है?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 2, 2019, 5:34 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...