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अमीरों से ये टैक्स वसूलकर गरीबों की झोली भरेंगे 'रॉबिनहुड' राहुल!

अमीरों से ये टैक्स वसूलकर गरीबों की झोली भरेंगे 'रॉबिनहुड' राहुल!

राहुल गांधी (फाइल फोटो)

राहुल गांधी (फाइल फोटो)

    एक रिसर्च पेपर के अनुसार कांग्रेस अपनी स्कीम को फंड करने के लिए एक प्रगतिशील टैक्स लगा सकती है. कांग्रेस अपनी इस योजना को अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाकर फंड कर सकती है. यह बात पेरिस स्थित वर्ल्ड इनइक्वैलिटी लैब नाम की एक संस्था ने अपने रिसर्च पेपर में कही है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार इस रिपोर्ट में बीजेपी के 10% कोटा को एक राजनीतिक स्टंट भी बताया गया है. संस्थान ने 2019 में चुनावों से पूर्व गरीबों की भलाई के लिए किए गए बीजेपी और कांग्रेस के वादों का एक तुलनात्मक अध्ययन पेश किया है.

    हालांकि कांग्रेस ने इस योजना को लेकर कोई विस्तृत प्लान या जानकारी साझा नहीं की है, जिसमें इसके लागू किए जाने या इसके ढांचे की जानकारी हो. ऐसे में पेरिस के इस इंस्टीट्यूट ने अपने पेपर में कई सारे ऐसे रास्ते सुझाएं हैं, जिसके जरिए कांग्रेस अपनी योजना की फंडिंग कर सकती है.

    इस पेपर में अनुमान लगाया गया है कि 72 हजार सालाना आय का वादा करने वाली इस स्कीम को फंड करने से सरकारी राजकोष पर 29000 करोड़ का खर्च आएगा. जो भारत की वर्तमान GDP का 1.3% होगा. इस पेपर में कहा गया है कि इस खर्च को उठाने के लिए सरकार देश के सबसे अमीर 0.1% लोगों पर यानि जिनकी संपत्ति 2.5 करोड़ से ज्यादा है, उनपर 2% वेल्थ टैक्स लगाया जा सकता है. इस टैक्स के जरिए सरकार को 23000 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो GDP का 1.1% होगा.

    इस पेपर को लिखने वाले रिसर्च फेलो नितिन भारती और इंस्टीट्यूट के को-डायरेक्टर लुकास चैंसेल हैं. चैंसेल इंस्टीट्यूट की एक्जीक्यूटिव कमेटी में शामिल है, जिसमें फ्रेंच इकॉनमिस्ट थॉमस पिकेटी भी शामिल हैं. पिकेटी ने आर्थिक असमानता पर जो काम किए हैं, उनकी दुनिया भर में चर्चा हुई है.

    जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस के लिए इस स्कीम की प्लानिंग करने में वे भी शामिल रहे हैं तो चैंसेल ने कहा, सीधे तौर पर नहीं. हमने इस स्कीम के बारे में बात की थी और इसके बारे में अपने विचारों को अभिजीत बैनर्जी के साथ साझा किया था. अभिजीत बैनर्जी MIT में प्रोफेसर हैं और पॉवर्टी एक्शन लैब के डायरेक्टर भी हैं. वे इस स्कीम के बारे में कांग्रेस का साथ काम कर रहे हैं. चैंसेल ने कहा लेकिन हमने कांग्रेस से सीधे बात नहीं की थी.

    भारती और चैंसेल कमाई में बढ़ने वाली असमानता को खतरनाक मानते हैं और मानते हैं कि 1980 के बाद से इसमें बहुत तेज बढ़ोत्तरी हुई है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार से बात करते हुए चैंसेल ने कहा, भारत की प्रगतिशील करों की दरें 1980 से ही कम होती जा रही हैं और लोग प्रगतिशील करों को गिरते विकास के साथ जोड़ते हैं. लेकिन यह बकवास है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

    NDA सरकार की गरीबों को 10% कोटा देने वाली स्कीम के दायरे पर भी इस रिपोर्ट में चिंता जताई गई है. इसमें कहा गया है कि आय के आधार पर 93% से ज्यादा घर इस दायरे में आएंगे. इस वक्त के खेती के आंकड़ों के आधार पर 95% और घरों के आधार पर देखें तो देश की 80% जनता इस दायरे में आती है.

    इस बात के अनुमान लगाए जा रहे थे कि पिकेटी ने ही कांग्रेस को इस स्कीम को लाने का सुझाव दिया है लेकिन पिकेटी ने इस योजना में अपना कोई भी रोल होने से मना किया है. उन्होंने सोमवार को बीबीसी से कहा, मैं भारत में आय की असमानता घटाने की हर योजना का पूरी तरह से समर्थन करता हूं और जाति आधारित राजनीतिक बहस के बजाए वर्ग आधारित आय और सम्पत्ति के बंटवारे का समर्थन करता हूं.

    क्या होता है वेल्थ टैक्स?
    अगर किसी व्यक्ति की संपत्ति 30 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर जाती है, तो उसे वेल्थ टैक्स चुकाना पड़ता है. भारत में अभी यह कुल संपत्ति का 1% होता है.

    किसे चुकाना होता है वेल्थ टैक्स?
    आम लोगों, HUF और कंपनियों (कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के तहत पंजीकृत गैर-लाभकारी कंपनियों के अलावा) को वेल्थ टैक्स चुकाना पड़ता है.

    कैसे तय होता है कितनी संपत्ति पर लगेगा वेल्थ टैक्स?
    अगर आप अपनी प्रॉपर्टी पर किसी तरह का लोन चुका रहे हैं, तो बकाया लोन की राशि घटाने के बाद जो शुद्ध वैल्यू बचती है, उस पर वैल्थ टैक्स चुकाया जाता है. मसलन, अगर आपकी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू 50 लाख रुपए है और आप 35 लाख रुपए का लोन चुका रहे हैं, तो 15 लाख रुपए की राशि पर आपको वेल्थ टैक्स चुकाने की जरूरत होगी. हालांकि, अगर आपने किसी कारोबारी साल में 300 दिन से ज्यादा वक्त के लिए मकान किराए पर दिया है, तो उस प्रॉपर्टी पर वेल्थ टैक्स चुकाने से आपको रियायत मिल जाएगी. वेल्थ टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तारीख ठीक आय कर रिटर्न दाखिल करने की तरह है, जो 31 जुलाई तय की गई है.

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    Tags: General Election 2019, Lok Sabha Election 2019, Nyay Scheme, Rahul gandhi, Wealthy people

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