West Bengal Assembly Elections: जानिए कौन हैं पीरजादा जिसे लेकर कांग्रेस में मची हुई है रार

पीरजादा सिद्दीकी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ दरगाह के प्रमुख हैं.  (AP)

पीरजादा सिद्दीकी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ दरगाह के प्रमुख हैं. (AP)

West Bengal Assembly Elections 2021: पीरजादा सिद्दीकी ((Maulana of Furfura Sharif Peerjada Abbas Siddiqui)) पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ दरगाह के प्रमुख हैं. मुस्लिम वोटरों में उनकी अच्छी खासी पहुंच हैं. बंगाल में लगभग 31 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं. ऐसा कहा जाता है कि राज्य में मुस्लिम वोटर जिस पार्टी की तरफ झुका, सत्ता लगभग उसके हाथ में ही पहुंचती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 8:44 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (West Bengal Assembly Elections 2021) से पहले कांग्रेस पार्टी (Congress) के नेताओं के बीच अंदरूनी तकरार तेज हो गई है. कांग्रेस नेतृत्‍व से नाराज 'जी 23' में शामिल सीनियर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने बंगाल में पीरजादा अब्‍बास सिद्दीकी (Maulana of Furfura Sharif Peerjada Abbas Siddiqui) की पार्टी इंडियन सेक्‍युलर फ्रंट (ISF) को कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन में शामिल किए जाने पर तगड़ा प्रहार किया है. ऐसे में जिस पीरजादा पर कांग्रेस बंगाल के चुनावी रण में दांव लगाने जा रही थी, वही कांग्रेस संगठन में बड़ी समस्या बन गए हैं. आइए जानते हैं कौन हैं पीरजादा और बंगाल रण में उन्हें इतनी तवज्जो क्यों दी जा रही है:-

पीरजादा सिद्दीकी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ दरगाह के प्रमुख हैं. मुस्लिम वोटरों में उनकी अच्छी खासी पहुंच हैं. बंगाल में लगभग 31 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं. ऐसा कहा जाता है कि राज्य में मुस्लिम वोटर जिस पार्टी की तरफ झुका, सत्ता लगभग उसके हाथ में ही पहुंचती है. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि हर पार्टी पीरजादा को इतनी तवज्जो क्यों दे रही है.

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ममता को हो सकता है नुकसान
सीएम ममता बनर्जी के करीबी और राज्य की सत्ता के मंच पर उन्हें बैठाने में अहम किरदार निभाने वाले पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान हाल ही में किया था. ममता बनर्जी से नाराज होकर कुछ समय पहले उन्‍होंने अपनी नई पार्टी बना ली थी. माना जा रहा है कि पीरजादा सिद्दीकी के इस फैसले से सबसे बड़ा नुकसान सीएम ममता बनर्जी को पहुंच सकता है.

मुस्लिम वोट बैंक का गेमचेंजर है फुरफुरा शरीफ दरगाह
फुरफुरा शरीफ दरगाह का बंगाल के मुस्लिम समाज पर काफी गहरा प्रभाव है. यह दरगाह मुस्लिम वोट बैंक का गेमचेंजर माना जाता है. लेफ्ट फ्रंट सरकार के समय इसी दरगाह की मदद से ममता बनर्जी ने सिंगूर और नंदीग्राम जैसे बड़े आंदोलन कर सत्‍ता हासिल की थी. साल 2011 में ममता बनर्जी की धमाकेदार जीत के पीछे मुस्लिम वोटरों का बड़ा योगदान था. बंगाल की 294 सीटों में 90 से ज्‍यादा सीटों पर इस वोटबैंक का सीधा प्रभाव है. कई महीनों पहले पीरजादा अब्‍बास सिद्दीकी का ममता बनर्जी से मतभेद हो गया. सिद्दीकी ने ममता पर मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप लगाते आए हैं.

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ओवैसी भी चाहते थे पीरजादा का साथ
कांग्रेस से गठबंधन से पहले बीती जनवरी में पीरजादा से एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी मुलाकात की थी. उस समय ओवैसी ने दावा किया था कि उन्‍हें फुरफुरा शरीफ के मौलाना पीरजादा का समर्थन हासिल है. बाद में ओवैसी की पार्टी के साथ आईएसएफ की बात नहीं बनी तो वह कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन में शामिल हो गई.
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