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क्या सोशल मीडिया के मामले में भी PAK चीन की नकल करने लगा है?

पाकिस्तानी प्रधानमंत्र इमरान खान.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्र इमरान खान.

पाकिस्तान (Pakistan) भी देखादेखी चीन के तौर-तरीके अपना रहा है. जैसे हाल ही में वहां डिजिटल मीडिया (digital media) पर नकेल कसने की बात चल पड़ी, जिससे ग्राहकों से लेकर कंपनियां तक भड़की हुई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 4:24 PM IST
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लगातार कट्टरपंथ की ओर जा रहे पाकिस्तान में अब सोशल मीडिया को लेकर भी नया नियम आ गया है. इसके तहत अगर वॉट्सऐप इजाजत दे तो सरकार किसी भी आम ग्राहक के वॉट्सऐप चैट को खंगाल सकती है. बात यहीं तक सीमित नहीं, ग्राहक किसी भी सोशल साइट का इस्तेमाल बगैर डरे नहीं कर सकेंगे कि कभी भी उनकी जानकारी सार्वजनिक हो सकती है. कुल मिलाकर इस मामले में भी पाकिस्तान चीन के रास्ते पर है.

इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम अधिनियम 2016 के अंतर्गत नए नियम रिमूवल एंड ब्लॉकिंग ऑफ अनलाफुल ऑनलाइन कंटेंट रूल्स 2020 लाए गए हैं. इसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सरकारी जांच कंपनी की मांग पर कोई भी जानकारी देनी पड़ सकती है. इसमें बेहद निजी जानकारियां जैसे ग्राहक की सूचना और यहां तक कि उसकी सारी बातचीत भी शामिल है. अब ऐसे में ग्राहक सोशल मीडिया के इस्तेमाल से परहेज करेंगे.

सोशल मीडिया कंपनियों को सरकारी जांच कंपनी की मांग पर कोई भी जानकारी देनी पड़ सकती है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)




यही देखते हुए सोशल नेटवर्किंग कंपनियां जमकर बवाल कर रही हैं. फेसबुक, गूगल और ट्विटर ने मिलकर इस पर एतराज दिखाते हुए कहा कि यही चलता रहा तो उन्हें पाकिस्तान से अपना बोरिया-बिस्तरा समेटने की तैयारी करनी होगी. नए डिजिटल नियम के पालन के लिए सारी सोशल नेटवर्किंग कंपनियों को पाकिस्तान में एक कार्यालय बनाना होगा, जहां के अधिकारी को पाकिस्तान की सरकार चाहे जब तलब कर सके.
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बता दें कि इसके लिए सरकार ने उन कंपनियों से कहा है, जिसके देश में 50 लाख से ज्यादा ग्राहक हों. ऐसी कंपनियों को इस्लामाबाद में अपना दफ्तर रखना होगा और समय-समय पर सरकार से बात करनी होगी. वहीं अगर कोई बात सरकार के कायदे के मुताबिक न हो तो कंपनी पर लगभग 50 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है. इस नियम पर पहले ही फरवरी में ड्राफ्ट पर बात हो चुकी है, जिस पर ऑफिस बनाने से कंपनियों ने इनकार कर दिया.

सोशल नेटवर्किंग कंपनियों को पाकिस्तान में एक कार्यालय बनाना होगा सांकेतिक फोटो (Pixabay)


इसके अलावा भी पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी के कई नियम काफी अजीब हैं, जिनका पालन करना मुश्किल हो सकता है. जैसे फिलहाल सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुसार अगर कोई आपत्तिजनक कंटेट पोस्ट हो जाता है तो उसे हटाने के लिए 24 घंटे का समय मिलता है ताकि पूरी जांच के बाद हटाया जा सके. वही पीटीए ने इमरजेंसी में सूचना हटाने के लिए 6 घंटे का समय दिया है. इसके बाद भी लंबा-चौड़ा जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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सबसे ज्यादा बवाल ग्राहकों की जानकारी को सरकार को उपलब्ध कराने की बात पर हो रहा है. समा टीवी में इस बारे में आई रिपोर्ट के मुताबिक टेलीकॉम कंपनी अगर चाहे तो कंपनी को उपभोक्ता की सारी डिटेल देने को कह सकती है. जैसे अब तक वॉट्सऐप चैट एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होते रहे लेकिन अगर पाकिस्तान का ये नियम लागू हो सका तो उपभोक्ता की जानकारी निजी नहीं रह सकेगी. इसके लिए सोशल मीडिया कंपनियों को अपना डाटा सेंटर पाकिस्तान में बनाने को कहा जा रहा है.

चीन में सोशल मीडिया की ग्लोबल साइट्स पर पहले से ही बैन लगा हुआ है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


चीन तो पाकिस्तान से भी आगे है. वहां सोशल मीडिया की ग्लोबल साइट्स पर पहले से ही बैन लगा हुआ है. इसकी तोड़ के तौर पर तकनीक में बेहद माहिर चीनियों ने अपनी ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स बना डाली हैं.

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यही कारण है कि वहां फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप सबकी नकल हाजिर है, जो वहां काफी लोकप्रिय है. जैसे वीबो चीन का अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. यह ट्विटर और फेसबुक का मिलाजुला रूप है. इसी तरह से गूगल की जगह एक दूसरा सर्च इंजन है, जिसके बाइडू कहते हैं. साल 2005 में चीन में गूगल की एंट्री हुई थी लेकिन 2009 खत्म होते-होते चीन ने इसे सेंसर कर दिया और बाइडू ले आया. और तो और, सुरक्षा का हवाला देकर उसने ट्विटर को भी बैन कर रखा है.
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