क्या-क्या हो सकता है नीरव मोदी की जेब में गए पैसे से

क्या-क्या हो सकता है नीरव मोदी की जेब में गए पैसे से
इस रकम से हम इतना कुछ हो सकता है कि जानकर हैरान रह जाएंगे. विश्वास नहीं होगा कि ये रकम कितनी बड़ी है

इस रकम से हम इतना कुछ हो सकता है कि जानकर हैरान रह जाएंगे. विश्वास नहीं होगा कि ये रकम कितनी बड़ी है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2018, 7:48 PM IST
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डायमंड किंग कहे जाने वाले नीरव मोदी के बैंक घोटाले से पूरे देश में तहलका मचा हुआ है. नीरव के दुनिया के सभी बड़े शहरों में "नीरव मोदी" ब्रांड नाम से बड़े बड़े डायमंड ज्वैलरी शो-रूम हैं. सीबीआई ने सबसे पहले 29 जनवरी को नीरव और उनके परिवार के खिलाफ 280 करोड़ की धोखाधड़ी का पहला मामला दर्ज किया. जल्द ही पता चला कि असल मामला तो पंजाब नेशनल बैंक से 11,400 करोड़ रुपए के घोटाले का है.
11,400 करोड़ रुपए कहने में भले आसान लगती हो लेकिन ये इतनी बड़ी रकम है कि हम सोच भी नहीं सकते कि इससे क्या क्या हो सकता है. खासकर तब जबकि इस देश में प्रति व्यक्ति औसत आय करीब एक लाख रुपए हो. कई छोटे राज्यों का बजट इससे बस कुछ ही ज्यादा होता है. पांडिचेरी जैसे केंद्रशासित प्रदेश का बजट 2017-18 में महज 6945 करोड़ रुपए का है.

आइए हम देखते हैं 11,400 करोड़ रुपए में क्या क्या हो सकता है

22,800 थ्री बेडरूम फ्लैट - 50 लाख रुपए कीमत वाले इतने फ्लैट खरीदे जा सकते हैं. अगर बात 30 से 40 लाख रुपए कीमत के डबल बेडरूम फ्लैट की करें तो 25 हजार से 27 हजार फ्लैट खरीदे जा सकते हैं.
34,200 किलो सोना - इस समय 24 कैरेट वाले सोने की कीमत 32 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है. इस हिसाब से देखें तो इतना सोना खरीदा जा सकता है कि आपके दो कमरे आभूषणों से भर जाएं.



10 लाख से ज्यादा स्विफ्ट कारें - एक स्विफ्ट कार का बेसिक वर्जन सड़क पर 6.19 लाख रुपए का पड़ता है यानि 11,400 करोड़ रुपए में 10.94 लाख मारुति स्विफ्ट कारें खरीदी जा सकती हैं. यानि इतनी कारें कि उन्हें एक शहर में रखना भी मुश्किल हो जाए.

एक लाख बार से ज्यादा यूरोप ट्रिप - चार लोगों का एक परिवार इतनी रकम में एक महीने से कहीं ज्यादा दिनों की यूरोपीय देशों की इतनी बार लग्जरी ट्रिप कर सकता है कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते. एक ट्रिप में एक व्यक्ति पर औसत तीन लाख रुपए खर्च होते हैं. इस हिसाब से एक लाख 2600 बार पूरी शानोशौकत से यूरोप का टूर. यानि अगर पूरा मोहल्ले सालभर भी लगातार यूरोप की ट्रिप करता रहे तो वो शायद इतनी रकम खर्च कर पाए.

दो ताजमहल - इतनी रकम में दो ताज महल खरीदे जा सकते हैं. पिछले दिनों दुनिया के सात अजूबों में एक ताजमहल की कीमत 6000 करोड़ रुपए आंकी गई थी.

ताजमहल


552 सांसदों को 110 साल वेतन- एक सांसद का वेतन भत्तों के साथ करीब 1.5 लाख रुपए है. लोकसभा में 552 सांसद हैं. उनके एक माह का वेतन 8.2 करोड़ रुपए होता है. तो सालभर में करीब 96 करोड़ रुपए. यानि इस रकम से 110 सालों तक 552 सांसदों को ये वेतन दिया जा सकता है.

729 मेट्रो ट्रेन कोच - भारत सरकार के उपक्रम बीईएमएल ने पिछले दिनों बेंगुलुरु मेट्रो कारपोरेशन से 243 मेट्रो ट्रेन कोचेज के लिए 3500 करोड़ का करार किया है. यानि 11,400 करोड़ रुपए में करीब 729 मेट्रो कोच.

फाइल फोटो.


साइंस बजट का एक तिहाई - केंद्र सरकार ने इस साल साइंस और टेक्नॉलॉजी के लिए 37,435 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं. यानि इसका तीसरा हिस्सा.

गोवा,मणिपुुर और त्रिपुरा के बजट का 70 फीसदी - गोवा का 2017-18 का बजट 16,270 करोड़ रुपयों का है तो मणिपुर का 16,365 करोड़ का, जबकि त्रिपुरा का 2017-18 का बजट 15,965 करोड़ रुपयों का पेश किया गया. इससे भी अंदाज लगा सकते हैं कि 11,400 करोड़ रुपयों से पूरे राज्य का सालभर का सरकारी खर्च चल जाता है.

60 बाहुबली फिल्में- बाहुबली सीरीज की दोनों फिल्मों के बनने पर कुल 450 करोड़ खर्च हुए. यानि 11,400 करोड़ में 60 बाहुबली जैसी भव्य फिल्मों का निर्माण हो सकता है.

34,200 मर्सीडीज कारें - एक मर्सीडीज कार की कीमत भारतीय सड़कों पर करीब 30 लाख रुपए है. इस हिसाब से गुणा भाग करें तो 34,200 लग्जरी मर्सीडीज कारें खरीदी जा सकती हैं.

14 बार चंद्रयान अभियान - इसरो ने अपने चंद्रयान-2 अभियान पर 800 करोड़ रुपए से भी कम खर्च का अनुमान लगाया है. अगर हम एक चंद्रयान अभियान की कीमत 800 करोड़ मानें तो कम से कम 14 से 15 इस तरह के अभियानों में चंद्रयान को चांद पर उतार सकते हैं.



45 बोइंग 747 विमान - एक 747 बोइंग विमान की कीमत फिलहाल 244 करोड़ रुपए है. यानि 45 बोइंग विमानों की खरीदी

60 हजार नोएडा फ्लैट खरीददारों को राहत- देश में सबसे ज्यादा 60 हजार से ज्यादा फ्लैट खरीददार नोएडा में ऐसे हैं. जिनके बिल्डरों की कंपनियां बीमार हो गई हैं या वो खुद को दीवालिया घोषित कर रहे हैं. नीरव मोदी के घोटाले जितनी रकम से इन सब फ्लैट खरीददारों का कल्याण हो जाता.

हर जेब से निकले 76 रुपए - अगर देश की आबादी अनुमानित तौर पर 150 करोड़ मान लें तो 11,400 करोड़ की रकम का मतलब है देश के हर शख्स की जेब पर 76 रुपए की चपत.
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