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ब्लैक होल की तस्वीरों से क्या पता चल रहा है हमारे वैज्ञानिकों को

वैज्ञानिकों ने पहली बार मिल्की वे गैलेक्सी के केंद्र के पास स्थिति सैजिटेरियस ए नाम के ब्लैक होल (Black Hole) की तस्वीर बनाई. (तस्वीर @ehtelescope)

वैज्ञानिकों ने पहली बार मिल्की वे गैलेक्सी के केंद्र के पास स्थिति सैजिटेरियस ए नाम के ब्लैक होल (Black Hole) की तस्वीर बनाई. (तस्वीर @ehtelescope)

इवेंट होराइजन कोलेबरेशन (Event Horizon Collaboration) ने तीन साल पहले एक एम87 नाम के सुपरमासिव ब्लैक होल (Supermassive Black Hole) की तस्वीर निकाली थी. अब वैज्ञानिकों ने हमारी मिल्की वे गैलेक्सी (Milky Way) के केंद्र के पास स्थिति ब्लैक होलकी तस्वीर निकाल कर जारी की है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन प्रयासों के दौरान उन्होंने ब्लैक होल के बारे मे काफी कुछ पता चला है.

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    हाल ही में एक तस्वीर ने सुर्खियां बटोरी हुई हैं. यह तस्वीर हमारी मिल्की वे गैलेक्सी (Milky Way Galaxy)  के केंद्र के पास स्थित ब्लैक होल की है. इस ब्लैक होल की यह पहली तस्वीर (First Image of Black Hole) है. लेकिन यह किसी ब्लैक होल की पहली तस्वीर नहीं है. इस तस्वीर के आने से  मिल्की वे के बीच स्थित सैजेटेरियस ए ब्लैक होल के बारे में लोग पता लगाने लगे हैं.  बताया जाता है कि हमे इस सुपरमासिव  ब्लैक होल की उपस्थिति के बारे में तो पता है, उसके आसपास की भी जानकारी है, लेकिन उसकी खुद के बारे मे अब तक अधिक जानकारी नहीं हैं.

    कैसे मिली तस्वीर
    इस तस्वीर को इवेंट होराइजन कोलैबरेशन के अथक प्रयासों से संभव बनाया जा सका है. इसी प्रयास की वजह से सैजीटेरियस ए की पहली और इतनी विस्तृत तस्वीर दुनिया को मिल सकी है. इसतस्वीर में ब्लैक होल के चारों ओर डोनट के आकार की केसरिया चमक वाली धूल दिखाई दे रही है जिसके बीच में ब्लैक होल की छाया है.

    बेहतर हुई है हमारी समझ
    ताइपेई स्थित एकेडमिया सिनिका के ईएचटी प्रोजेक्ट वैज्ञानिक ज्योफरी बोअर ने बताया, “हम इस तस्वीर में छल्ले के आकार को देख हैरान हो गए क्योंकि उसका आकार अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत के अनुमानों से बहुत अच्छे से मेल खा रहा था. इन अभूतपूर्व अवलोनकों ने गैलेक्सी के केंद्र की घटनाओं के बारे हमारी समझ क बेहतर किया है.”

    इस तरह की दूसरी तस्वीर
    इससे हमें ब्लैक होल की अपने आसपास के वातावरण के बीच की अंतरक्रिया को भी अच्छे समझने का मौका मिला है. इससे तीन पहले इसी सहयोग कार्यक्रम ने  दुनिया में ब्लैक होल की अब तक की पहली तस्वीर जारी की थी. यह तस्वीर एम87 नाम के सुपरमासिव ब्लैक होल की थी. जिसका भार हमारे सूर्य से 6.5 अरब गुना ज्यादा था. जो 5.5 करोड़ प्रकाशवर्ष दूर स्थिति गैकेस्की के केंद्र में है.

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    एम87 ब्लैक होल (M87 Black Hole) एक सक्रिय गैलेक्टिक ब्लैक होल है जिसकी तस्वीर सबसे पहले बनाई गई थी. (तस्वीर @ehtelescope)

    हमारी मिल्की वे का सुपरमासिव ब्लैक होल
    सैजिटेरियस ए* या Sgr A*  तुलनात्मक तौर पर उस ब्लैक होल की तुलना में पास है यानि 25800 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है. लेकिन दोनों ही ब्लैक होल के साथ अलग अलग तरह की चुनौतियां हैं. ब्लैक होल की तस्वीर लेने दिखाई ना देने वाले शख्स की तस्वीर खींचने के बराबर होता है क्योंकि ब्लैक होल से किसी भी तरह का प्रकाश या अन्य विकिरण नहीं निकालते हैं.

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    क्या विशेषताएं है एम87 की
    एम87* सक्रिय गैलेक्टिक केंद्र कहे जाते हैं. ये अपने आसपास मौजूद धूल और गैस की एक विशाल चक्रिका या डिस्क से घिरे होते हैं जो पदार्थ को अपने अंदर खींचती रहती है. इस दौरान घर्षण के कारण बहुत सी ऊष्मा पैदा होती और गर्म पदार्थ से चमक पैदा होती जो हम एम87 की तस्वीर में देख पाते हैं.

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    सुपरमासिव ब्लैक होल (SMBH) होने के बाद भी एम87 और सैजिटेरियस ए के आकार में बहुत ही बड़ा अंतर हैं. (EHT collaboration, Lia Medeiros, xkcd)

    मिल्की वे के केंद्र में ब्लैक होल
    वहीं दूसरी ओर सैजीटेरियास ए*  पास स्थित है लेकिन यह सक्रिय नहीं है. यह नहीं के बराबर पदार्थ निगल रहा है. मिल्के वे गैलेक्टिक केंद्र धूल के कारण मोटा है जिसके कारण वहां के बारे में बहुत कुछ पता नहीं चला पाता है. वैज्ञानिकों ने पहले इस ब्लैक होल का चक्कर लगाने वाला गैस का बादल देखा था. यह ब्लैक होल की एक्रीशन डिस्क या संचयन चक्रिका होती है. छोटा ब्लैक होल होने के कारण इस डिस्क का कक्षाकाल भी कम है यानिइसमें प्रकाश बहुत तेजी से बदलता है.

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    इस अध्ययन के नतीजे एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लैटर्स में प्रकाशित हुए हैं. जिसमें दोनों ही सुपरमासिव ब्लैक होल की विस्तार से तुलना की गई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि दोनों ब्लैक  होल सुपरमासिव ब्लैक होल की श्रेणी में ही बहुत विशाल और छोटे ब्लैक होल हैं. इनके बारे में जानने से कई खगोलीय  रहस्य खुल सकते हैं जिसमें गैलेक्सी का विकास भी शामिल  है. वहीं सैजीटैरियस ए* के आसपास बहुत चमकीला वातावरण नहीं है ऐसे उसका अध्ययन हमें ज्यादा जानकारी दे सकता है

    Tags: Black hole, Research, Science, Space

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