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क्या कहता है विज्ञान: कितने साल पुराना है सू्र्य और कैसे लगाया गया इसका अनुमान

सूर्य की उम्र (Age of Sun) की गणना अलग अलग पद्धतियों से की जाती है. (फाइल फोटो)

सूर्य की उम्र (Age of Sun) की गणना अलग अलग पद्धतियों से की जाती है. (फाइल फोटो)

विज्ञान (Science) में जब सूर्य की उम्र (Age of Sun) की बात होती है तो सभी स्रोतों से एक ही उत्तर तो नहीं आता है कि लेकि ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

हमारे सौरमंडल का सूर्य अरबों साल पुराना सफेद रंग का तारा है.
इसकी उम्र 4.5 अरब साल या फिर उससे भी ज्यादा बताई जाती है.
इसे न्यूक्लोकॉस्मोक्रोनोलॉजी और तारों के जीवन चक्र के जरिए मापा जाता है.

हमारे सूर्य की उम्र (Age of Sun) क्या है? यह सवाल केवल कौतूहल या जिज्ञासा शांत करने वाला प्रश्न नहीं हैं बल्कि हमारे सौरमंडल (Solar System), सूर्य और पृथ्वी के गहरे अध्ययन की वजह से कई बार वैज्ञानिकों को यह जानने की जरूरत पड़ती रही है कि सूर्य कितने साल पुराना है . इसी से जुड़े सवाल बनते हैं कि पृथ्वी की उम्र कितनी है, क्या पृथ्वी सूर्य से पहले खत्म हो जाएगी, सूर्य खत्म कैसे होगा और सूर्य के खत्म होने पृथ्वी क्या होगा. इसलिए हम आज यह जानने का प्रयास करेंगे कि वैज्ञानिकों ने सूर्य की क्या उम्र निकाली है और उन्होंने यह कैसे जाना. आइए जानते हैं कि इस बारे में क्या कहता है विज्ञान (What does Science Say) ?

कितने साल का है सूर्य
पृथ्वी पर कई प्राकृतिक घटनाओं के अध्ययन के कारण वैज्ञानिक हमारी पृथ्वी सौरमंडल और सूर्य के निर्माण की प्रक्रिया के साथ उनकी उम्र भी जानने की जरूरत महसूस करते रहे हैं. अभी अगर सूर्य की उम्र की बात करें या यह कि कितने साल पुराना है तो कहा जाता है कि वह 4.47 अरब साल साल पुराना है. इसमें कई बार 4.6 साल या 5 अरब साल की उम्र भी बताई जाती है. इसी संदर्भ में यह जानना जरूरी है कि सूर्य की उम्र की गणना कैसे की जाती है.

क्या है सूर्य
मौटे तौर पर सूर्य को समझें तो मूलतः यह एक तारा है जिसका अपने ग्रह तंत्र है जिसे सौरमंडल कहा जाता है. इसके क्रोड़ में नाभकीय संलयन प्रक्रिया द्वारा हाइड्रोजन हिलियम में बदल रही है जिससे भारी मात्रा में ऊर्जा प्रकाश और अन्य विकिरण के रूप में सौमंडल में चारों ओर फैल रहा है. सतह के तापमान के आधार पर तारों का वर्गीकरण किया जाता है जिससे अंदाजा होता है कि वे कितने गर्म या ठंडे हैं. इस तरह से नीले से लाल रंग तारे ओ, बी, ए, जी, के और एम श्रेणी के तारे होते हैं.

दस अरब साल के तारे की श्रेणी
हमारा सूर्य जी प्रकार का तारा है जो वास्तव में सफेद रंग का है. ऐसे तारे अपने हाइड्रोजन को हीलीयम में बदलने में दस अरब साल का समय लगाते हैं और अभी सूर्य अपने मध्य उम्र में चल रहा है जैसा की गणनाओं ने उसकी उम्र 4.5 से 4.6 अरब साल के बीच की बताई है. सूर्य की गणना के लिए वैज्ञानिक कई पद्धतियां अपनाते हैं जिनमें से दो प्रमुख हैं.

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हमारा सूर्य (Sun) वास्तव में एक सफेद रंग का जी श्रेणी का तारा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

न्यूक्लोकॉस्मोक्रोनोलॉजी नाम की तकनीक
पहले तरीके में सौरमंडल की सबसे पुरानी चीज की खोज होती है. इस तकनीक को न्यूक्लोकॉस्मोक्रोनोलॉजी कहते हैं जिसमें अंतरिक्ष की किसी वस्तु की उम्र पता करने के लिए नाभकीय रेडियोधर्मिता का उपयोग होता है. इसमें वैज्ञानिक पता करते हैं कि वर्तमान के रेडियोधर्मी पदार्थ या तत्व किस मूल रेडियोधर्मी तत्व से आए होंगे.

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कैसे पता चला उम्र का
जैसे आयरन-60 तत्व सुपरनोवा विस्फोट जैसी घटनाओं के बाद ही बन पाता है और उसके कुछ करोड़ साल बाद यह विखंडित होकर निकल-60 में बदल जाता है जो एक स्थिर तत्व है. वैज्ञानिकों ने पाया कि निकल-60 पूरे सौरमंडल में बिखरा है यहां तक कि यह उल्कापिंडों में भी पाया गया  जो सौरमंडल के निर्माण के समय बने थे. इन पिंडों में निकल-60 की मात्रा से वे यह पता लगाने में सफल रहे के सौरमंडल में आयरन-60 कब फैला होगा.

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सौरमंडल (Solar System) के निर्माण के समय सूर्य से निकले आयरन-60 के समय की गणना सूर्य की उम्र बता सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

तारों का जीवन चक्र
दूसरी पद्धती तारों के जीवन चक्र को समझने पर आधारित है. एक तारे का जीवन बहुत ही ज्यादा लंबा होता है,  जिसके लिए पूरी मानव जाति का ही जीवन बहुत छोटा होता है. इसलिए एक ही तारे को हम पूरे जीवन भर नहीं देख सकते, लेकिन हम अरबों तारों को उनके जीवन चक्र के अलग अलग हिस्सों में देख सकते हैं जिससे हमें तारों का जीवन जीवन चक्र पता चल सका.

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इस तरह से लाखों तारों का अध्ययन कर उनका पूरा जीवन चक्र जानने के बाद खगोलविदों ने एक नक्शा बनाया जिससे भार और चमक के आधार पर तारे की उम्र का अंदाजा हो सकता है. जब वैज्ञानिकों ने सूर्य की जानकारी इस नक्शे पर लागू की तो उन्हें उसी तरह के नतीजे मिले जो न्यूक्लोकॉस्मोक्रोनोलॉजी में मिले ऐसा ही अन्य पद्धतियों में भी देखने को मिला. फिलहाल अधिकांश वैज्ञानिक मानते हैं कि अभी सूर्य की उम्र 4.57 अरब साल की है.

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