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पॉटी बताएगी कितने सेहतमंद हैं आप

पॉटी बताएगी कितने सेहतमंद हैं आप

पॉटी के रंग, बनावट और यहां तक कि आकार से भी आपके शरीर के बहुत से राज़ सामने आते हैं.

पॉटी के रंग, बनावट और यहां तक कि आकार से भी आपके शरीर के बहुत से राज़ सामने आते हैं.

पॉटी के रंग, बनावट और यहां तक कि आकार से भी आपके शरीर के बहुत से राज़ सामने आते हैं.

    आपके खाने से लेकर पेट की गुड़गुड़  तक के सारे राज़ आपकी पॉटी में छुपे हुए हैं. आपको शायद यह जानकर आश्चर्य हो, लेकिन आपकी पॉटी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत से ज़रूरी संकेत देती है. इसके रंग, बनावट और यहां तक कि आकर से भी आपके शरीर के बहुत से राज़ सामने आते हैं.

    हम में से ज्यादातर लोग बाथरूम जाने के बाद पॉटी बस फ्लश करते हैं और बस भूल जाते हैं. लेकिन आपको यह ध्यान देना चाहिए कि आपने कैसी पॉटी की है. ध्यान इसलिए देना चाहिए क्योंकि यह आपको बताएगी कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं.

    आंतों से पता चलता है कि हम सही खा रहे हैं, हाइड्रेटेड रह रहे हैं और हमारे पाचन तंत्र को ठीक से  बनाए रखे हुए हैं या नहीं. यह हमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में अहम् जानकारियां देता है.

    न्यू जर्सी के प्रिंसटन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट के एनीश ए शेथ, एमडी कहते हैं, "पॉटी पर ध्यान देना आपको बता सकता है कि क्या आप पर्याप्त फाइबर यानी रेशा खाते हैं या स्वास्थ्य समस्याएं हैं या सूजन की समस्या तो नहीं है ?"

    एक दिन में तीन बार से लेकर एक सप्ताह में तीन बार पॉटी  जाना सामान्य बात है. अगर आप इससे ज़्यादा या इससे काम पॉटी जा रहे हैं तो यह आपके पेट के लिए बुरी खबर हो सकती है.

    सख्त छोटे टुकड़े
    इसका मतलब है कि आपको शायद अपने आहार में पर्याप्त फाइबर नहीं मिल रहा है, इसलिए आपको पॉटी पूरी ठीक से नहीं आ रही है.

    फाइबर की अनुशंसित मात्रा एक दिन में 25-35 ग्राम होनी चाहिए. खाने में फाइबर लाने के लिए आपको खाने के साथ खूब सलाद खाना चाहिए और दिन में रेशेदार फल खाने चाहिए.

    इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आप आप तरल पदार्थ नहीं पी रहे हैं. पानी तो पीना ही चाहिए लेकिन ज्यूस या स्मूथी भी पीना चाहिए ताकि आपका पेट साफ़ रहे. पानी आपको दिन में काम से काम आठ गिलास ज़रूर पीना चाहिए.

    इस तरह के पॉटी का अर्थ होता है कि आप पूरी तरह से अपना रेक्टम खाली नहीं कर प् रहे हैं. रेक्टम खली न होने से आपको इन्फेक्शन हो सकते हैं. इसलिए भोजन के आदतों में बदलाव ज़रूर करें. थोड़ा कसरत भी शुरू करें ताकि आपके पेट की मासपेशियां मज़बूत हो सकें.

    पतली पॉटी
    पतली पॉटी  कई चीज़ों की तरफ संकेत करती है. हो सकता है कि आपको वायरस से संक्रमण हो गया हो. यह वायरल बुखार भी हो सकता है.



    खाद्य असहिष्णुता या एलर्जी हो सकती है.  उदाहरण के लिए, लैक्टोज समृद्ध डेयरी उत्पादों से बहुत लोगों को एलेर्जी होती है. इन लोगों को लाक्टोसे इन्टॉलरेंट भी कहा जाता है. आपको गैस्ट्रोइंटेस्टाइन हे जाँच करवाते रहना चाहिए, सूजन की स्थिति में आप जल्दी डॉक्टर की मदद ले सकते हैं. बहुत सारे सोडा पीने से भी पॉटी पतली हो जाती है.

    काली या लाल पॉटी
    वैसे तो आपकी पॉटी का रंग कला या गहरा लाल ज़्यादा मात्रा में आयरन से भरे फल सब्ज़ियां खाने से हो सकता है लेकिन आपको इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर चाहिए. यह पाइल्स का भी संकेत हो सकता है. इसलिए ऐसी पॉटी लगातार आने पर डॉक्टर से परामर्श ले लें.

    बहुत पतली पॉटी
    यह पाइल्स बहुत ज़्यादा बढ़ जाने पर होता है या पेट में बुरे इन्फेक्शन से. आपके खाने पीने की आदतें ठीक न होने के कारण आपका पूरा पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है. ऐसी सूरत में आपको खुद पानी पीना चाहिए और समय पर हल्का लेकिन पौष्टिक भोजन लेना चाहिए. आपके शरीर में कमज़ोरी आने का सबसे बड़ा संकेत बहुत पतली पॉटी होती है.

    सख्त बड़ी पॉटी
    अगर आप शौचालय जाकर पेट में भारीपन महसूस कर रहे हैं  या उसकी वजह से तनावग्रस्त हो रहे हैं, तो आप शायद कब्ज के शिकार हैं.  ऐसे में पॉटी करने के आपके प्रयासों से आपको स्पिन्टरर मांसपेशियों में बवासीर या घाव हो सकते हैं. ऐसे में इसबगोल लें, गर्म पानी पिएं, और इंतज़ार करें लेकिन ज़्यादा प्रयास न के क्योंकि उससे आपको नुक्सान होगा. आप एक मल सॉफ़्टनर भी ले सकते हैं, जैसे डॉक्यूसेट सोडियम या पॉलीथीन ग्लाइकोल, जो मल को पास करना आसान बनाता है.

    लंबा और सफल उपचार यही है कि आप हल्का भोजन लें. उसे अचे से चबाएं ताकि पचने में आसानी हो. फल खूब खाएं. हालत बिगड़ने पर सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है इसलिए डॉक्टर को शुरू में ही दिखा लें.

    हलके रंग की पॉटी
    मल को अपना रंग पित्त से मिलता है. इसलिए हलके भूरे रंग के पॉटी का मतलब हो सकता है कि आपका लिवर या गॉलब्लेडर  ठीक से काम न कर रहा हो. आपको पथरी होने की संभावना हो सकती है.

    हरी-पीली पॉटी
    वैसे तो हरी पॉटी साग या हरी सब्ज़ियां खाने पर आ सकती है लेकिन अगर बिना हरी पत्तेदार सब्ज़ियां खाए आपको हरी पॉटी आ रही है तो इसका मतलब आपको इंटेस्टाइन यानि आंत में इन्फेक्शन हो सकता है. डॉक्टर से परामर्श लें.



    पेंसिल जैसी पतली

    पेन्सिल जैसी पतली पॉटी आने का मतलब है कि आपके रेक्टम में पॉटी कहीं रुक रही है. या किसी कारण से उसका आकर बदल रहा है. यह सूजन, अल्सर या पाइल्स की शुरुवात हो सकती है. इसे नज़रअंदाज़ न करें.

    बदबूदार पॉटी


    पॉटी की सामान्य गंध मर्कैप्टन, सल्फर युक्त खाने से आता है. प्याज और लाल रेड वाइन आपके शरीर में अधिक बदबू पैदा करते हैं, इसलिए इन खाद्य पदार्थों का उपभोग करने के बाद आपकी पॉटी से बू आ सकती है.

    लेकिन अगर गंध असामान्य रूप से खराब हो जाती है, तो यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से संभवतः गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव या वसा पचाने में परेशानी जैसी स्थितियों को संकेत दे सकती है. वसा मल में अपना रास्ता बनाता है और बदबू का कारण बनता है.  हो सकता है आप सैचुरेटेड फैट यानि सैचुरेटेड वसा ज़्यादा मात्रा में ले रहे हों. इसलिए भी पॉटी से बदबू आती है.undefined

    Tags: Eat healthy

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