Home /News /knowledge /

कोविड-19: म्यांमार के इस छोटे से बाजार से क्या सीख सकता है भारत?

कोविड-19: म्यांमार के इस छोटे से बाजार से क्या सीख सकता है भारत?

म्यांमार के एक बाजार की तस्वीर इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है.

म्यांमार के एक बाजार की तस्वीर इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है.

सोशल मीडिया (Social Media) पर कई यूजर्स ने कहा है कि म्यांमार के एक बाजार के इस तरीके को सभी देशों को फॉलो करना चाहिए.

    बीते करीब एक महीने से चल रहे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच अब भारत पर यह दबाव भी है कि अर्थव्यवस्था को बचाए रखा जाए. इस क्रम में 20 अप्रैल से कई सेक्टर में काम की शुरुआत भी की गई है.

    इस समय ये बहुत बड़ा चैलेंज है कि कैसे अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के फॉर्मूले पर सख्ती के साथ काम किया जाए. म्यांमार का एक छोटा सा बाजार इस सोशल डिस्टेंसिंग के फॉर्मूले को लागू करने में काफी मददगार साबित हो सकता है.

    THE NATION THAILAND में प्रकाशित एक स्टोरी में इस बाजार की तस्वीरें शेयर की गई हैं. इन तस्वीरों में दिखाया गया है कि कैसे म्यामांर में सब्जी बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग लागू किया गया है. दुकानदारों को कुछ इस तरीके से बिठाया गया है कि ये सोशल डिस्टेंसिंग के अंतरराष्ट्रीय फॉर्मूले (2 मीटर की दूरी) का पूर्णतया पालन हो रहा है.



    ये तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही हैं. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा है कि इस तरीके को सभी देशों को फॉलो करना चाहिए. गौरतलब है कि म्यांमार में अब तक कोविड-19 के 120 कंफर्म मामले आ चुके हैं. देश में पांच मौतें इस महामारी की वजह से हुई हैं.

    IIT DELHI के छात्र रहे कृष्ण कुमार राय ने भी तस्वीरें अपनी ट्विटर वॉल पर शेयर की हैं. उन्होंने लिखा है कि म्यांमार एक छोटा देश है जहां बाजारों को सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर चालू रखने के लिए ज्यामितीय आधार पर एक फॉर्मेट तैयार किया गया है. जो स्टेप अप और स्टेप डाउन बॉक्सेज में है. हर बॉक्स एक दूसरे से चार मीटर की दूरी पर होते हैं. ऐसा करने से भीड़ विकेंद्रित हो जाएगी. यानी लोग खरीदारी के दौरान भी एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी पर बने रहेंगे. साथ ही ग्राहक और दुकानदार के बीच भी उचित दूरी बन रहती है. थोड़े पुलिस बल या फिर स्वयंसेवकों की सहायता से एक बड़े मार्केट को मॉनिटर किया जा सकता है.

    कृष्ण कुमार राय कहते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सरकार और भी कई फॉर्मूलों पर काम कर सकती है. जैसे इस वक्त खेतों की कटाई हो रही है. उसमें जो कटाई मशीनों के आधार पर हो रही है. इसकी लिस्टिंग की जानी चाहिए. सभी को अपनी फसल काटने के लिए हारवेस्टिंग मशीनें आसानी के साथ उपलब्ध होनी चाहिए. इससे मजदूर बाहर नहीं आएंगे. अफरा-तफरी का माहौल  नहीं बनेगा. और लॉकडाउन जैसा व्यापक प्रयास सफल हो पाएगा.

    उत्तर प्रदेश, मुजफ्फरनगर, कोविड-19, कोविड-19 अपडेट, कोरोना वायरस, Uttar Pradesh, Muzaffarnagar, COVID-19, COVID-19 update, Coronavirus

    वो कहते हैं कि अब कोरोना के गांवों में फैलना का खतरा है. इसके लिए भी हमें पहले से तैयार रहना होगा, गांव स्तर पर सामुदायिक केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र को क्वारंटाइन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. जिसका प्रबंधन प्रधानों के जिम्मे दिया जाए.

    सोशल मीडिया के जरिए कृष्ण कुमार कोरोना के मसले पर लगातार एक के बाद एक सुझाव साझा कर रहे हैं. उनका दावा यह भी दावा है कि ट्रेनों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने का आयडिया उन्होंने पूरी प्लानिंग के साथ अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था.

    ये भी पढ़ें:

    भारत में एक तिहाई परिवार ही खाने से पहले साबुन से धोते हैं हाथ, कैसे हारेगा कोरोना?

    वो सीनियर महिला IAS, जो देशभर में कोरोना वायरस को लेकर हैं सुर्खियों में

    अमेरिकी फर्म के साथ क्यों शेयर किया गया केरल के नागरिकों का संवेदनशील डेटा?

    क्या आप जानते हैं भारत में स्वच्छता के मायने बताने वाले Dettol की कहानी

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने क्यों दिया था आज नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा

    Tags: COVID-19 pandemic, Social Distancing

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर