Home /News /knowledge /

क्या है आसियान; भारत की विदेश नीति के लिए क्यों रखता है खास मायने?

क्या है आसियान; भारत की विदेश नीति के लिए क्यों रखता है खास मायने?

आसियन-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते पीएम मोदी

आसियन-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते पीएम मोदी

What Is Asean And How Is It Important For India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान के नेताओं के साथ बृहस्पतिवार को तमाम मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी की इस पहल से एक बार फिर भारत के लिए आसियान के महत्व को उजागर कर दिया है. पीएम मोदी ने दक्षिणी चीन सागर, आतंकवाद, अफगानिस्तान, कोविड-19 महामारी सहित तमाम मुद्दों पर आसियान नेताओं के साथ चर्चा की. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि भारत के लिए आसियान कितना महत्वपूर्ण है.

अधिक पढ़ें ...

What Is Asean: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान के नेताओं के साथ बृहस्पतिवार को तमाम मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी की इस पहल ने एक बार फिर भारत के लिए आसियान के महत्व को उजागर कर दिया है. पीएम मोदी ने दक्षिणी चीन सागर, आतंकवाद, अफगानिस्तान, कोविड-19 महामारी सहित तमाम मुद्दों पर आसियान नेताओं के साथ चर्चा की. ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि भारत के लिए आसियान कितना महत्वपूर्ण है.

क्या है आसियान (What is ASEAN)?
आसियान एक क्षेत्रीय संगठन है. इस फुलफॉर्म है द एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशन्स (The Association of Southeast Asian Nations). इस संगठन का मकसद एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच सामाजिक और राजनीतिक स्थिरिता को बढ़ाना और विकास करना है. इस संगठन का नजरिया- एक दृष्टि, एक पहचान, एक समुदाय है. आठ अगस्त को इसका स्थापना दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्यालय इंडोनेशिया के जकार्ता शहर में है. आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया सदस्य हैं.

भारत और आसियान के रिश्ते
भारत की विदेशी नीति में आसियान का एक विशेष महत्व है. आसियान को ध्यान में रखते हुए ही भारत ने अपनी लुक ईस्ट नीति बनाई है. आसियान के लिए भारत का एक अलग मिशन है. भारत और आसियान के बीच 25 सालों से बातचीत चल रही है. इसके अलावा भारत और आसियान देशों के बीच 15 साल से सब्मिट स्तर की बातचीत होती है. पांच साल रणनीतिक साझेदारी भी चल रही है. इसके अलावा आसियान के साथ अन्य स्तरों पर भी लगातार संपर्क बना हुआ है.

आसियान के साथ आर्थिक सहयोग
आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. भारत के कुल व्यापार में आसियान की भागीदारी करीब 10.6 फीसदी है. भारत के कुल निर्यात में आसियान देशों को होने वाले निर्यात का हिस्सा 11.28 फीसदी है. इसके अलावा भारत और आसियान के बीच कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग चल रहा है. पीएम मोदी ने आसियान की एकता को भारत की प्राथमिकता बताया, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की.

पीएम मोदी ने किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को आसियान के नेताओं के साथ दक्षिण चीन सागर, आतंकवाद, अफगानिस्तान, कोविड-19 महामारी, सम्पर्क सहित साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की तथा दक्षिण चीन सागर में शांति, स्थिरता, सुरक्षा बनाये रखने एवं इसे प्रोत्साहित करने के महत्व को रेखांकित किया. शिखर बैठक में डिजिटल माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और हिंद प्रशांत के लिए आसियान का दृष्टिकोण (एओआईपी) इस क्षेत्र में उनके साझे नजरिए एवं आपसी सहयोग की रूपरेखा हैं.

भारत की एक्ट ईस्ट नीति का हिस्सा
पीएम ने कहा कि आसियान की एकता और केंद्रीयता भारत के लिए सदैव एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता रही है. आसियान की यह विशेष भूमिका, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का हिस्सा है जो ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास) नीति में निहित है.’’ विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रीवा गांगुली दास ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री और आसियान देशों के नेताओं ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिये सहयोग पर भारत-आसियान संयुक्त बयान अंगीकार करने का स्वागत किया .

दक्षिण चीन सागर पर चर्चा
दास ने बताया कि प्रधानमंत्री और आसियान देशों के नेताओं ने दक्षिण चीन सागर, आतंकवाद, अफगानिस्तान, कोविड-19 महामारी, सम्पर्क सहित साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बृहस्पतिवार को ‘सार्थक’ चर्चा की. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ दोनों पक्षों ने क्षेत्र में कानून आधारित व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन शामिल है.’’ इसमें कहा गया है कि नेताओं ने दक्षिण चीन सागर में शांति, स्थिरता, सुरक्षा बनाये रखने एवं प्रोत्साहित करने तथा नौवहन स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया .

Tags: ASEAN, PM Modi

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर