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इंसानों तक पहुंच कैसे जानलेवा हो सकता है बर्ड फ्लू? जानें इसके बारे में सब कुछ

बर्ड फ्लू से देश के कई राज्यों में दहशत
बर्ड फ्लू से देश के कई राज्यों में दहशत

देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू Bird Flu) ने दस्तक दे दी है. हजारों पक्षी मारे गए हैं. इसमें बाहर से आने वाले प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) भी हैं. हालांकि स्थिति कंट्रोल में है लेकिन कई बार बर्ड फ्लू का वायरस अगर मनुष्य तक पहुंच गया तो जानलेवा भी हो सकता है. जानें इसके बारे में सब कुछ

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 10:33 PM IST
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देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू से हजारों पक्षियों के मरने की पुष्टि हो चुकी है. कई राज्यों में अलर्ट जारी हो गया है. पोल्ट्री फॉर्म के उत्पाद नहीं खाने की सलाह दी गई है. ये बीमारी इंसानों तक भी पहुंच सकती है. ये जानलेवा भी हो सकती है. क्या है बर्ड फ्लू और क्यों इससे सावधान रहना जरूरी है. ये जानने की जरूरत है.

हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान में बर्ड फ्लू के चलते हजारों पक्षी मर गए हैं. हिमाचल में इस मौसम में प्रवासी पक्षी बहुतायत में कांगड़ा और आसपास के इलाकों में आते हैं. सोमवार तक के आंकड़े करीब 2300 पक्षियों के मौत की पुष्टि कर रहे हैं. इसके बाद राज्य सरकार ने कई इलाकों के पक्षियों को मारने के लिए आदेश दिए हैं.

उसी तरह केरल में पिछले 2-3 दिनों में 12000 से ज्यादा बत्तख केवल दो जिलों कोट्टायम और अलप्पुझा में मर चुकी हैं. इस राज्य में हर साल ही बर्ड फ्लू की मार पड़ती है. वहां भी राज्य सरकार कई प्रभावित इलाकों में पक्षियों को मार रही है. राजस्थान में भी 500 के आसपास पक्षी मारे गए हैं. मध्य प्रदेश राज्य में भी अलर्ट जारी हो गया है. सरकार कहना है कि बर्ड फ्लू से एच5एन8 और कई अऩ्य तरह के वायरस एंफ्लुएंजा का खतरा है.



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क्या है बर्ड फ्लू
दरअसल बर्ड फ्लू को एवियन एंफ्लुएंजा भी कहते हैं. ये एक तरह का वायरल इंफेक्शन है, जो पक्षियों से मनुष्यों को भी हो सकता है. ये जानलेवा भी हो सकता है.

इसका सबसे आम रूप H5N1 एवियन एंफ्लुएंजा कहलाता है. ये बेहद संक्रामक है. समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक सबसे पहले एवियन एंफ्लुएंजा के मामले साल 1997 में दिखे. संक्रमित होने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोगों की जान चली गई.

कोरोना वायरस का कहर अभी जारी ही है कि इस बीच बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है. राजस्थान के कई हिस्सों में पक्षियों की मौत के बाद उनमें एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई. अब मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी पक्षियों में ये संक्रमण दिखा है. इसके बाद से राज्यों की सरकारें सचेत हो गई हैं. बता दें कि बर्ड फ्लू भी वायरसजन्य संक्रमण है, जो पक्षियों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इंसानों में भी फैलता है. सांकेतिक फोटो (pixabay)
इसका सबसे आम रूप H5N1 एवियन एंफ्लुएंजा कहलाता है. ये बेहद संक्रामक है. समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है. सांकेतिक फोटो (pixabay)


क्या मनुष्यों तक पहुंच सकता है
एवियन एंफ्लुएंजा वायरस H5N1 को बर्ड फ्लू का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. ये वायरस पक्षियों के साथ ही इन्सानों के लिए भी खतरनाक होता है. इन्सानों में इसके लक्षण सामान्य होते हैं, इसमें सर्दी, जुकाम, सांस में तकलीफ और बार-बार उल्टी आने जैसी दिक्कतें होती हैं.

कहां फैलते हैं इसके वायरस
इसके वायरस वहीं फैलते हैं जहां पक्षि‍यों की काफी तादाद होती है. इनके संपर्क में जो भी आता है, उसमें सांस के जरि‍ए वायरस शरीर में प्रवेश कर जाते हैं.

05 वायरस में सबसे खतरनाक है H5N1
बर्ड फ्लू की कई किस्में होती हैं. इ‍नमें 05 वायरस होते हैं. ये H7N3, H7N7, H7H9, H9N2 और H5N1 हैं. इसमें H5N1 सबसे खतरनाक वायरस होता है. हर बार इसके वायरस स्‍ट्रेन बदलते रहते हैं. इनकी दो प्रापर्टीज होती हैं. इ‍नमें एंटीजेनि‍क शि‍फ्ट और एंटीजेनि‍क डि‍फ़ट शामि‍ल होता है.

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ये बीमारी संक्रमित मुर्गियों या अन्य पक्षियों के करीब रहने से ही फैलती है.


जानिए क्यों है इंसानों पर बड़ा खतरा
बर्ड फ्लू इतना खतरनाक है कि कब महामारी का रूप ले ले कोई कह नहीं सकता. ये बीमारी संक्रमित मुर्गियों या अन्य पक्षियों के करीब रहने से ही फैलती है. अगर बर्ड फ्लू का वायरस मुर्गियाें में भी पाया गया, तो यह सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा. मुर्गियों से इंसानों में वायरस फैलने की अधिक संभावना रहती है.

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बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं. सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं.

हमेशा कफ रहना
नाक बहना
सिर में दर्द रहना
गले में सूजन
मांसपेशियों में दर्द
दस्त होना
हर वक्‍त उल्‍टी-उल्‍टी सा महसूस होना
पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना
सांस लेने में समस्या, सांस ना आना, निमोनिया
आंख में कंजंक्टिवाइटिस

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बर्ड फ्लू से कैसे बचें
संक्रमित पक्षियों से दूर रहें, खासकर मरे पक्षियों से बिल्कुल दूर रहें.
बर्ड फ्लू का संक्रमण अगर फैला है तो नॉनवेज ना खाएं
नॉनवेज खरीदते समय साफ-सफाई पर नजर रखें
संक्रमण वाले एरिया में कोशिश करें कि ना जाएं अगर जाएं तो मास्क पहनकर जाएं

बर्ड फ्लू का इलाज
बर्ड फ्लू का इलाज एंटीवायरल ड्रग ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू) और ज़ानामिविर (रेलेएंजा) से किया जाता है. इस वायरस को कम करने के लिए पूरी तरह आराम करना चाहिए. हेल्दी डायट लेनी चाहिए जिसमें अधिक से अधिक लिक्विड हो. बर्ड फ्लू अन्य लोगों में ना फैले इसके लिए मरीज को एकांत में रखना चाहिए.
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