लाइव टीवी
Elec-widget

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में क्या करेंगे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस

News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 2:22 PM IST
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में क्या करेंगे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस
महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनाने के लिए कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय कर लिया गया है

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) की गठबंधन सरकार बना लिए जाने का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बात बन गई है, जिसके आधार पर सरकार बनने वाली है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2019, 2:22 PM IST
  • Share this:
महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) की गठबंधन सरकार बना लिए जाने का दावा किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि उस कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बात बन गई है, जिसपर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने वाली है. बताया जा रहा है कि शिवसेना महाराष्ट्र की अगली सरकार का नेतृत्व करेगी, जिसे एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त होगा. शिवसेना नेता संजय राउत ने यहां तक दावा किया है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना सिर्फ 5 साल नहीं बल्कि अगले 25 वर्षों तक राज करेगी.

सरकार बनाने का फॉर्मूला ढूंढ़ लिए जाने के बीच ये सवाल उठ रहा है कि अलग-अलग विचारधारा रखने वाली शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस आखिर एक कॉमन पॉइंट पर कैसे पहुंचे हैं? तीनों पार्टियों ने किस आधार पर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया है और उसमें कौन-कौन से मुद्दे शामिल हैं?

शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में है क्या?

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने 40 पाइंट का कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया है. सरकार बनाने की दिशा में इसे सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के सभी पॉइंट्स अब तीनों पार्टियों के अध्यक्ष डिस्कस करेंगे. इसके बाद 19 नवंबर तक सरकार बनाने का फाइनल ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया जाएगा. 17 नवंबर को एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच मुलाकात होनी है. इसके बाद तस्वीर कुछ और साफ हो सकेगी.

किसानों और युवाओं पर है सीएमपी का फोकस

बताया जा रहा है कि तीन पार्टियों के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में किसानों और युवाओं पर फोकस किया गया है. इसमें हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों का जिक्र नहीं है. गठबंधन सरकार बनाने के लिए शिवसेना ने हिंदुत्व को लेकर अपने तेवर नरम किए हैं. जिन मुद्दों पर शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बनती है, उसे फिलहाल ठंडे बस्ते में रखा गया है. बताया जा रहा है कि शिवसेना ने अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर भी नरमी रखी है.

what is common minimum programme of shiv sena ncp and congress in maharashtra for government formation
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में विवादित मुद्दों से परहेज किया गया है

Loading...

कांग्रेस और एनसीपी के घोषणापत्र में मुस्लिमों के लिए शिक्षा में 5 फीसदी आरक्षण का वादा किया गया था. शिवसेना मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण दिए जाने के विरोध में थी. लेकिन अब बताया जा रहा है कि गठबंधन सरकार बनाने के लिए शिवसेना मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण देने पर राजी हो गई है.

अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा के लिए 5 फीसदी रिजर्वेशन की व्यवस्था पिछले कांग्रेस एनसीपी के शासनकाल में आगे बढ़ाई गई थी. लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता में बीजेपी-शिवसेना के आ जाने की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका था. अब शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में इसे अमल में लाया जाएगा. बताया जा रहा है कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में इस बात का जिक्र है.

सीएमपी में विवादित मुद्दों का नहीं है जिक्र

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाते वक्त तीनों पार्टियों ने अपने मतभेदों पर भी बात की है. वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी एक ऐसा ही मुद्दा है. शिवसेना वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग करती रही है. जबकि कांग्रेस और एनसीपी इसका विरोध करती रही है. बताया जा रहा है कि शिवसेना फिलहाल इस मसले को ठंडे बस्ते में डाल सकती है. गठबंधन सरकार का रास्ता साफ करने के लिए ऐसा करना जरूरी है.

what is common minimum programme of shiv sena ncp and congress in maharashtra for government formation
सरकार बनाने के लिए शिवसेना और कांग्रेस करीब आ रहे हैं


फिलहाल तो यही बताया जा रहा है कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का फोकस किसान और युवा होंगे. कांग्रेस और एनसीपी किसानों के मुद्दे उठाती आई हैं. दोनों पार्टियों के अहम वायदों में किसानों की पूरा कर्जमाफी है. इसे सीएमपी में शामिल किया जा सकता है. इसके साथ ही 10 रुपए में भरपेट खाने का वायदा भी है. बेरोजगारों के लिए मासिक भत्ते और स्थानीय लोगों को नौकरी में कोटा दिए जाने का मुद्दा भी है. इन मुद्दों को सीएमपी में शामिल किया जा सकता है.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर बात करते हुए कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण पहले ही कह चुके हैं कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाने के लिए हमने शिवसेना के साथ कांग्रेस और एनसीपी के घोषणापत्रों को पढ़ा है और तीनों के कुछ अहम मुद्दों को सीएमपी में शामिल किया है. उन्होंने कहा कि ये इलेक्शन मैनिफेस्टो नहीं बल्कि एक्शन प्लान है, जिसके आधार पर एक स्वच्छ और ईमानदार सरकार का गठन होगा. इसमें विवादित मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है.

ये भी पढ़ें: जापान की इस टेक्नोलॉजी से प्रदूषण से मिलेगा हमेशा के लिए छुटकारा

क्या महाराष्ट्र में भी चलेगा 14 साल पुराना बिहार वाला राजनीतिक दांव

सुप्रीम कोर्ट और CJI को RTI एक्ट में लाने का मामला है क्या

राष्ट्रपति शासन के बाद अब महाराष्ट्र के सामने क्या है विकल्प

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 15, 2019, 2:22 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...