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क्या है ऑनलाइन फॉर्मेसी, इनसे कैसे मिलती हैं दवाइयां

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

देश में ई फॉर्मेसी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. ये दवाओं की बिक्री के साथ हेल्थकेयर और कई सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं.

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    मद्रास हाईकोर्ट ने नौ नवंबर ऑनलाइन फॉर्मेसी पर रोक लगा दी है. कुछ ही दिन पहले रिटेल दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन मेडिसिन बिक्री के खिलाफ हड़ताल की थी. जानते हैं क्या है ऑनलाइन फॉर्मेसी, जिससे लोगों को इंटरनेट के जरिए सस्ती दवाएं मिल रही हैं.

    कुल मिलाकर ई-फॉर्मेसी वो नई तरह की दुकान है, जिसकी साइट या एप पर जाकर जब आप दवा बुक करेंगे तो आपको सस्ते में, सप्ताह के सातों दिन और किसी भी समय घर पर दवा पहुंचा देंगे. पारंपरिक दवा विक्रेताओं के लिए ये स्थिति मुसीबत खड़ा करने वाली है. ना केवल उनके कारोबार पर इसका असर पड़ रहा है बल्कि उनका कहना है कि ई फार्मेसी द्वारा भेजी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर कैसे भरोसा किया जा सकता है.

    सरकार क्या कर रही है
    हालांकि ऑनलाइन फॉर्मेसी के कोई तय नियम नहीं हैं. अभी ये अपने शुरुआती दिनों में है. कई नियमों के लिए इन्हें रेगुलेट किया जा रहा है. इसमें ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स रुल्स 1945 के साथ द ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट 1940 भी शामिल है.

    केंद्र सरकार ने 28 अगस्त को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रुल्स 1945 के तहत एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि कोई कैसे ई-फॉर्मेसी का काम शुरू कर सकता है, कैसे उसे पंजीकरण करना होगा, कैसे दवा बेचनी होगी.

    हालांकि देश में एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां ई फॉर्मेसी के क्षेत्र में कारोबार कर रही हैं, उनका कहना है कि वो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रुल्स 1945 की शर्तों के आधार पर ही धंधा करते हैं.

    ई फॉर्मेसी के अभी देश में कोई तय नियम नहीं हैं लेकिन ये नियम ड्रग्स रुल्स और कई एक्ट से संचालित होते हैं


    क्या हैं ई फॉर्मेसी के नियम
    - डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बगैर दवा बिक्री नहीं
    - शेड्यूल एक्स ड्रग्स की बिक्री नहीं
    - तापरोधी कवर में पंजीकृत फॉर्मासिस्ट की निगरानी में पैकिंग
    - हर बिक्री का वैध बिल
    - हर ई-फॉर्मेसी पोर्टल को बगैर रजिस्टर्ड कराए दवाएं नहीं बेची जा सकेंगी
    - जो भी शख्स ई-फॉर्मेसी के बिजनेस में आना चाहेगी, उसे केंद्रीय लाइसेंसिंग अथारिटी के फार्म 18 पर
    - केंद्रीय सरकार के आनलाइन पोर्टल के जरिए अावेदन करना होगा. पंजीकरण शुल्क 50 हजार रुपए होगा.
    - आवेदन करने वाले को इंफार्मेशन टेक्नॉलॉजी एक्ट 2000 को मानना होगा
    - हर रोगी के विवरण को गोपनीय रखना होगा
    - नई ई-फॉर्मेसी फर्म को केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन के साथ रजिस्टर्ड कराना होगा
    - ई-फॉर्मेसी फर्म भी राज्य से एक लाइसेंस ले सकती हैं, बेशक वो इसी लाइसेंस के जरिए सारे देश में दवा बिक्री कर सकती हैं
    - समय समय पर ई-फॉर्मेसी की जांच केंद्रीय लाइसेंसिंग अथारिटी की टीम करेगी
    - ई-फॉर्मेसी रजिस्ट्रेशन तीन साल के ही वैद्य होगा, इसके बाद इसका नवीकरण कराना होगा
    - सभी ई-फॉर्मेसी को 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन चलने वाले कॉल सेंटर रखने होंगे ताकि दवाओं की डिलिवरी समय से हो सके.

    अब सरकार कई तरीकों से ई फॉर्मेसी को रेगुलेट करने जा रही हैं


    कीमतों में अंतर 
    - ये तो तय है कि ई-फॉर्मेसी से दवाएं पारंपरिक दुकानों की तुलना में ज्यादा सस्ती मिलती हैं. यहां आमतौर पर दवाओं में 20 से लेकर 30-35 फीसदी छूट मिल जाती है.
    - दवा खरीदने छूट के साथ कैश बैक जैसे ऑफर भी मिलते हैं

    ई फॉर्मेसी पर दवाएं क्यों सस्ती
    - माना जाता है ऑनलाइन कारोबारियों की लागत कम होती है
    - ये बड़ी कंपनियों से सीधे सौदा करती हैं, जिससे उन्हें ज़्यादा डिस्काउंट मिलता है, वो फायदा ग्राहकों को दिया जाता है
    - कई ई-फॉर्मेसी जेनेरिक दवा का भी विकल्प देते हैं जो ब्रांड की तुलना में सस्ता होता है

    खतरे क्या हैं
    नियमों के अभाव में देश में अवैध ऑनलाइन फार्मेसी बढ़ रही हैं. पिछले महाराष्ट्र में सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा ऑनलाइन फॉर्मेसी पर छापे डाले और दो करोड़ से ज्यादा की दवाइयां जब्त कीं.

    क्या अॉनलाइन फॉर्मेसी का भी कोई संगठन है
    पहले इंडियन इंटरनेट फॉर्मेसी एसोसिएशन (आईआईपीए) नाम से एक संगठन बनाया गया था, जिसका नाम बदलकर अब डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म्स (डीएचपी) कर दिया गया है.

    देश में कई बड़े ई फॉर्मेसी स्टोर्स हैं, जहां से इंटरनेट या एप के जरिए आसान से दवाएं खरीदकर घर मंगा सकते हैं


    देश की बड़ी ई-फॉर्मेसी कंपनियां
    1. नेटमेड्स
    - आप इनकी वेबसाइट से दवाओं के साथ ब्यूटी और सर्जिकल प्रोडक्ट्स खऱीद सकते हैं. इसमें सर्च और भुगतान के आसान विकल्प हैं. इनका एप भी है. दवाओं की डिलिवरी ट्रैक की जा सकती है.

    2. जस्ट रिलीफ
    जस्ट रिलीफ डॉट कॉम से भी आप प्रिस्क्रिशन की दवाएं ले सकते हैं. ये साइट कई तरह की टीका सर्विस और हेल्थकेयर सर्विस भी मुहैया कराती है

    3. बाई ड्रग
    बाई ड्रग फॉर्मेसी देश में फॉर्मेसी की रिटेल चैन है, जिसके ऑनलाइन स्टोर भी हैं. इसमें जब आप अपना दवा का पर्चा स्कैन करके अपलोड करते हैं तो उनके फॉर्मासिस्ट खुद दवाओं को पहचान कर आपको भेजते हैं. उसकी खुराक भी तय करते हैं.

    4. आरएक्सप्रेस
    आरएक्स्प्रेस खुद को भारत का पहला दवा का ऑनलाइन स्टोर बताता है. इस पर सभी तरह की दवाएं उपलब्ध हैं. वाट्सएप के जरिए भी ये प्रिस्क्रिप्शन लेते हैं और दवाएं डिलिवर करते हैं.

    5. मेडिडार्ट
    ये देशभर में 3500 जगहों पर दवा की सेवा देती है. ये ना केवल प्रिस्क्रिप्शन पर दवाएं देती हैं बल्कि हेल्थ चेकअप और डॉक्टर से अप्वाइंटमेंट भी उपलब्ध कराती है. आप आनलाइन या एप पर अपना प्रिस्क्रिप्शन अपलोड कर सकते हैं.

    6. फॉर्म इजी
    ये फॉर्मेसी देश की सबसे बड़ी फार्मेसी एग्रीगेटर का काम करती है. ये लोकल फॉर्मेसी स्टोर्स और डायग्नोस्टिक सेंटर को जोड़ती है.

    7.अपोलो फॉर्मेसी
    ये अपोलो हास्पिटल्स और अपोलो फॉर्मेसी का पार्ट है, जिसका देशभर में बड़ा नेटवर्क है. आप उनके पोर्टल से 4000 से ज्यादा मेडिसिन उत्पाद छांट सकते हैं.

    8. एर्मेड
    ये थोड़ा अलग हैं. आप दवाओं का आर्डर इनके पोर्टल, एप के अलावा फोन या वाट्सएप के जरिए भी कर सकते हैं.
    इनके अलावा एमकेमिस्ट, इजी मेडिको, वनएमजी, मेड प्लस मार्ट भी आनलाइन फॉर्मेसी के बड़े स्टोर्स हैं.

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