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कैसे काम करता है PF ब्याज दरों में कटौती करने वाला EPFO, इसके निष्क्रिय खातों में कितना मोटा धन

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: March 5, 2020, 6:47 PM IST
कैसे काम करता है PF ब्याज दरों में कटौती करने वाला EPFO, इसके निष्क्रिय खातों में कितना मोटा धन
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कर्मचारियों की भविष्य निधि की ब्याज दरों में कटौती की गई है. आखिर कैसे काम करता है कर्मचारी भविष्य निधि संगठन. क्या हैं उसकी योजनाएं. कुल मिलाकर उसके पास कितना धन है और उन खातों में कितनी रकम है, जो निष्क्रिय हो चुके हैं, इसी से EPFO को मोटी रकम ब्याज में मिलती है

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आपके पीएफ (Provident Fund) पर वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ब्याज दरें 8.65 से घटाकर 8.50 फीसदी कर दी गई है. ये फैसला कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ,Employee Provident Fund Organization) के शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने एक बैठक के बाद लिया है. ये ईपीएफओ कौन सी संस्था है, जो कर्मचारियों के वेतन से कटौती किए जाने वाले एक खास फंड का प्रबंधन करती है. ये संस्था कैसे चलती है. कर्मचारियों के लिए ये कौन सी योजनाएं चलाती रही है..

इंप्लाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) पिछले कुछ समय से कर्मचारियों से मिलने वाली निधि का निवेश कई तरह से करता है. इसमें एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) भी शामिल है. पिछले दिनों ये चर्चाएं थीं कि ईपीएफओ शेयर बाजार में भी धन निवेश करेगा लेकिन पिछले साल 02 दिसंबर को केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में बताया था कि ईपीएफओ शेयर बाजार और इक्विटीज में पैसा नहीं लगा रहा.

क्या है ईपीएफओ
ईपीएफओ (Employee Provident Fund Organization) यानी ‘कर्मचारी भविष्य निधि संगठन’ भारत सरकार का एक संगठन है, जो अपने सदस्यों को रिटायरमेंट के बाद आय सुरक्षा देने के लिए कई योजनाएं चलाता है. हर उस कंपनी को ईपीएफओ में खुद को रजिस्टर्ड कराना होता है, जहां कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक हो.



कब बनाया गया ये संगठन


1951 के करीब कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश की घोषणा की गई. 15 नवंबर, 1951 को कर्मचारी भविष्य निधि अध्यादेश को कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 में बदला गया, जो जम्मू और कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में लागू हुआ. अधिनियम की धारा 5 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि योजना को चरणों में लागू करने के बाद एक नवंबर, 1952 को पूरी तरह देशभर में लागू कर दिया गया.

अब तक क्या रही हैं इसकी दरें
1952-53 में ईपीएफ की ब्याज दरें महज तीन फीसदी थीं. 1955-56 में बढ़कर ये 3.5 फीसदी हुई. 1972-73 में इसकी दर 6.00 परसेंट तक पहुंची. 1980 और 1990 के दशक में पीएफ की ब्याज दरें दहाई में पहुंची. 1988-89 से लेकर 1999-2000 तक ये दरें 12 फीसदी थीं. जो इसका सर्वोच्च ब्याज स्तर था. इसके बाद इनमें गिरावट शुरू हुई.


ईपीएफओ में कितनी कंपनियां
ईपीएफओ के दायरे में आने वाली कंपनियों और संगठनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. 2015-16 में ईपीएफओ में 9.21 लाख पंजीकृत संगठन और कंपनियां थीं. 2016-17 में यह संख्या बढ़कर 10.2 लाख हो गई. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार ईपीएफओ के पास फिलहाल 4.5 करोड़ सक्रिय सदस्य हैं.

कितनी योजनाएं चला रहा है?

अभी ईपीएफओ तीन योजनाएं चला रहा है. -
1- कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPF- Employees' Providnet Fund Scheme)
2- कर्मचारी पेंशन योजना (EPS- Employees' Pension Fund Scheme)
3- कर्मचारी जमा सहबध्द बीमा योजना (EDLI- Employees' Deposit Linked Insurance Scheme)

क्या करती है कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPF)
1- रिटायरमेंट, त्यागपत्र और मृत्यु की दशा में जमा राशि का ब्याज के साथ भुगतान.
2- कुछ विशेष स्थितियों में जैसे गृह निर्माण, विवाह, उच्च शिक्षा के समय आंशिक निकासी.

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में क्या होता है
1- रिटायरमेंट, विकलांग, विधवा, विधुर और बच्चों को मासिक लाभ.

कर्मचारी जमा सहबध्द बीमा योजना (EDLI) में कब मिलता है धन
1- सदस्य के सेवा में रहते हुए मृत्यु होने की स्थिति में उसके नॉमिनी को राशि का भुगतान.
2- कितनी राशिः 20 महीने की सैलरी के 20 गुना या जमा राशि के आधार पर (जो अधिक हो).

कंपनी अपनी तरफ से 8.33% EPS में और 3.67% आपके EPF अकाउंट में जमा करती है. इस अमाउंट पर कितना ब्याज मिलेगा, इसकी दर EPFO हर साल तय करती है. जिस तरह उसने अब की है.


कितना पैसा जाता है ईपीएफओ के पास?
किसी भी कंपनी में, जहां पीएफ कटता है, उसे आपकी बेसिक सेलरी की 12फीसदी रकम काट कर EPF अकाउंट में जमा की जानी चाहिए. कंपनी अपनी तरफ से 8.33% EPS में और 3.67% आपके EPF अकाउंट में जमा करती है. इस अमाउंट पर कितना ब्याज मिलेगा, इसकी दर EPFO हर साल तय करती है. जिस तरह उसने अब की है.

ईपीएफओ के पास कितना पैसा अनक्लेम्ड
2015 में श्रम राज्य मंत्री, बंदारू दत्तात्रेय ने EPFO के बारे में कहा था कि ईपीएफओ के पास 27,000 करोड़ रुपया ऐसा था, जिसे कोई क्लेम करने नहीं आया. हालांकि पिछले साल यानि वर्ष 2019 में एक पीआईएल पर सुनवाई के दौरान बांबे हाईकोर्ट में जानकारी दी गई कि ईपीएफओ के निष्क्रिय खातों में 40865.14 करोड़ रुपए हैं. जिससे उसे हर साल उसे 4000 करोड़ रुपए का ब्याज मिलता है. वैसे विकीपीडिया कहती है कि ईपीएफओ के पास कुल मिलाकर 11 लाख करोड़ रुपए की रकम है.

कितने कर्मचारी हैं ईपीएफओ में
ईपीएफओ में काम करने वाले कुल लोगों की संख्या 20,000 से अधिक है, जिसमें सभी स्तर शामिल हैं.

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First published: March 5, 2020, 6:40 PM IST
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