क्या है वो कंबल, जो डिप्रेशन का इलाज करने में मदद करता है?

अवसाद के मरीजों को भारी कंबल ओढ़ने को दिया जाता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)
अवसाद के मरीजों को भारी कंबल ओढ़ने को दिया जाता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

मनोचिकित्सा केंद्रों (psychiatry center) में अवसाद (depression) के मरीजों को भारी कंबल ओढ़ने को दिया जाता है. इससे अवसाद और अनिद्रा (insomnia) जैसी परेशानियों से काफी राहत मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 14, 2020, 9:55 AM IST
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सर्दियों के मौसम में रजाई ओढ़कर सोने से अच्छा शायद ही कोई काम लगे. उसमें भी रजाई या कंबल जितना भारी हो, उतना अच्छा. लेकिन क्या भारी कंबल सचमुच ज्यादा गर्मी देता है या भार से गर्मी का संबंध महज हमारी कल्पना है! इसपर कई तरह के शोध लगातार हो रहे हैं, जो बताते हैं कि भारी कंबल न केवल गर्मी देते हैं, बल्कि इनसे कई तरह की मनोवैज्ञानिक समस्याओं में भी राहत मिलती है.

क्या हैं ये कंबल
भारी कंबल को पश्चिमी देशों में 'ग्रेविटी कंबल' भी कहा जाता है. पहले इनका उपयोग अस्पतालों में और मनोचिकित्सा केंद्रों पर होता था लेकिन अब ये आम घरों तक पहुंच चुका है. जैसा कि नाम से ही साफ है, इस कंबल में काफी भार होता है, जिससे इसके अपने खतरे भी हैं. जैसे कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें कंबल में दम घुटने से बच्चों की मौत हो गई. यही वजह है कि हमारे शरीर के वजन के हिसाब से भी कंबल बनाए जा रहे हैं जो कि बच्चों, वयस्कों, बूढ़ों और ऑटिस्टिक लोगों के लिए अलग वजन के होते हैं.

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हो रहा है शोध


अमेरिका के मेसाचुसेट्स में स्पाइरल फाउंडेशन में इसपर काफी शोध हो रहा है. शोधार्थियों का मानना है कि भारी कंबल गर्मी देते हैं और इसी वजह से इससे नींद भी अच्छी आती है. हालांकि इसका वजन बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है और दम घुटने जैसी दुर्घटना हो सकती है.

ऑक्युपेशनल थैरेपी में मरीज को भारी रजाई ओढ़ने को कहा जाता है- सांकेतिक फोटो (pxhere)


भारी कंबल के कई फायदे हैं
ऑक्युपेशनल थैरेपी में ये उपयोग होते हैं, जिसके तहत दिव्यांग या किसी तरह की मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहे लोगों को आराम दिया जाता है. इसकी गर्मी और वजन से भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसे डीप-टच प्रेशर के नाम से भी जाना जाता है. डीप टच प्रेशर के पीछे ये विज्ञान काम करता है कि गर्मी और वजन से सेरेटोनिन और डोपामिन हॉर्मोन निकलते हैं जो मस्तिष्क को आराम देते हैं. यही वजह है कि ग्रेविटी कंबल ओढ़ने से अवसाद, अनिद्रा, ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर और एंजाइटी में आराम मिलता है.

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मनोवैज्ञानिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को मिला आराम
ऑक्युपेशनल थैरेपी इन मेंटल हेल्थ में 33 वयस्कों पर शोध किया गया. उन्हें 5 मिनट के लिए वजनी कंबल (13.6 किलोग्राम) ओढ़ाया गया. लगभग 85 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इससे उन्हें आराम महसूस हुआ, वहीं बाकी लोगों को ब्लैंकेट के नीचे परेशानी हुई. ऑस्ट्रेलेशियन साइकेट्री में भी इसी कंबल पर शोध किया गया. इसमें मनोचिकित्सकों ने मनोवैज्ञानिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर प्रयोग किया, जिसके नतीजे सकारात्मक रहे.

गर्मी और वजन से सेरेटोनिन और डोपामिन हॉर्मोन निकलते हैं जो मस्तिष्क को आराम देते हैं- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


छोटे बच्चों के खतरनाक भी हैं
पीडियाट्रिक्स जर्नल में ऑटिस्टिक बच्चों पर शोध हुआ जो नींद की कमी से परेशान थे. उनकी नींद और नींद में खलल के लिए एक्टिविटी मॉनिटर लगाया गया. इसके नतीजे भी मिलते-जुलते रहे. हालांकि इसमें ये भी सामने आया कि भारी कंबल को ऑटिस्टिक बच्चे हटा नहीं पाते हैं और दम घुटने जैसे हालात बन सकते हैं.

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किस तरीके पर काम करते हैं 
कंबल से आराम को 'प्लासिबो इफेक्ट' से जोड़ा जा रहा है जिसे डमी ट्रीटमेंट भी कहते हैं. इसमें कंबल ओढ़ने वाले व्यक्ति को लगता है कि वजन की वजह से गर्मी ज्यादा है और वो आराम से सो सकता है. मनोवैज्ञानिक समस्याओं के इलाज के दौरान भी ये कंबल इसी थ्योरी पर काम करता है, जिसमें ये कंबल इलाज के 'टूल' की तरह लगता तो है लेकिन दरअसल इलाज में इसकी कोई भूमिका नहीं होती है.
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