क्या है NPR, जिसे केंद्र ने दी हरी झंडी, कैसे है ये NRC से अलग

क्या है NPR, जिसे केंद्र ने दी हरी झंडी, कैसे है ये NRC से अलग
क्या है एनपीआर, जो अगले साल से लागू हो जाएगा

मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग के बाद नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अनुमति दे दी गई है. इस पर अगले साल अप्रैल से काम शुरू हो जाएगा. इसमें देश में रहने वाले भारतीयों और गैर भारतीयों के नाम रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 24, 2019, 7:16 PM IST
  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को मंजूरी दे दी है. ये अगले साल से लागू हो जाएगा. इसमें घर-घर जाकर एक रजिस्टर तैयार किया जाएगा और दर्ज किया जाएगा कि कहां कौन रह रहा है. ये एनआरसी से एकदम अलग है.

इसमें देश में हर गांव, शहर और राज्यों में रहने वाले लोगों के नाम एक रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे. अगर कोई शख्स छह महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रह रहा है तो उसे एनपीआर में अनिवार्य तौर पर खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा.

एनपीआर को दूसरे शब्दों में जनगणना कार्य भी कह सकते हैं. भारत सरकार ने अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 के दौरान जनगणना 2011 के लिए घर-घर जाकर सूची तैयार करने तथा प्रत्येक घर की जनगणना के चरण में देश के सभी सामान्य निवासियों के संबंध में विशिष्ट सूचना जमा करके इस डेटाबेस को तैयार करने का कार्य शुरू किया था.



नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में प्रत्येक नागरिकों को जानकारी रखी जाएगी. ये नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है.



क्या है एनपीआर?
एनपीआर का फुल फॉर्म नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर है. जनसंख्या रजिस्टर का मतलब यह है इसमें किसी गांव या ग्रामीण इलाके या कस्बे या वार्ड या किसी वार्ड या शहरी क्षेत्र के सीमांकित इलाके में रहने वाले लोगों का विवरण शामिल होगा.' वैसे देश में काफी भ्रम है कि पॉपुलेशन रजिस्टर (PR), नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR), नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) और नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजंस (NRIC) किस तरह संबंधित हैं. लेकिन एनपीआर और एनआरसी पूरी तरह अलग हैं. इसे जनगणना से भी जोड़कर देखा जा सकता है.

किस तरह एनपीआर लागू होगा
नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में तीन प्रक्रिया होंगी. पहले चरण यानी अगले साल एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे. वहीं दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा. तीसरे चरण में संशोधन की प्रक्रिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच होगी.

आजादी के बाद 1951 में पहली जनगणना हुई थी. 10 साल में होने वाली जनगणना अब तक 7 बार हो चुकी है. अभी 2011 में की गई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध हैं और 2021 की जनगणना पर काम जारी है. बायोमेट्रिक डाटा में नागरिक का अंगूठे का निशान और अन्य जानकारी शामिल होगी.

क्या है उद्देश्य
नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) का उद्देश्य इस प्रकार है-
- सरकारी योजनाओं के अन्तर्गत दिया जाने वाला लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और व्यक्ति की पहचान की जा सके.
- नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) द्वारा देश की सुरक्षा में सुधार किया जा सके और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में सहायता प्राप्त हो सके.
- देश के सभी नागरिकों को एक साथ जोड़ा जा सके.

कितना खर्च होगा
इसके लिए केंद्र की ओर से 8500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. एनपीआर अपडेट करने की प्रक्रिया अप्रैल 2020 से शुरू होगी. ये 30 सितंबर 2020 तक चलेगा. इसमें असम के अलावा पूरे देश में घर-घर गणना के लिए फील्डवर्क किया जाएगा.

क्या इसमें भारतीय और गैर भारतीय नागरिकों का विवरण होगा
हां, नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजंस में भारत और भारत के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिकों का विवरण होगा. नियम 4 का उपनियम (3) कहता है: भारतीय नागरिकों के स्थानीय रजिस्टर की तैयारी और इसमें लोगों को शामिल करने के लिए जनसंख्या रजिस्टर में हर परिवार और व्यक्ति का जो विवरण है उसको स्थानीय रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित और जांच किया जाएगा.
2003 रूल के नियम 4 के उपनियम (4) में यह बहुत साफ है कि इस वेरिफिकेशन और जांच प्रक्रिया में क्या होगा: 'वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत जिन लोगों की नागरिकता संदिग्ध होगी, उनके विवरण को स्थानीय रजिस्ट्रार आगे की जांच के लिए जनसंख्या रजिस्टर में उपयुक्त टिप्पणी के साथ देंगे. ऐसे लोगों और उनके परिवार को वेरिफिकेशन की प्रक्रिया खत्म होने के तत्काल बाद एक निर्धारित प्रो-फॉर्मा में दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें:-

मोदी कैबिनेट ने NPR को दी हरी झंडी, जारी हुआ 8500 करोड़ रुपये का बजट
लगातार बिजी रहने की आदत भी एक बीमारी है, हो जाएं सावधान
देश में अब भी खिला हुआ कमल, 16 राज्यों में है भारतीय जनता पार्टी की सरकार
कंधार कांड के 20 साल : कहां हैं वो 3 आतंकी जिन्हें सरकार ने छोड़ा था

 
First published: December 24, 2019, 4:40 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading