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Kya Hota Hai Phobia: क्या होता है फोबिया? आप भी किसी बेवजह के डर से पीड़ित तो नहीं?

फोबिया यानी एक खास किस्म का डर... आम बात है. इसमें परेशान होनी की जरूरत नहीं.

फोबिया यानी एक खास किस्म का डर... आम बात है. इसमें परेशान होनी की जरूरत नहीं.

What Is Phobia/ Kyo Hota Hai Phobia/ Phobia Kya Hai: हममें से अधिकतर लोग किसी न किसी प्रकार के डर के शिकार होते हैं. दरअसल, एक खास किस्म के डर को फोबिया कहा जाता है. ऐसा डर जिसका कोई स्तित्व नहीं होता है, लेकिन हमें लगता है कि उससे हमें नुकसान हो सकता है.

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    What Is Phobia/ Kyo Hota Hai Phobia/ Phobia Kya Hai: हममें से अधिकतर लोग किसी न किसी प्रकार के डर के शिकार होते हैं. दरअसल, एक खास किस्म के डर को फोबिया कहा जाता है. ऐसा डर जिसका कोई स्तित्व नहीं होता है, लेकिन हमें लगता है कि उससे हमें नुकसान हो सकता है. फोबिया शब्द अंग्रेजी का है और यह ग्रीक भाषा के Phobos से बना है. Phobos का अर्थ होता है भय.

    दरअसल, हम सभी लोग अपनी जिंदगी में कई तरह के डर से गुजरते हैं. किसी को पानी से डर लगता है तो किसी को ऊंचाई से देखने पर डर लगता है. उसे लगता है कि वह गिर जाएगा. ये सभी स्थितियां कहीं न कहीं किसी तरह की फोबिया की निशानी हैं. जब आप पानी से डरते हैं तो उसे Hydrophobia कहा जाता है.

    खास वस्तु से डर
    जब किसी व्यक्ति को कोई फोबिया होता है तो इसका मतलब यह है कि वह किसी खास वस्तु से बुरी तरह डरता है. वैसे यह पूरी तरह से डर का पर्याय नहीं है. फोबिया सामान्य डर से इतर की चीज है.

    जिन लोगों को फोबिया होता है वे उन वस्तुओं या स्थिति से बचते हैं जिससे कि उन्हें डर लगता है. जैसे अगर किसी को हाइटफोबिया है तो इसका मतलब यह है कि वह ऊंचाई पर जाने और वहां से फिर नीचे की तरफ देखने जैसी स्थिति से बचता है.

    फिक्र संबंधी विकार
    यह एक तरह का फिक्र संबंधी विकार (anxiety disorder) होता है. यह बेहद आम बात है. तमाम लोग इससे पीड़ित होते हैं. एक अनुमान के मुताबिक करीब 30 फीसदी लोग इस स्थिति से शिकार हैं.

    इस बारे में अमेरिका किए गए शोध में पाया गया है कि अधिकतर तरह का फोबिया बेहद आम होता है. यह शोध अमेरिकी साइकेट्रिक एसोसिएशन (American Psychiatric Association) ने किया है.

    खुली जगह या भीड़ से डरना (Agoraphobia)
    यह खास तरह का फोबिया है. इसमें कोई व्यक्ति खुली या वीरान जगह देखकर डर जाता है तो कोई भीड़ देखकर डरता है. उन्हें ऐसा लगाता है कि कोई ताकत उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं. हालांकि उनकी इस आशंका का कोई आधार नहीं होता. बल्कि यह उनके मन और दिमाग की उपज होती है.

    सोशल फोबिया
    इसी तरह सोशल फोबिया होता है. आपको एक ऐसी सामाजिक स्थिति को लेकर भय लगता है, जो वास्तव में कभी होता ही नहीं है.

    इस तरह अलग-अलग तरह के फोबिया होते हैं. इसमें खास तरह के वस्तु या स्थिति से आपको परेशानी होती है.

    किसी भी रूप और आकार 
    आपका ये जो फोबिया यानी डर होता है वो किसी भी रूप और आकार में आ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया में असंख्य तरह की वस्तुएं और स्थितियां हैं. ऐसे में आपको इससे होने वाला डर या भय भी असंख्य तरह का हो सकता है.

    ऐसे में फोबिया की गिनती संभव नहीं है. हां, इन्हें विभिन्न वर्गों में बांटा जा सकता है. मोटे तौर पर इसे 5 वर्गों में बांटा गया है, जैसे-

    फोबिया का वर्गीकरण
    जानवरों से भय, जैसे- बिच्छु, कुत्ता, कीड़े-मकौड़े
    प्राकृतिक माहौल से डर, जैसे- ऊंचाई, अंधेरा, गरज
    खून, चोट या मेडिकल से जुड़ी चीजों से डर, जैसे- इंजेक्शन, टूटी हुई हड्डियां आदि
    किसी स्थिति से डर, जैसे- उड़ने, सीढ़ी पर चढ़ने, ड्राइविंग आदि
    अन्य स्थितियां, जैसे- ऊंची आवाज

    क्या है इलाज
    दरअसल, मेडिकल साइंस में फोबिया का कोई इलाज भी नहीं होता. यह एक मानसिक स्थिति भर है. वास्तविकता से इसका कोई लेना-देना नहीं होता. आमतौर पर फोबिया का बहुत गहरा संबंध आपके जीवन के अनुभवों से होता है. आपके जीवन में ऐसी स्थिति आई रहती है जब आप डर गए होते हैं और आपके अंदर वही डर घर कर जाता है कि फिर से ऐसी स्थिति पैदा होने पर आपके साथ कुछ बुरा हो सकता है. बुरा होने का यही खयाल ही फोबिया है.

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