Raman Magsaysay Award 2019: आखिर क्या है 'रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार, जिसकी चर्चा हर तरफ है!

Raman Magsaysay Award 2019: रैमॉन मैगसेसे के जन्मदिन पर यह संस्था हर साल 31 अगस्त को अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले एशियाई लोग और संस्थानों को ये अवॉर्ड देती है

Prerana Kumari | News18Hindi
Updated: August 3, 2019, 4:35 PM IST
Raman Magsaysay Award 2019: आखिर क्या है 'रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार, जिसकी चर्चा हर तरफ है!
रैमॉन मैगसेसे अवॉर्ड के बारे में जाने कुछ जरूरी बातें
Prerana Kumari | News18Hindi
Updated: August 3, 2019, 4:35 PM IST
'रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार एशिया के किसी ऐसे व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है जो अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं. इसे एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है. यह पुरस्कार फिलिपींस के पूर्व राष्ट्रपति रेमन मैगसेसे की याद में दिया जाता है. 'रैमॉन मैगसेसे' (Raman Magsaysay) फिलिपींस के सातवें राष्ट्रपति थे. 1950 के दशक में उन्होंने फिलिपींस में भूमि सुधार कार्यक्रम चलाये और कम्युनिस्टों की घुसपैठ को नाकाम किया जिसके बाद वो पूरी दुनिया में मशहूर हुए.

31 अगस्त साल 1907 को जन्मे  रैमॉन मैगसेसे की एक विमान दुर्घटना में 17 मार्च, 1957 को मौत हो गई. उनकी मौत के एक महीने बाद ही, अप्रैल साल 1957 में न्यू यॉर्क में स्थित रॉकफेलर ब्रदर्स फंड ने फिलीफींस की सरकार के साथ मिलकर इस अवॉर्ड की शुरुआत की.

रैमॉन मैगसेसे के जन्मदिन पर यह संस्था हर साल 31 अगस्त को अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले एशियाई लोग और संस्थानों को ये अवॉर्ड देती है.

कितने भारतीयों को अब तक मिल चुका है रैमन मैगसेसे अवॉर्ड?

विनोबा भावे वो सबसे पहले भारतीय थे जिन्हें साल 1958 में रैमॉन मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. उन्हें सामुदयिक नेतृत्व में उल्लेखनीय काम करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था.

इसके बाद से अब तक 57 भारतीयों को यह पुरस्कार मिल चुका है. इनमें मदर टेरेसा, वर्गीज कुरियन, जयप्रकश नारायण, सत्यजीत रे, बी जी वर्गीज़, अरुण शौरी, र के लक्ष्मण, पंडित रविशंकर, किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल शामिल हैं.

किन कैटेगरीज में मिलता है अवॉर्ड ?
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यह अवॉर्ड छह कैटेगरी में दिया जाता है.

शासकीय सेवा

कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका अथवा सेना में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को इसमें चुना जाता है.

सार्वजनिक सेवा

इसमें किसी भी नागरिक द्वारा जनता के हित में किए गए उल्लेखनीय काम को पुरस्कृत किया जाता है.

सामुदायिक नेतृत्व

वहीं तीसरी कैटेगरी सामुदायिक नेतृत्व करने वालों के लिए है. इसमें किसी भी समुदाय का नेतृत्व, सुविधाहीन लोगों को अधिक से अधिक अवसर और सहायता पहुंचाने के लिए किसी शख्स या समुदाय द्वारा किए काम को सम्मानित किया जाता है.

पत्रकारिता, साहित्य और कला से जुड़ा क्षेत्र

अपने प्रभावी लेखन, प्रकाशन, फोटोग्राफ़ी या रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा अथवा कला प्रदर्शन के माध्यम से जनहित में कार्य करना ही आपको इस सम्मान को जीतने योग्य बनाता है.

शांति एवं अंतरराष्ट्रीय  सद्भावना

इसके अंतर्गत अपने और दूसरे अन्य देशों के बीच निरंतर मित्रता बनाए रखने, उनके बीच शांति और एकजुटता बनाए रखने में योगदान के लिए सम्मान दिया जाता है.

किसे मिल सकता है यह अवॉर्ड... 

40 साल और इससे कम उम्र के लोगों को उनके समुदाय में सामाजिक बदलाव के लिए किए गये उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मान, जिनके नेतृत्व को अभी तक उनके समुदाय से बाहर पहचान नहीं मिली है.

2019 का रैमन मैगसेसे अवॉर्ड

2019 का रैमॉन मैगसेसे अवॉर्ड अवॉर्ड म्यांमार के को स्वे विन, थाईलैंड के अंगखाना नीलापाइजित, फ़िलीपीन्स के रेमुन्डो पुजांते, दक्षिण कोरिया के किम जोंग-की और भारत के रवीश कुमार को मिला है. पत्रकारिता जगत में उल्लेखनीय काम करने के लिए पत्रकार रवीश कुमार को ये अवॉर्ड दिया गया है.

किन पत्रकारों को पहले मिल चुका है अवॉर्ड

रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह पुरस्कार मिल चुका है.
First published: August 3, 2019, 12:54 PM IST
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