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क्या है वो SPG कवर, जो अब केवल प्रधानमंत्री को ही मिलेगा

News18Hindi
Updated: November 22, 2019, 5:41 PM IST
क्या है वो SPG कवर, जो अब केवल प्रधानमंत्री को ही मिलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एसपीजी कमांडो की सुरक्षा में

सरकार एसपीजी अधिनियम (SPG Amendment Bill) में संशोधन करने जा रही है. इसके तहत ये सुरक्षा अब केवल मौजूदा प्रधानमंत्री को मिलेगी. क्या होती है एसपीजी सुरक्षा. क्या हैं इसकी खासियतें

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  • Last Updated: November 22, 2019, 5:41 PM IST
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अब एसपीडी सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री को ही मिलेगी. उसके अलावा किसी और को नहीं. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एसपीजी अधिनियम (SPG Amendment Bill) में जिन संशोधनों को मंजूरी दी है, उनके मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिजनों को अब विशेष सुरक्षा समूह/एसपीजी (SPG) के कमांडो सुरक्षा प्रदान नहीं करेंगे.

क्या है ये एसपीजी कवर. ये सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (Special Protection Group) के कमांडो देते हैं. इस सुरक्षा को अमेरिकी राष्ट्रपति के बराबर माना जाता है.
विशेष सुरक्षा दल (SPG) देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. एसपीजी देश के पीएम के साथ भारत दौरे पर आए अति विशिष्ट अतिथि की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है. इसके अलावा गांधी परिवार को भी ये सुरक्षा दी जाती है.

विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group- SPG) को 02 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था. इसके जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSF, CISF, ITBP, CRPF) से किया जाता है. SPG को देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में एक माना जाता है.

क्या होते हैं हथियार
इसके कमांडो ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं. कमांडोज के पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है. ये एक लाइट वेट बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते हैं. SPG के जवान हाई ग्रेड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होते हैं, जो लेवल-3 केवलर की होती है. इसका वजन 2.2 किग्रा होता है और यह 10 मीटर दूर से एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को भी झेल सकती है.

खास चीजों से होते हैं लैस
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साथी कमांडो से बात करने के लिए कान में लगे ईयर प्लग या फिर वॉकी-टॉकी का सहारा लेते हैं. यहां तक की इनके जूते भी काफी अलग होते हैं. ये किसी भी जमीन पर नहीं फिसलते. ये खास तरह के दस्ताने पहनते हैं. जिससे चोट से उनका बचाव होता है. ये कमांडोज चश्मा भी पहनते हैं, जो उनकी आखों को हमले से बचाते हैं और किसी भी प्रकार का डिस्ट्रैक्शन नहीं होने देता हैं.

प्रधानमंत्री के चारों ओर एसपीजी कमांडो


सुरक्षा किसको दी जाती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा SPG अब गांधी परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करती है. ये हर जगह, हर समय सुरक्षा में लगे होते हैं.  हालांकि इसका जिम्मा पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को भी सुरक्षा मुहैया कराने का होता है लेकिन इसकी समयसीमा तय है. आमतौर पर पूर्व प्रधानमंत्री को पांच साल तक ये सुरक्षा प्रदान करती है फिर इसकी समीक्षा की जाती है. हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी परिवार को एसपीजी सुरक्षा खत्म करके उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी गई है.

कैसे काम करती है एसपीजी
SPG के जवानों को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. ये वही ट्रेनिंग है जो युनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को दी जाती है. हमले की सूरत में सेकंड कार्डन की जिम्मेदारी होती है कि वह पीएम के चारों ओर घेरा बनाकर खड़े जवानों को सिक्यॉरिटी कवर दें ताकि प्रधानमंत्री को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
SPG के जवानों के साथ पीएम के काफिले में एक दर्जन गाड़ियां होती हैं, जिसमें बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की सिडान, 6 बीएमडब्ल्यू एक्स3 और एक मर्सिडीज बेंज होती है. इसके अलावा मर्सिडीज बेंज ऐंम्बुलेंस, टाटा सफारी जैमर भी इस काफिले में शामिल होती है.

अक्टूबर 1981 में तत्कालीन प्रदानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इसका गठन किया गया था. ये हमेशा प्रधानमंत्री के चारों ओर सुऱक्षा घेरा बनाकर रहते हैं


कैसे हुआ गठन
1981 से पहले भारत के प्रधानमंत्री के आवास पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा पुलिस उपायुक्त (DCP) के प्रभारी दिल्ली पुलिस के विशेष सुरक्षा जिले की जिम्मेदारी हुआ करती थी. अक्टूबर 1981 में, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा, नई दिल्ली में और नई दिल्ली के बाहर प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया.
अक्टूबर 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद तय किया गया कि एक विशेष समूह को प्रधानमंत्री की सुरक्षा का दारोमदार संभालना चाहिए. इसके बाद एसपीजी के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई.
18 फरवरी 1985 को गृह मंत्रालय ने बीरबल नाथ समिति की स्थापना की. मार्च 1985 में बीरबल नाथ समिति ने एक स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (SPU) के गठन के लिए सिफारिश पेश की. 30 मार्च 1985, को भारत के राष्ट्रपति ने कैबिनेट सचिवालय के तहत इस यूनिट के लिए 819 पदों का निर्माण किया. इसे नाम दिया गया स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप.

कौन होता है इसका प्रमुख
SPG के प्रमुख का पद तीन साल के निश्चित कार्यकाल के लिए बनाया गया है. SPG फोर्स कैबिनेट सचिवालय के तहत काम करती है. इसका प्रमुख डायरेक्टर रैंक का आईपीएस अफसर होता है. इसका मुख्यालय पीएम हाउस में ही होता है.

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First published: November 22, 2019, 5:41 PM IST
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