कोरोना, फ्लू या जुकाम में क्या है अंतर, कैसे पता चलेगा कि हुआ क्या है?

गाजियाबाद संयुक्त अस्पताल के लिए कोरोना संक्रमित मरीजों को संभालना संकट का सबब बनाता जा रहा है.
गाजियाबाद संयुक्त अस्पताल के लिए कोरोना संक्रमित मरीजों को संभालना संकट का सबब बनाता जा रहा है.

आमतौर पर सर्दी-जुकाम और सामान्य सा फ्लू होते ही लोग घबरा रहे हैं. आखिर कॉमन कोल्ड, सामान्य वायरल इंफेक्शन, फ्लू और कोरोना वायरस में क्या अंतर है. क्या हम पता कर सकते हैं कि हमें क्या हुआ है

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 9:35 AM IST
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हल्का-फुल्का सर्दी जुकाम या सामान्य फ्लू भी आजकल लोगों को डरा रहा है. लोगों को लगता है कि कहीं उन्‍हें कोरोना वायरस ने तो नहीं जकड़ लिया. लोग तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं. दरअसल, ज्यादातर वायरल या मौसमी बीमारियों की शुरुआत खांसी, जुकाम, गले में खराश से ही होती है. ये सारे लक्षण सामान्य फ्लू, सर्दी-जुकाम या फिर कोरोना के भी हो सकते हैं.

हकीकत ये है कि इस इंफेक्शन में अंतर होता है. जब मौसम बदलने लगता है तो हममें से ज्यादातर लोग सर्दी-जुकाम या सामान्य वायरल या फ्लू की चपेट में आ जाते हैं. वैसे इन्हीं के जैसे लक्षणों से कोरोना वायरस की भी शुरुआत होती है, जिसे वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन ने कोविड-19 का नाम दिया है.

हाल ही में जर्मन साइट डॉयचे वेले ने वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन और विशेषज्ञों से बात करके एक रिपोर्ट पब्लिश की है. जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर कब आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए.



अगर मांसपेशियों में दर्द महसूस कर रहे हों. थकान भी महसूस हो रही हो और बुखार भी है तो ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं.

ये हैं कोरोना वायरस के लक्षण
- अगर आपको बुखार आ रहा है
- साथ में सूखी खांसी हो
- सांस लेने में आप दिक्कत महसूस कर रहे हों
- मांसपेशियों में दर्द महसूस कर रहे हों
- साथ ही थकान आपको लगातार घेर रही हो

ये भी कोरोना वायरस के संकेत हो सकते हैं
- आपको बलगम बनने लगे
- बलगम से खून आए
- लगातार सिर दर्द महसूस हो
- साथ ही पेट खराब रहे और दस्त होने लगें

ये कोरोना के संकेत नहीं हैं
- आपकी नाक बह रही हो
- गले में आप भारीपन या खराश महसूस करें

आपकी नाक बह रही हो और गले में खराश हो तो इसका मतलब ये हुआ कि आपको कोरोना ने नहीं बल्कि फ्लू या कॉमन कोल्ड की दिक्कत है


बहती नाक और खराश का मतलब क्या है
अगर आपकी नाक बह रही हो और गले में खराश हो तो इसका मतलब ये हुआ कि आपको कोरोना ने नहीं बल्कि फ्लू या कॉमन कोल्ड की दिक्कत है. इन दोनों में हमारी सांस की प्रणाली का ऊपरी हिस्सा प्रभावित होता है.

जुकाम और फ्लू में फर्क है
कई बार डॉक्टरों के लिए भी यह पता लगाना मुश्किल होता है कि मरीज को इन्फ्लुएंजा हुआ है या कॉमन कोल्ड या फिर कुछ और. कॉमन कोल्ड में ज्यादातर गले में खराश होती है, नाक बहने लगती है. इसके दो-तीन दिन बाद खांसी शुरू होती है. कई दिनों तक सिर में दर्द और बुखार आपको चपेट में लिए रहता है. इससे कमजोरी महसूस होती है.

कॉमन कोल्ड कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है और एक हफ्ते बाद तो सारे लक्षण गायब हो जाते हैं. वहीं फ्लू (इन्फ्लुएंजा) लंबा वक्त लेता है. एक हफ्ते तक तो आप बिस्तर से ही नहीं निकल पाते हैं. पूरे लक्षण जाने में और फिर से चुस्त दुरुस्त होने में हफ्ते लग जाते हैं.

फ्लू या फिर इन्फ्लुएंजा में सब कुछ एक ही साथ हो जाता है. इसमें सिर के साथ साथ मांसपेशियों में भी दर्द होता है. सूखी खांसी होती है और गला बैठ जाता है, गले में बुरी तरह दर्द होता है. बुखार 105 डिग्री तक हो सकता है.

कोरोना वायरस या कोविड-19 में हमारी सांस प्रणाली का निचला हिस्सा, फेफड़े प्रभावित होते हैं


कोरोना में क्या होता है
कोरोना वायरस या कोविड-19 में हमारी सांस प्रणाली का निचला हिस्सा, फेफड़े प्रभावित होते हैं. इसी के चलते सूखी खांसी आने लगती है. सांस लेने में आप ज्यादा दिक्कत महसूस करते हैं. इसमें आपको निमोनिया हो सकता है और कोरोना भी.

कैसे फैलता है
कोरोना वायरस ज्यादातर छींक या खांसी के दौरान मुंह से निकली बूंदों से फैलता है. ये किसी सतह, कपड़े या स्किन पर अलग अलग समय तक रहता है.भारतीय विज्ञान संस्थान ने यूनीसेफ की मदद से एक बयान जारी किया है. इसके अनुसार कोरोना वायरस के सेल की परिधि 400-500 माइक्रो होती है. इसके इसे आकार के चलते कोई भी मास्क इसे रोक सकता है.

ये हवा से नहीं फैलता, जानें कैसे फैलता है
- जब ये किसी धातु की सतह पर पड़ता है तो ये उस पर 12 घंटे तक जिंदा रहता है, इसीलिए बार बार हाथ को साबुन से धोने की सलाह दी जा रही है
- जब ये किसी कपड़े पर पड़ता है तो वहां 09 घंटे एक्टिव अवस्था में रहता है, इसलिए रोज धुले हुए कपड़े पहनें या फिर सूरज की रोशनी जरूर लें.
- आपके हाथ पर ये महज 10 मिनट तक रहता है. इसलिए हमेशा अपने पास एल्कोहल सिनेटाइजर रखें और गर्म पानी भी पीते रहें. अगर आप गर्म पानी पी रहे हैं और सूरज की गरमी में आ रहे हैं तो आप सुरक्षित हैं. ठंडी चीजों और आइसक्रीम के सेवन से दूर रहें.

क्या गरारा फायदेमंद है
हां, भारतीय विज्ञान संस्थान की विज्ञप्ति कहती है कि गर्म पानी को नमक से मिलाकर गरारा करना फायदेमंद है.

ज्यादातर लोगों में लक्षण नहीं दिखते
अब तक हुए मामलों के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि ज्यादातर संक्रमित लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं देखे गए. जर्मनी के रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट के अनुसार इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 14 दिन का होता है. इन्क्यूबेशन पीरियड उस अवधि को कहते हैं जिसमें संक्रमण के बाद बीमारी के लक्षण दिखने शुरू होते हैं.

इसका टेस्ट कैसा होता है
इसका टेस्ट बहुत आसान हैं. इससे आसानी से पता किया जा सकता है. कि आप नॉवल कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. आपके जिला अस्पतालों में इसके टेस्ट की जानकारी आपको मिल जाएगी.
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