क्या होता है सोनिक बूम, जिसकी वजह से घबरा गए बेंगलुरु के लोग

बुधवार को बेंगुलुरु निवासियों को आसमान में तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई पड़ी थी.

भारतीय एयरफोर्स (Indian Airforce) ने स्पष्ट किया है कि ये आवाज एक टेस्टिंग फ्लाइट से निकली थी. इस आवाज को सोनिक बूम कहा जाता है. आइए जानते हैं तेज रफ्तार फ्लाइट्स से क्यों निकलती है ऐसी आवाज...

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    बीते बुधवार को बेंगलुरु निवासियों ने आसमान में एक बेहद तेज धमाके जैसी आवाज सुनी जिससे पूरे शहर वाले परेशान हो गए. लोग कयास लगाने लगे कि आखिर यह किस तरह का धमाका था? बाद में पता चला यह इंडियन एअर फोर्स के एक सुपर सोनिक विमान निकली हुई आवाज थी. ऐसे विमानों की वजह से उत्पन्न हुई तेज आवाज को सोनिक बूम भी कहते हैं. दरअसल, जब कोई चीज ध्वनि या आवाज की रफ्तार से भी ज्यादा तेज गति से गुजरती है तो सोनिक बूम क्रिएट करती है.

    मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस द्वारा जारी किए गए एक स्टेटमेंट में कहा गया-इस सोनिक बूम की आवाज शायद तब सुनाई पड़ी होगी जब यह एयरक्राफ्ट अपनी रफ्तार सुपर सोनिक से सबसोनिक स्पीड में बदल रहा होगा. यह एयरक्राफ्ट उस वक्त तकरीबन 36,000 से 40,000 फीट ऊंचाई पर रहा होगा. यह कन्फर्म किया गया कि यह विमान एयरक्राफ्ट सिस्टम ऐंड टेस्टिंग स्टैबलिशमेंट से ताल्लुक रखता है और शहर के बाहरी हिस्से के आवंटित एयर स्पेस में उड़ान भर रहा था.

    प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: विकीपीडिया)


    इस तेज आवाज को और स्पष्ट करते हुए इंडियन एयरफोर्स ट्रेनिंग कमांड हेडक्वार्टर ने एक अलग स्टेटमेंट भी जारी किया है. इसके मुताबिक ऐसी टेस्ट फ्लाइट शहरी सीमाओं के बाहर की जाती हैं. हालांकि इस समय के वातावरण में शोर कम हो गया है. संभव है इसी वजह से यह आवाज शहरवासियों को सुनाई दी होगी. उनका इशारा कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन की तरफ था. इस स्टेटमेंट में कहा गया कि यह टेस्ट फ्लाइट शहर की सीमा से बाहर हुई होगी लेकिन शांत माहौल की वजह से इसकी आवाज शहर के भीतर भी पहुंची.

    क्या होता सोनिक बूम
    जब किसी चीज की रफ्तार ध्वनि से ज्यादा तेज होती है तो उसे सुपरसोनिक रफ्तार कहते हैं. यानी जब कोई चीज 332 मीटर प्रति सेंकेंड की रफ्तार से भी तेज गति से चलती है तो इसकी रफ्तार को सुपरसोनिक स्पीड कहते हैं. अब अगर इसे एअरक्राफ्ट से मिलाकर देखें तो बात ज्यादा स्पष्ट होगी. अगर किसी एअरक्राफ्ट की रफ्तार 1225 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा तेज होती है तो वह सोनिक बूम उत्पन्न करता है. दरअसल विमान हवा में चलते समय ध्वनि तरंगे पैदा करता है. लेकिन जब तक इसकी रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से कम होती है तब तक कोई फर्क नहीं पड़ता. लेकिन जैसे ही रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से तेज हुई तो जिस जगह से भी यह विमान क्रॉस करता है वहां विस्फोट जैसी आवाज होती है.

    प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: विकीपीडिया)


    सुपर सोनिक फ्लाइट्स
    सन 1947 में अमेरिकी सेना के पायलट चक यीगर दुनिया के पहले ऐसे पायलट थे जिन्होंने ध्वनि की रफ्तार से तेज विमान उड़ाया था. इस एयर क्राफ्ट का नाम Bell X-1 था. इसके बाद बहुत सारे सुपर सोनिक फ्लाइट्स ने ध्वनि की रफ्तार को तोड़ा. इसके बाद कई अडवांस विमानों की रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना ज्यादा है. इंडियन एयरफोर्स की वेबसाइट के मुताबिक भारत के सबसे तेज जेट सुखोई 30MKI और मिराज-2000 हैं.

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