क्या होती है जेड प्लस सुरक्षा, इसमें कितने सुरक्षाकर्मी होते हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जेड प्लस सुरक्षा के साथ

देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एसपीजी की होती है. इसके बाद दूसरा नंबर जेड प्लस और जेड सुरक्षा का है. हालांकि इसके बाद दो और सुरक्षा स्तर एक्स और वाई भी होते हैं

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    देशभर में सबसे महत्वपूर्ण नेताओं अधिकारियों और शख्सियतों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उन्हें अलग-अलग स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाती है. पूर्व प्रधानमंत्रियों, देश के खास मंत्रियों को आमतौर पर जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है. इसमें सुरक्षा का मजबूत घेरा उपलब्ध कराया जाता है. ये देश की एसपीजी के बाद दूसरी सबसे खास सुरक्षा है.

    किसे जेड प्लस सुरक्षा देना है, इसका फैसला केंद्र सरकार करती है. खुफिया विभागों द्वारा हासिल सूचना के आधार पर जेड प्लस और अन्य तरह की सुरक्षा वीआईपी लोगों को दी जाती है. जेड सुरक्षा भी दो तरह की होती है. एक जेड प्लस (Z Plus) और दूसरी जेड (Z Security). आमतौर पर केंद्र के बड़े मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को जेड प्लस सुरक्षा मिली होती है.
    कितनी तरह की सुरक्षा व्यवस्था

    भारत में सुरक्षा व्यवस्था को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है. जेड प्लस (Z+), (उच्चतम स्तर); जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X) श्रेणी. सरकार इस बात का निर्णय ले सकती है कि इन चार श्रेणियों में किसे कौन से स्तर की सुरक्षा देनी है. सरकार खतरे के आधार पर यह वीआईपी सुरक्षा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद, नौकरशाह, पूर्व नौकरशाह, जज, पूर्व जज, बिजनेसमैन, क्रिकेटर, फिल्मी कलाकार, साधु-संत या आम नागरिक किसी को भी दे सकती है.



    कैसी होती है जेड प्लस सुरक्षा
    जेड प्लस सुरक्षा देस की दूसरी बड़ी सुरक्षा है. इसमें 36 सुरक्षाकर्मी होते है. इनमें 10 एनएसजी (National Security Guards) और SPG (Special Protection Group) कमांडो होते हैं ,साथ ही कुछ पुलिस भी शामिल होती है. इसमें इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं. इस सुरक्षा में पहले घेरे की ज़िम्मेदारी एनएसजी की होती है जबकि दूसरी परत एसपीजी कमांडो की होती है. साथ ही Z+ सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं.

    जेड प्लस सुरक्षा में कुल 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं


    जेड प्लस सुरक्षा इन लोगों को मिलती है
    उपराष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री,सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जज,राज्यपाल, मुख्यमंत्री, महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्री, प्रमुख नेता, प्रसिद्ध कलाकार,कोई खिलाड़ी,देश का कोई प्रसिद्ध तथा महत्वपूर्ण नागरिक.



    क्या है जेड सुरक्षा
    Z Security में 22 सुरक्षाकर्मी होते है. इसमें पांच एनएसजी कमांडो हर समय मौजूद रहते हैं। इसमें आईटीबीपी ( Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (CRPF) के अधिकारी सुरक्षा में लगाये जाते है.इस Security में भी Escorts और पायलट वाहन दिए जाते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस या स्थानीय पुलिस के सुरक्षाकर्मी भी होते हैं.

    वाई श्रेणी की सुरक्षा
    यह सुरक्षा का तीसरा स्तर होता है. कम खतरे वाले लोगों को यह सुरक्षा दी जाती है. इसमें कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं. जिसमें दो कमांडो तैनात होता है.



    एक्स श्रेणी की सुरक्षा
    इस श्रेणी में दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं. जिसमें एक पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है. देश में काफी लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. इस सुरक्षा में कोई कमांडो शामिल नहीं होता.

    कहां से चुने जाते हैं इन सुरक्षा के कमांडो और जवान
    इन सुरक्षाओं के लिए जो पुलिस और कमांडो को चुना जाता है. वो भारत के मुख्य चार सैन्य बलो या बलों से आते हैं.
    1. एसपीजी (Special Protection Group)
    2. एनएसजी (National Security Guard)
    3. आईटीपीबी (Indo- Tibetan Border Police)
    4. सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force)

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