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कितना ताकतवर होता है जापान का सम्राट, क्या-क्या कर सकता है?

कितना ताकतवर होता है जापान का सम्राट, क्या-क्या कर सकता है?

जापान के नए सम्राट नारुहितो का राज्यारोहण

जापान के नए सम्राट नारुहितो का राज्यारोहण

जापान का राजा राष्ट्रप्रमुख जरूर होता है लेकिन उसके पास कोई शक्तियां नहीं होतीं

    जापान के नए सम्राट नारुहितो (Japan new emperor Naruhito ) के राज्यारोहण के साथ ही जापान में नया युग शुरू हो गया है. राज्यारोहण प्राचीन परंपरागत तरीके से हुआ.

    नारुहितो ऐसे पहले जापानी सम्राट हैं जो विदेश में पढ़े हैं. उन्होंने ऑक्सफोर्ड के मेर्टन कॉलेज से पढ़ाई की है. जहां उन्होंने टेम्स नदी पर एक पेपर लिखा था. अपने कपड़े खुद ही धोकर मिसाल कायम की थी. ऑक्सफोर्ड में रहने के दौरान, लैंगिक समानता के लिए उन्होंने कई प्रयास किए.

    जापान के राजा अकिहितो ने एक मई को जापान में सम्राट का शाही सिंहासन छोड़ दिया था. पिछले 200 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी जापानी राजा ने अपने पद को छोड़ा हो.

    85 वर्षीय सम्राट अकिहितो को इसके लिए विशेष कानूनी अनुमति दी गई. अकिहितो ने अपनी गिरते स्वास्थ्य के चलते खुद को अपने कर्तव्य निभा पाने में असक्षम बताया था. ऐसे में इस सत्ता परिवर्तन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों का जवाब हम दे रहे हैं-

    जापान के सम्राट के पास कितनी शक्तियां होती हैं?
    जापान का सम्राट राज्य का प्रमुख तो होता है लेकिन उसके पास कोई राजनीतिक शक्तियां नहीं होती हैं. उसका ज्यादातर काम समारोहों तक सीमित रहता है. उसे विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करने और सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना होता है.

    जापान के राजा के पास कुछ संवैधानिक काम भी होते हैं. जिनमें संसद को शुरू करना जैसी चीजे हैं. हालांकि इन कामों के लिए भी कैबिनेट ही उसे निर्देश देती है. जापान के राजा को कोई राजनीतिक बयान देने की भी मनाही होती है.

    जापान में नए सम्राट के राज्यारोहण के अवसर वही परंपराएं अपनाई गईं, जो इस वंश में प्राचीन समय से होती आ रही हैं


    जापानी राजशाही सिंतो धर्म के साथ गहराई से जुड़ी हुई है. यह जापान का पारंपरिक धर्म है. जिसके बहुत से रिवाज होते हैं. ये सारे ही रिवाज जापान के सम्राट को निभाने होते हैं.

    इसे त्याग की प्रक्रिया माना जाता है. अकिहितो सीधे नहीं कह सकते थे कि वे अब गद्दी छोड़ना चाहते हैं क्योंकि उसे कानून पर की गई टिप्पणी मान लिया जाता.

    कोई भी जनता के बीच की गई टिप्पणी, जिसमें मंगलवार की सत्ता छोड़ने का उनका भाषण भी शामिल है, सभी को पहले कैबिनेट की ओर से हस्ताक्षर किया जाना जरूरी होता है.

    अब रिटायर हो चुके सम्राट अकिहितो क्या करेंगे?
    सबसे पहले तो पिता और बेटे आपस में घर बदल लेंगे. अकिहितो को अब इम्परर एमेरिटस कहा जाएगा और उनकी पत्नी मिचिको अब टोक्यो के एक अस्थाई आवास में चली जाएंगीं. हालांकि बाद में वे तोगू महल में जाकर बस जाएंगीं, जो अभी तक क्राउन प्रिंस नारुहितो का महल था. वहीं सम्राट नारुहितो अब शाही महल में शिफ्ट हो जाएंगे.

    वे क्या करेंगे, सवाल का जवाब यही है कि ज्यादातर रिटायर हो चुके दंपत्ति जो करते हैं. जापान की क्योदो न्यूज एजेंसी के अनुसार वे दोस्तों के साथ वक्त गुजारेंगे. गाने सुनेंगे और किताबें पढ़ा करेंगे.

    अकिहितो को बाग-बगीचों का भी बहुत शौक है. वे एक बहुत शौकीन समुद्री जीव विज्ञानी भी हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि अपने रिसर्च के लिए उनका शाही महल में आना-जाना लगा रहेगा.

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    Tags: Cabinet reshuffle, Japan, Kings, Religion

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