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शरद पवार ने फोन करके भतीजे अजित से क्या कहा, जो वो लौट आए

जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति बदलने लगी

जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति बदलने लगी

आखिर क्यों बीजेपी के पास जाने के 80 घंटे बाद शरद पवार के भतीजे ने मन बदला और वो वापस चाचा शरद पवार के पास एनसीपी में लौ ...अधिक पढ़ें

    जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुबह अपने फैसले में ये कहा कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार 24 घंटे में अपना बहुमत साबित करे, उसके बाद महाराष्ट्र की सियासत में सबकुछ बदलने लगा. इसके तुरंत बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भतीजे अजीत को फोन किया. इसके कुछ ही घंटे बाद भतीजे पवार ने फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पाला बदल लिया.

    इसके तुरंत बाद देवेंद्र फडणवीस को समझ में आ गया कि सियासी बिसात के मोहरे उलटे पड़ चुके हैं. लिहाजा उन्होंने भी एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर इस्तीफा देने की घोषणा कर दी.

    आखिर शरद पवार ने फोन पर भतीजे को कहा क्या था. ये अटकलें सियासी जगत में गरम हैं. महाराष्ट्र में पूरे प्रकरण कवर कर रहे एक जानी मानी पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि शरद पवार ने फोन करके अजीत से कहा कि उन्हें वापस लौट आना चाहिए. उन्होंने फोन पर कहा, बीजेपी ने तुम्हे बेवकूफ बनाया है लेकिन अगर तुम लौट आओगे तो सबकुछ भूला दिया जाएगा.

    अजीत ने कुछ देर विचार किया. फिर उन्होंने फडणवीस सरकार से इस्तीफा दे दिया. हालांकि ये घटनाक्रम खासा नाटकीय रहा. अजीत पवार भी समझ चुके थे कि वो एनसीपी के अकेले विधायक के रूप में बीजेपी के साथ हैं जबकि बाकी 54 विधायक चाचा के पास हैं. शरद पवार ने हमेशा यही कहा कि बीजेपी को समर्थन देने का फैसला अजित का अपना है ना कि पार्टी का.

    सतारा सीट पर भीगते हुए शरद पवार का चुनाव प्रचार
    चाचा शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अजित को फोन किया. इसके कुछ देर बाद अजित ने फडणनवीस सरकार से इस्तीफा दे दिया


    पर्दे के पीछे कांग्रेस ने महाराष्ट्र में क्या किया
    शुरू में महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ आने को लेकर कांग्रेस में हिचकिचाहट थी लेकिन फिर कांग्रेस इस प्रकरण में पूरी तरह से कूद पड़ी. पहले तो सुप्रीम कोर्ट में जब ये पूरा मामला गया तो कांग्रेस ने शिवसेना और एनसीपी दोनों को अपने दिग्गज वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी उपलब्ध कराए. जिन्होंने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा.

    Constitution day, opposition
    महाराष्ट्र में पर्दे के पीछे कांग्रेस ने भी अपने बड़े नेताओं को सक्रिय कर दिया था


    इसके बाद पार्टी ने सीनियर नेता अहमद पटेल और मल्लिकार्जुून खडके को मुंबई रवाना कर दिया ताकि वो ये सुनिश्चित करें कि कांग्रेस के सभी 44 विधायक साथ ही रहें.
    रिपोर्ट है कि मंंगलवार सुबह अहमद पटेल सीधे सोनिया गांधी के पास पहुंचे. वो उस समय लोकसभा में थीं. उन्होंने फ्लोर टेस्ट की खबर. इसके बाद सोनिया ने शिव सेना के सांसदों के साथ मिलकर एक विरोध प्रदर्शन किया-शायद पहली बार ये दोनों पार्टियां इस तरह साथ नजर आईं.

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    Tags: Ajit Pawar, Devendra Fadnawis, Maharashtra, NCP, Sharad pawar

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