क्यों लंबे समय तक माना गया कि पहले अंतरिक्ष यात्री गागरिन की मौत के पीछे थे एलियंस

12 अप्रैल 1961 को सोवियत संघ के यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहली बार कदम रखा. इसके बाद वो दुनियाभर में हीरो बन गए.

12 अप्रैल 1961 को सोवियत संघ के यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहली बार कदम रखा. इसके बाद वो दुनियाभर में हीरो बन गए.

12 अप्रैल ऐसा दिन है जब 60 साल इस दिन दुनिया में एक ऐसी बात हुई कि हर कोई हैरत से भर उठा. सोवियत संघ के यूरी गागरिन पहली बार अंतरिक्ष में पहुंचे थे. ये ऐसी बात किसी अनहोनी की तरह थी. ये माना जाता था कि अंतरिक्ष में जो जाएगा, वो जिंदा नहीं लौटेगा. हालांकि उनकी मौत लंबे समय तक रहस्यों से घिरी रही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 9:45 AM IST
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12 अप्रैल वो दिन है जब आज से ठीक 60 साल पहले सोवियत संघ के यूरी गागरिन अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले इंसान बने थे. जब गागरिन सोवियत अंतरिक्ष यान वोस्ताक से रवाना हुए तो किसी को नहीं मालूम था कि अंतरिक्ष में क्या होने वाला है. वो जिंदा लौटकर भी आएंगे या नहीं. लेकिन उन्होंने तो वहां झंडे गाड़ दिए. वहां उन्होंने जो कुछ किया वो फिर एक मिसाल बन गई. वो अपने देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में हीरो बन गए.

सोवियत वैज्ञानिकों को डर था कि गागरिन जब अंतरिक्ष में भारशून्यता की स्थिति का सामना करेंगे तो  बेहोश हो सकते हैं. हुआ उलटा, वो ना केवल वहां अच्छे रहे बल्कि भारशून्यता का आनंद भी लिया. धरती पर भेजे संदेश में गागरिन ने कहा कि भारशून्यता की स्थिति उन्हें अच्छी लग रही है. मिशन के दौरान उन्होंने बहादुरी और समझ की मिसाल पेश की.

एक मौके पर गागरिन से अंतरिक्ष में कहा गया कि वह टेप फाड़कर एक पुर्जे को जोड़ें, क्योंकि जमीन पर इंजीनियर उसे जोड़ना भूल गये. एक बार उनसे कंट्रोल पैनल में लगी कॉन्टैक्ट की बत्ती को ठीक करने को कहा गया. उन्होंने सबकुछ बहादुरी से संभाला. लेकिन गागरिन की मौत कैसे हुई ये लंबे समय तक रहस्य बना रहा. ये माना जाता रहा कि एलियंस ने उन्हें मार दिया.

पहली बार अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचने वाले यूरी गागरिन की मौत आखिर कैसे हुई. कुछ लोगों ने इसे हादसा माना तो कुछ ने इसे आत्महत्या कहा. लेकिन ज्यादातर लोग मानते थे कि एलियंस ने दरअसल उनकी जान ले ली. अपनी 108 मिनट की अंतरिक्ष यात्रा के 07 साल बाद यूरी की मौत मिग फाइटर विमान उड़ाते समय क्रैश से हुई.
आखिर सामने आई सही वजह

यूरी गागरिन की मौत के इतने दशकों बाद पता चला कि उनकी मौत की सही वजह क्या थी. रूसी सरकार ने हमेशा मौत के कारणों को छुपा कर रखा. लेकिन यूरी के साथी और पहली बार स्पेस वॉक करने वाले ऐलेक्से लिनोव ने जांच के उन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया, जिनमें उनकी मौत का सही कारण था. ये दस्तावेज क्रेमलिन में सीक्रेट तौर पर रखे हुए थे. उनकी मौत जेट के खराब मौसम में फंस जाने से हुई.

लिनोव ने बताया कि यूरी जब मिग उड़ा रहे थे, तभी एक दूसरा फाइटर प्लेन उनके विमान के इतने करीब आ गया कि उन्होंने बचने के लिए जब अपने विमान के साथ गोता लगाया तो वे बादलों से टकरा गए. विमान चकराने लगा. जमीन पर आ गिरा. इस दौरान उनके विमान की स्पीड 750 किमी प्रति घंटा थी.



जिस तरह मिग विमान हादसे में गागरिन की बाद में मौत हुई थी, उससे लोगों को यही लगा था कि एलियंस ने उनके विमान का कंट्रोल बिगाड़ दिया था.


20 साल बाद सरकार ने दी इजाजत 

79 साल के लिनोव ने बताया कि वे 20 साल से यूरी की मौत की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहते थे लेकिन उन्हें सरकार इजाजत नहीं दे रही थी. उन्होंने कहा कि सरकार ने आखिरकार ये मौका दिया कि लोगों को बताया  जाए कि एक हीरो की मौत कैसे हुई. बकौल लिनोव, यूरी शानदार पायलट थे. जब उनकी मौत हुई तब वे कॉस्मोनेट ट्रेनिंग सेंटर के डिप्टी ट्रेनिंग डायरेक्टर थे.

कमेटी ने बताया - कुछ ऐसे थे वह आखिरी क्षण

लिनोव ने यूरी की मौत का रहस्य जानने के लिए एक कमेटी का गठन किया. जांच में पता चला कि एस यू फाइटर यूरी के प्लेन से महज 50 किमी. दूर था. इस समय यूरी के विमान की गति 750 किमी प्रति घंटा थी. ऐसे में सिर्फ 55 सेकेंड में ही यूरी का विमान हादसे का शिकार हो जाता. जैसे ही एस यू विमान यूरी के नजदीक आया, वैसे ही विमान को झटका लगा. वो गोता खाकर गहरे बादलों से टकरा गया. इसके बाद विमान की टेल तेजी से घूमने लगी. जिसे यूरी के लिए संभालना असंभव हो गया. फिर विमान जमीन पर गिर गया.

दरअसल यूरी गागरिन के विमान के करीब एक दूसरा विमान आ गया. उससे बचने के लिए जब उन्होंने विमान को हवा में गोता लगाया तो विमान बादलों में जा फंसा और उसका कंट्रोल बिल्कुल बिगड़ गया.


कौन था वह दूसरा पायलट

इस पूरी रिपोर्ट के बाद एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि वह दूसरा पायलट कौन था जिसके चलते यूरी का विमान हादसे का शिकार हुआ. इस बात पर लिनोव ने कहा कि वह पायलट अभी जिंदा है. 82 साल का है. उसकी सेहत काफी खराब है. उन्होंने बताया कि शपथ के चलते वह उसकी पहचान उजागर नहीं कर सकते.

27 साल की उम्र में गए थे स्पेस

यूरी गगारिन एक बेहतरीन फाइटर पायलट थे. खराब परिस्थितियों में विमान चलाने की उनकी क्षमता के चलते ही उन्हें स्पेस प्रोग्राम के लिए चुना गया था. वो इसमें खरे भी उतरे थे. वो जब पहली बार स्पेस में गए तब उनकी उम्र महज 27 साल थी. 34 साल की उम्र में यूरी की मौत हो गई.

यूरी के मिग विमान के धरती से आ टकराने के बाद लंबे समय तक ये चर्चाएं आम थीं कि चूंकि वो अंतरिक्ष में गए थे लिहाजा एलियंस उनसे नाराज थे और उन्होंने उनके विमान पर हमला कर दिया था.


क्या फैली थीं अफवाहें

यूरी की मौत के बाद जो पहली बड़ी अफवाह फैली वह थी कि यूरी की हत्या हुई है. इस हत्या के पीछे सोवियत लीडर लियोनिद ब्रेजनेव का हाथ है. क्योंकि इसका कारण था कि यूरी ने पार्टी की बात नहीं मानी थी.

तब ये अफवाह भी उड़ी कि यूरी शराब के नशे में विमान उड़ा रहे थे. उन्होंने आत्महत्या कर ली. इससे भी बड़ी एक और अफवाह फैली. वो ये थी कि यूरी के विमान पर एलियंस ने हमला कर दिया है. कुछ समय तक ये चर्चाएं भी होती रहीं कि यूरी जिंदा हैं. कुछ लोग ने उन्हें देखने का दावा भी किया. ये भी कहा गया कि सरकार ने उन्हें सुरक्षा कारणों से छुपा कर रखा हुआ है.
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