Home /News /knowledge /

कश्मीर में सरकारों को बर्खास्त करते रहे हैं राज्यपाल

कश्मीर में सरकारों को बर्खास्त करते रहे हैं राज्यपाल

सत्यपाल मलिक

सत्यपाल मलिक

सरकार बनाने की कोशिश में जुटी पीडीपी-एनसी और कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा को भंग कर दिया.

    जम्मू-कश्मीर में सरकारों को बर्खास्त करने के मामले में राज्यपालों का एक ख़ास इतिहास रहा है. आज, 21 नवंबर को सरकार बनाने की कोशिश में जुटी पीडीपी-एनसी और कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा को भंग कर दिया है. जानिए पहले ऐसा कब-कब हुआ.

    साल 1953 में शेख अब्दुल्ला की सरकार को उस दौर में सदर-ए-रियासत कहे जाने वाले डॉक्टर कर्ण सिंह ने बर्खास्त कर दिया था.

    इसके बाद 1977 में इंदिरा गांधी ने एलके झा के गवर्नर रहते हुए शेख अब्दुल्ला की दो साल पुरानी सरकार को गिरा दिया था जिसके बाद जम्मू-कश्मीर में 105 दिनों तक राज्यपाल शासन लागू रहा.

    साल 1984 में इंदिरा गांधी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में बंटवारे की रूपरेखा तैयार करके शेख अब्दुल्ला के दामाद ग़ुलाम मोहम्मद शाह का समर्थन किया और फ़ारूक़ अब्दुल्ला की सरकार गिरा दी. इंदिरा गांधी ने अपने करीबी जगमोहन को राज्यपाल बनाया. साल 1986 में राज्यपाल जगमोहन ने शाह सरकार को गिरा दिया.

    इसके बाद साल 1990 में जब जगमोहन फिर जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद को नियंत्रण में लाने के लिए राज्यपाल बनाए गए तो जगमोहन से पहले से नाराज़ चल रहे फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

    क्या है पूरा मामला
    जम्मू कश्मीर में मार्च 2015 में पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार बनी थी. तब वहां के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद बने थे, उनके निधन के बाद महबूबा मुफ्ती सीएम बनीं. इस साल 16 जून को पीडीपी-बीजेपी गठबंधन से बीजेपी अलग हो गई थी और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

    -19 जून से वहां राज्यपाल शासन लगा हुआ है.  बता दें कि 19 दिसंबर को वहां केक राज्यपाल शासन के छह महीने पूरे हो जाएंगे. इसे और अधिक बढ़ाया नहीं जा सकता है. 19 दिसंबर तक यदि कोई पार्टी सरकार बनाने पर सहमत नहीं होती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लाया जा सकता है.

    आज, 21 नवंबर को खबर आई कि जम्मू-कश्मीर की पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सीनियर नेता अल्ताफ बुखारी प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं. खबरों में कहा जा रहा था कि कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बीच सरकार बनाने को लेकर डील हुई है. बैठक के बाद अल्ताफ ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा था, "यह पक्का हो चुका है कि तीनों पार्टियां (कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस) गठबंधन करके राज्य की खास पहचान को बचाए रखने का प्रयास करेंगी."

    लेकिन 21 नवंबर को रात 9 बजे से पहले सरकार बनाने की कोशिश में जुटी पीडीपी-एनसी और कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा को भंग कर दिया.

    ये भी पढ़ें- सरकार बनाने के दावों के बीच राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भंग की जम्मू-कश्मीर विधानसभा

    Tags: Jammu kashmir, Jammu kashmir news, Mehbooba mufti, Satyapal malik

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर