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बाबरी विध्वंस: जब कल्याण सिंह ने कहा था- रोक निर्माण पर लगी है, विध्वंस पर नहीं

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Updated: December 6, 2019, 11:24 AM IST
बाबरी विध्वंस: जब कल्याण सिंह ने कहा था- रोक निर्माण पर लगी है, विध्वंस पर नहीं
बाबरी मस्जिद विध्वंस के वक्त कल्याण सिंह यूपी के सीएम थे

बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri Masjid demolition) पर दाखिल सीबीआई चार्जशीट (CBI Chargesheet) में लिखा है कि यूपी के मुख्यमंत्री रहते हुए 1991 में कल्याण सिंह (Kalyan Singh) ने कहा था कि अयोध्या (Ayodhya) में राममंदिर (Ram Mandir) बनकर रहेगा.

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  • Last Updated: December 6, 2019, 11:24 AM IST
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बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri Masjid demolition) के वक्त कल्याण सिंह (Kalyan Singh) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री थे. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती के साथ कल्याण सिंह पर भी इस मामले में साजिश रचने के आरोप लगे थे. इस मामले में इनलोगों पर केस दर्ज हुआ था.

जून 1991 में कल्याण सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बीजेपी सरकार का मस्जिद गिराने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि मस्जिद को बस वहां से शिफ्ट कर दिया जाए. उन्होंने ये भी कहा था कि विश्व हिंदू परिषद या बजरंग दल ने सरकार को मंदिर बनाने की कोई अंतिम तारीख नहीं बताई है.

सीबीआई की चार्जशीट में कल्याण सिंह पर गंभीर आरोप
इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट कुछ अलग ही कहती है. बाबरी मस्जिद विध्वंस पर दाखिल सीबीआई चार्जशीट में लिखा है कि यूपी के मुख्यमंत्री रहते हुए 1991 में कल्याण सिंह ने कहा था कि अयोध्या में राममंदिर बनकर रहेगा. सीबीआई चार्जशीट के मुताबिक 6 दिसंबर 1992 यानी बाबरी विध्वंस के कुछ रोज पहले कल्याण सिंह ने कहा था कि रोक कंस्ट्रक्शन (निर्माण) पर लगी है, डिस्ट्रक्शन (विध्वंस) पर नहीं.

कल्याण सिंह मुख्यमंत्री रहते हुए विवादित परिसर के आसपास के 2.77 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करवाया था. सरकार का कहना था कि वो इस जगह को टूरिज्म स्पॉट की तरह विकसित करेगी. इसी जमीन पर लाखों कारसेवकों के इकट्ठा होने की जगह मिली.

सीएम रहते हुए चाहते तो रोक सकते थे बाबरी विध्वंस
सीबीआई चार्जशीट में कल्याण सिंह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने मस्जिद बचाने की कोई कोशिश नहीं की, साथ ही बाबरी विध्वंस की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई. कल्याण सिंह पर आरोप लगे कि अयोध्या में दंगे से निपटने के लिए पारामिलिट्री फोर्स मौजूद थी. लेकिन उन्होंने कारसेवकों को रोकने के लिए अयोध्या में पारामिलिट्री फोर्सेज को मोबलाइज नहीं किया.
when kalyan singh said on ayodhya ram mandir babri masjid issue that prohibition is on construction not on demolition
अयोध्या में 6 दिसंबर 1991 को बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी


बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में मार्च 1993 में कल्याण सिंह ने कहा था कि 'विवादित ढांचे की सुरक्षा ना कर पाने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि वो 464 साल पुराने गुलामी का चिन्ह था.' जबकि बीजेपी जब अयोध्या में कारसेवा की इजाजत लेने सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी तो कल्याण सिंह ने हलफनामा देकर कहा था कि वो मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होने देंगे.

कल्याण सिंह ने बाबरी विध्वंस को बताया था भगवान की मर्जी
6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद ढहा दी. इसके तुरंत बाद कल्याण सिंह ने यूपी के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. अगले दिन यानी 7 दिसंबर 1992 को केंद्र की नरसिम्हा राव सरकार ने यूपी की सरकार को बर्खास्त कर दिया.

इसके बाद कल्याण सिंह ने 8 दिसंबर को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि- ‘बाबरी मस्जिद विध्वंस भगवान की मर्जी थी. मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है. कोई दुख नहीं है. कोई पछतावा नहीं है. ये सरकार राममंदिर के नाम पर बनी थी और उसका मकसद पूरा हुआ. ऐसे में सरकार राममंदिर के नाम पर कुर्बान. राम मंदिर के लिए एक क्या सैकड़ों सत्ता को ठोकर मार सकता हूं. केंद्र कभी भी मुझे गिरफ्तार करवा सकती है, क्योंकि मैं ही हूं, जिसने अपनी पार्टी के बड़े उद्देश्य को पूरा किया है.’

बाबरी मस्जिद विध्वंस और यूपी के सीएम पद से हटने के बाद कल्याण सिंह ने हमेशा इसमें अपनी भूमिका स्वीकार की. बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने का था- ‘कोर्ट में केस करना है तो करो. जांच आयोग बिठाना है तो बिठाओ. किसी को सजा देनी है तो मुझे दो. केंद्रीय गृहमंत्री शंकरराव चह्वाण का मेरे पास फोन आया. मैंने उनसे कहा कि ये बात रिकॉर्ड कर लो चह्वाण साहब कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा, गोली नहीं चलाऊंगा.’

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बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद कल्याण सिंह ने सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया था


कल्याण सिंह को हुई थी एक दिन की जेल
कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर मस्जिद का नुकसान नहीं होने दिए जाने का भरोसा दिया था लेकिन इसके बावजूद मस्जिद गिराई गई. सुप्रीम कोर्ट में कल्याण सिंह के खिलाफ मोहम्मद असलम नाम के एक आदमी ने अर्जी दाखिल की. कल्याण सिंह पर अवमानना की सुनवाई हुई और कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कल्याण सिंह ने कोर्ट की अवमानना की है और देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को प्रभावित किया है. इसलिए उन्हें एक दिन के लिए सांकेतिक तौर पर जेल भेजा जाए. साथ ही उनपर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. कोर्ट के इस फैसले के बाद कल्याण सिंह को एक दिन के लिए दिल्ली के तिहाड़ जेल भेजा गया.

हाल ही में जब राममंदिर बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण सिंह ने कहा था कि जब 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, मैंने अयोध्या में बिगड़े कानून और व्यवस्था के हालात की जिम्मेदारी अपने सिर ली थी. मैंने इसकी कीमत भी चुकाई. उसी दिन मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

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First published: December 6, 2019, 11:23 AM IST
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