जानिए, अमेरिका में कब आएंगे राष्ट्रपति चुनाव के अंतिम नतीजे

ट्रंप वोटों की जल्दी से जल्दी गिनती चाह रहे हैं (Photo-news18 English via REUTERS)
ट्रंप वोटों की जल्दी से जल्दी गिनती चाह रहे हैं (Photo-news18 English via REUTERS)

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चाहते हैं कि 3 नवंबर की रात ही वोटों की गिनती हो जाए. हालांकि ऐसा होना मुमकिन नहीं. डाक से वोटिंग (postal voting) के कारण इस बारे नतीजे आने में समय लगेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:03 PM IST
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कोरोना वायरस के बीच अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव (presidential election in America amid coronavirus) का आज यानी मंगलवार को आखिरी चरण है. अर्ली वोटिंग के दौरान आधी आबादी मतदान दे चुकी है. हालांकि चुनाव के होते ही वहां गणना और रिजल्ट नहीं आ जाते, बल्कि इसमें लंबा समय लग जाता है. जानिए, दुनिया के इस सबसे पुराने लोकतंत्र में कब आएंगे चुनाव के नतीजे.

ट्रंप के किस बयान से मचा कोहराम
चुनावी रैलियों के बीच मौजूदा राष्ट्रपति और अगली पारी के लिए उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में एक अजीब बयान दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव 3 नवंबर को खत्म होना चाहिए, न कि हफ्तों बाद. ट्रंप ने लगभग धमकाने के अंदाज ये बात कही. उनके मुताबिक सही चुनाव वही है, जिसमें वोटों की गिनती तुरंत हो जाए. लंबा समय लेने पर इसके प्रभावित होने का डर रहता है.

कोर्ट ले जा सकते हैं लेट करने पर
ट्रंप ने उन राज्यों को भी धमकाया, जो उनके मुताबिक वोट काउंटिंग में समय लेने वाले हैं. ट्रंप के अंदाज से ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि जल्दी वोटिंग न होने पर वे राज्यों को कोर्ट में घसीट सकते हैं.



राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन (Photo-cnbc)


पहले से ही देर होती आई है
हकीकत में देखें तो ट्रंप जो कह रहे हैं, वो कभी मुमकिन नहीं हुआ है. आधी रात तक सारे वोट गिनना और उन्हें सामने लाना मुश्किल प्रक्रिया है. अमेरिका में कोई भी राज्य चुनाव की रात या देर रात परिणाम नहीं देता है. और न ही उससे कभी ये उम्मीद की गई.

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मीडिया आंशिक वोट काउंट दिखाता है 
वैसे चुनाव की रात नतीजे न आने के बाद भी अमेरिकियों को ये अनुमान हो जाता है कि कौन जीत सकता है. इसकी वजह है मीडिया. असल में मीडिया आंशिक वोट काउंट के आधार पर बताना शुरू कर देता है कि हालात किस ओर हैं. इस रेस कॉल में अगर दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का बहुत ज्यादा अंतर हो, तो ये समझना मुश्किल नहीं कि कौन जीत सकता है. आमतौर पर यही होता है.

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गणना में महीनाभर भी लग जाता है
अमेरिका में चुनाव के नतीजे आने में काफी लंबा समय भी लगता है. जैसे डेलावेयर में इलेक्शन के दो दिनों के भीतर गणना हो जाती है तो कैलीफोर्निया में महीनाभर भी लग सकता है. इसकी एक वजह वहां बैलेट से वोटिंग होना भी है, जिससे गिनती में समय लगता है.

इन हालातों में अगर ट्रंप ये कहें कि राज्यों को 3 नवंबर की आधी रात से काउंटिंग रोक देनी चाहिए तो खासी गड़बड़ी हो सकती है. इससे अमेरिकी चुनाव की पूरी प्रक्रिया ध्वस्त हो जाएगी. साथ ही ये उन लाखों-करोड़ों मतदाताओं के साथ धोखा होगा, जो पूरे मन से चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बने.

अमेरिका में कोई भी राज्य चुनाव की रात या देर रात परिणाम नहीं देता- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


क्या कहा ट्रंप के चुनावी प्रतिनिधि ने
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस बारे में लगभग डैमेज-कंट्रोल के अंदाज में ट्रंप के चुनावी कैंपेन प्रतिनिधि ने राय दी. थिया मैकडोनाल्ड ने कहा कि जो बिडेन, डेमोक्रेट्स, मीडिया और अमेरिकी जनता एक फेयर इलेक्शन रिजल्ट चाहती है. और हर वैध बैलेट पेपर की गिनती चाहती है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए काफी लड़ाई की है. डेमोक्रेट्स चुनाव में देर करवाना चाहते थे लेकिन ट्रंप के कारण ये समय पर हुआ. हालांकि वोटों की गिनती में ट्रंप की जल्दबाजी के बारे में प्रतिनिधि ने कोई बात नहीं की.

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इस बार डाक से मतदान भी देरी की वजह बनेगा
अमेरिका में चुनावी नतीजे देर से आने की एक बड़ी वजह पोस्टल बैलेट हैं. इस बार कोरोना के कारण काफी सारे मतदाताओं ने वोट के इसी तरीके का उपयोग किया है. बता दें कि डाक के जरिए वोटिंग एक खास प्रक्रिया है, जिसमें वोटिंग लिस्ट से जुड़े हर मतदाता के पास एक खाली डाक मतपत्र आता है. जहां इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बैलेट पहुंच सके, वहां यही किया जाता है.

अगर वोटर किसी कारण से इलेक्ट्रॉनिक तरीका नहीं अपना सकता तो उसे डाक सेवा के जरिए मतपत्र भेजते हैं. इसमें बैलेट जाने और आने में समय लगता है.

कोरोना के कारण काफी सारे मतदाताओं ने डाक से मतदान किया है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


पोस्टल वोटिंग पर ट्रंप ने दिखाया था अविश्वास
पोस्टल वोटिंग के तरीके को ट्रंप पहले ही बुरा कह चुके हैं. उनका कहना है कि लोग मेलबॉक्स से बैलेट निकाल सकते हैं. और कई तरह की हेराफेरी कर सकते हैं. इधर अमेरिका में इस बार वोटिंग कैसे करनी है, इसपर असमंजस बना हुआ है. माना जा रहा है कि जानकारी के अभाव में लोग देर करेंगे और इसका नतीजा वोट डालने और गिनती पर होगा.

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संसाधनों की कमी के कारण भी वक्त लगेगा
इसके अलावा संसाधनों की कमी के कारण भी मतदान और इसकी गिनती में समय लग सकता है. जैसे पेनसिल्वेनिया समेत कई राज्यों में देर होना तय है. इससे पक्की तस्वीर आने में समय लगेगा ही. साल 2018 में भी कई अहम राज्यों में ऐसा ही हुआ था, जिसमें फ्लोरिडा, जॉर्जिया, एरिजोना जैसे राज्य भी शामिल हैं.

हालांकि ट्रंप काउंटिंग में जिस गड़बड़ी की बात कर रहे हैं, वैसा भी एक बार हो चुका है. लेकिन केवल एक ही बार. ये साल 2000 के राष्ट्रपति चुनावों की बात है, जब फ्लोरिडा में वोटों की दोबारा गिनती करवानी पड़ी थी, इसके बाद भी मामला कोर्ट में जाकर शांत हुआ था.
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