क्या आप दुनिया के सबसे आलसी देश में रहते हैं?

168 देशों में से 159 में, महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा आलसी हैं.

News18Hindi
Updated: September 11, 2018, 9:27 AM IST
क्या आप दुनिया के सबसे आलसी देश में रहते हैं?
168 देशों में से 159 में, महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा आलसी हैं.
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Updated: September 11, 2018, 9:27 AM IST
क्या आप जानते हैं दुनिया का सबसे आलसी देश कौनसा है? कहीं भारत तो नहीं? आपको कैसा लगेगा अगर आपसे कोई कहे की आप दुनिया के सबसे आलसी देश में रहते हैं? फ़िक्र करने की बात नहीं है. क्योकि भारत दुनिया का सबसे आलसी देश तो नहीं है लेकिन बहुत एक्सरसाइज करने और पैदल चलने के मामले में बहुत सक्रिय भी नहीं है. आलस न तो सेहत के लिए और न ही सफलता के लिए अच्छा होता है मगर फिर भी कुछ लोग आलसी ही बने रहना चाहते हैं, अपने शरीर को हिलाने की भी जहमत नहीं उठाते.

वैसे यहां किसी एक इंसान नहीं बल्कि पूरे देश ही बात हो रही है. भारत में आलसी लोगों की भरमार है, मगर फिलहाल हमें यह खिताब नहीं मिला है. दुनिया के सबसे आलसी देश को खोज निकाला है वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने.

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें देशों की रैंकिंग जारी कर बताया गया है कि उनके नागरिक शारीरिक रूप से कितने सक्रिय हैं. भारत को भी इस सूची में जगह मिली है.

चिकित्सा पत्रिका द लंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट यूगांडा को ऊर्जावान देशों के लिस्ट में सबसे ऊपर रखती है. इसकी केवल 5.5 प्रतिशत आबादी पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं है.

दूसरी ओर, कुवैत, 67 प्रतिशत आबादी के साथ अंतिम स्थान पर है, रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के लोग भी पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं रहते यानी वे सबसे आलसी हैं.

168 देशों की सूची में, भारत को रैंक 117 पर एक जगह मिलती है. रिपोर्ट के मुताबिक हमारी आबादी का 34 प्रतिशत पर्याप्त सक्रिय नहीं है.

इस बीच, रिपोर्ट में कुवैत, अमेरिकी समोआ, सऊदी अरब और इराक जैसे देशों को इस जगह पर दिखाया गया है कि उनके आधे से अधिक वयस्क पर्याप्त व्यायाम में भाग नहीं लेते हैं.

यह भी दिखाता है कि 168 देशों में से 55 (32.7 प्रतिशत) में, आबादी का एक तिहाई से अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय था.

168 देशों में से 159 में, महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा आलसी  हैं.

डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के मुताबिक, चार लोगों में एक आदमी पर्याप्त व्यव्याम नहीं करता है.

रिपोर्ट में कहा गया है, "अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि गैर-संक्रमणीय बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम है, और इसका मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है."

रिपोर्ट 1.9 मिलियन प्रतिभागियों सहित "अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि के प्रसार की रिपोर्टिंग" जनसंख्या आधारित सर्वेक्षणों के आंकड़ों का उपयोग करके बनाई गई थी.



10 सबसे आलसी देश

कुवैत (67 प्रतिशत लोग आलसी)

अमेरिकी समोआ (53.4 प्रतिशत)

सऊदी अरब (53 प्रतिशत)

इराक (52 प्रतिशत)

ब्राजील (47 प्रतिशत)

कोस्टा रिका (46.1 प्रतिशत)

साइप्रस (44.4 प्रतिशत)

सूरीनाम (44.4 प्रतिशत)

कोलंबिया (44 प्रतिशत)

मार्शल द्वीप समूह (43.5 प्रतिशत)



10 सबसे सक्रिय देश

युगांडा (5.5 प्रतिशत)

मोज़ाम्बिक (5.6 प्रतिशत)

लेसोथो (6.3 प्रतिशत)

तंजानिया (6.5 प्रतिशत)

नियू (6.9 प्रतिशत)

वानुअतु (8 प्रतिशत)

टोगो (9 .8 प्रतिशत)

कंबोडिया (10.5 प्रतिशत)

म्यांमार (10.7 प्रतिशत)

तोकेलाऊ (11.1 प्रतिशत)



स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी की एक रिसर्च 

साल भर पहले आई अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी एक रिसर्च ने भी भारत को भी दुनिया के सबसे आलसी देशों की सूची में डाला था.  भारत इन देशों में 39वीं रैंकिंग पर था. भारत में लोग औसतन एक दिन में 4297 कदम चलते हैं. हर दिन सबसे ज्यादा चलने में हांगकांग के लोग हैं. हांगकांग में औसत एक आदमी हर दिन 6880 कदम चलता है. दूसरी तरफ़ इंडोनेशिया 3513 कदम के साथ लिस्ट में सबसे नीचे रहा, जबकि जानकार बताते हैं कि सेहतमंद लोगों को कम से कम 10000 कदम हर दिन चलना चाहिए.

रिसर्च के अनुसार हांगकांग विश्व का सबसे एक्टिव देश था तो वहीं इंडोनेशिया सबसे आलसी देश. हांगकांग के लोग प्रतिदिन औसतन 6880 कदम चलते हैं वहीं इंडोनेशिया के लोग महज 3513 कदम ही चलते हैं. यह सर्वे 48 देशों पर किया गया था.
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