घर के बने मास्क के लिए कौन सा कपड़ा है बेहतर और किन बातों का रखना होगा ध्यान

घर के बने मास्क के लिए कौन सा कपड़ा है बेहतर और किन बातों का रखना होगा ध्यान
कोरोना वायरस से बचने के लिए कपड़े का मास्क का उपयोग होता है.लेकिन सभी प्रभावी नहीं होते (सांकेतिक तस्वीर)

मास्क (mask) के कपड़े में ज्यादा परतें और कपड़े का प्रकार उसकी कारगरता पर असर करता है.

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नई दिल्ली: एक तरफ भारत में कोरोना वायरस (Corona virus) मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. वहीं दूसरी तरफ सरकार लॉकडाउन (Lock down) को खोलने की तैयारी में भी लगी है. कोरोना वायरस को लेकर शोधों में भी काफी इजाफा हुआ है. इनमें से कुछ मास्क (Mask) को लेकर भी शोध हो रहे हैं. मास्क यूं तो घर पर भी बनाया जा सकता है, लेकिन मास्क के लिए सबसे उपयुक्त कपड़ा (Fabric) क्या होगा यह भी एक सवाल है.

मास्क की अहमियत कम होती नहीं दिख रही
अगले कुछ समय तक मास्क की अहमियत कम होती नहीं दिख रही है. ऐसा लगता है कि लोगों को मास्क की आदत डालनी ही होगी. फिर भी मास्क को लेकर अब भी लोगों में कई सवाल हैं. पुणे स्थित चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन और प्लमोकेयर रिसर्च एंड एजूकेशन फाउंडेशन के निदेशक डॉ संदीप साल्वी ने हाल ही में कोविड-19 के संदर्भ में क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिसीज पर एक वेबिनार को संबोधित किया. यह वेबिनार टीबी के खिलाफ काम करने वाली संस्था REACH ने आयोजित किया था. डॉ साल्वी ने इस दौरान मास्क से संबंधित सवालों के जवाब दिए.

कई तरह के मास्क



एक सवाल का जवाब देते हुए डॉ साल्वी ने कहा कि कई तरहके मास्क उपलब्ध हैं, लेकिन अलग अलग मास्क अलग हालातों के लिए उपयुक्त हैं. उन्होंने बताया कि N95 मास्क अपने आपस पास मौजूद 300 नैनौमीटर आकार के कणों को 95 प्रतिशतक फिल्टर कर लेता है, कई ऐसे मास्क भी हैं जो इससे ज्यादा कारगर होते हैं



designer mask
मास्क में अलग अलग कपड़ों की परतें ज्यादा प्रभावी होती हैं.


 

 

 

 

 

 

 

 

 

क्या ज्यादा कारगर मास्क होते है उपयोगी
जैसे कि N99 या N100 मास्क. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ये मास्क हर मामले के लिए या ज्यादा उपयुक्त हैं. इसकी वजह बताते हुए डॉ साल्वी ने कहा कि जहां N99 और N100 मास्क ज्यादा कणों को फिल्टर करने में सक्षम होते हैं, उनमें सांस लेना बहुत मुश्किल होता है. इसी लिए आमतौर पर N95 मास्क का ज्यादा उपयोग होता है. इसी लिए हम प्लास्टिक के मास्क नहीं बना सकते. वे हमें 100 प्रतिशत सुरक्षा तो दे सकते हैं, लेकिन फिर हम सांस नहीं ले सकेंगे.

कौन सा कपड़ा है बेहतर
भारत सरकार पिछले कुछ समयसे घर के कपड़ों से दोबारा उपयोग किए जा सकने वाले मास्क के उपयोग की सलाह दे रही है, लेकिन सभी कपड़े एक ही तरह की सुरक्षा नहीं देते.  पिछले महीने हुए एक शोध में कपास, रेशम, शिफॉन और इनसे मिले जुले कपड़ों से बने मास्क की उपयुक्तता पर अध्ययन किया गया. इस शोध में  पाया गया है कि जहां एक परत वाले मास्क उतने प्रभावी नहीं रहते, वहीं ज्यादा परतों वाले मास्क बहुत ज्यादा प्रभावी होते हैं. लेकिन वे तब और प्रभावी रहे जब ये परतें अलग अलग कपड़ों की थीं.

Mask
मास्क के कपड़ों में रोशों का घनत्व ज्यादा होना जरूरी है. (सांकेतिक फोटो)


कितने सटीक है कौन से मास्क
इस अध्ययन में पाया गया कि कपास और शिफॉन से मिलकर बने कपड़े 300 नैनोमीटर से कम के कणों को प्रभावी तौर पर रोकने में 97 प्रतिशत तक सफल रहते हैं. इनमें सार्स कोव 2 के कण भी शामिल हैं. इसी तरह की सुरक्षा N95  भी दे सकता है यदि उसे सही तरीके से पहना जाए. इसके अलावा कॉटन क्विल्ट सामग्री  96 प्रतिशत तक सुरक्षा दे सकती है. जबकि कपास की 600 धागे प्रति इंच की दो सतहें 82 प्रतिशत तक की सुरक्षा प्रदान कर सकती है.

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First published: May 25, 2020, 9:40 PM IST
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