क्या है व्हाइटवॉश, क्यों कमला हैरिस के 'कवर फोटो' पर खड़ा हुआ विवाद?

अमेरिका की नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति कमला हैरिस.
'इतिहास बनाने से हैरिस ने शुरूआत की. अब उन्हें ज़ख्मी अमेरिका के लिए यादगार कारनामे करने हैं.' इस मैसेज के साथ फैशन पत्रिका (Fashion Magazine) ने अमेरिका की अगली उपराष्ट्रपति (US Vice President) का जो फोटो साझा किया, उस पर छोटी सोच के आरोप लगने लगे.
- News18Hindi
- Last Updated: January 13, 2021, 10:06 AM IST
फैशन और लाइफस्टाइल की लोकप्रिय पत्रिका वोग (Lifestyle Magazine Vogue) के आगामी कवर पेज (Vogue Cover Controversy) पर कमला हैरिस की तस्वीर को लेकर काफी हंगामा बरपा हो रहा है. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) की कैबिनेट में अमेरिका की उप राष्ट्रपति के तौर पर चुनी जा चुकीं हैरिस पहली भारतीय अमेरिकी और पहली अफ्रीकी अमेरिकी महिला हैं, जिन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है. इसी उपलब्धि को रेखांकित करने के लिए वोग ने अपने फरवरी के संस्करण के लिए कवर पेज पर हैरिस की एक्सक्लूसिव तस्वीर (Kamala Harris Photo) छापी है, जिसे चौतरफा आलोचना झेलना पड़ रही है.
बीते रविवार को वोग के ट्विटर हैंडल से जैसे ही फरवरी के आने वाले इश्यू के कवर पेज के दो फोटो जारी किए गए, तो देखते ही देखते फोटो एडिटिंग के पीछे की सोच को लेकर सवाल खड़े होने लगे. विवाद गहराता चला गया और नस्लवाद के आरोप भी लगने लगे. आरोपों को वोग ने तो नकारा लेकिन ताज़ा खबरों तक बाइडन प्रशासन की तरफ से इस बारे में आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई.
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क्या है विवाद और क्यों?वोग ने जो कवर के लिए प्रस्तावित तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, उनमें से एक में हैरिस कन्वर्स स्निकर और काले रंग की डोनाल्ड डील जैकेट पहने दिख रही हैं और गुलाबी व हरे रंग के बैकग्राउंड के सामने खड़ी हैं. दूसरी तस्वीर में हैरिस तकरीबन आसमानी रंग के माइकल कोर्स सूट में सुनहरे रंग के बैकग्राउंड के सामने दिखती हैं.
अब इन तस्वीरों को लेकर हंगामा इसलिए है कि आगामी 20 जनवरी को अमेरिका की उप राष्ट्रपति बनने जा रहीं पहली अश्वेत महिला की तस्वीरों को इस तरह एडिट किया गया कि वो 'फेयर' दिखें. इस तरह की सोच को निशाना लगातार बनाकर वोग की फोटोग्राफी और एडिटिंग टीम की आलोचना की जा रही है.
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दूसरी तरफ, वोग की मुख्य संपादक डेम एना विंटूर ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि फोटो में हैरिस की स्किन टोन को बदला नहीं गया है. हालांकि, इससे पहले पिछले साल ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समय विंटूर ने माना था कि अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर उनकी पत्रिका से चूक हुई थी.
क्या होती है व्हाइटवॉशिंग?
फैशन उद्योग में इस शब्द को तब इस्तेमाल किया जाता है, जब किसी तस्वीर में व्यक्ति की स्किन टोन को साफ किया जाता है. सामान्य शब्दों में सांवली या काली त्वचा को जब गेहुंए या गोरे रंग की टोन में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे व्हाइटवॉश कहते हैं. इसे फैशन की दुनिया में 'यूरोप केंद्रित सौंदर्य पैमाने' के तौर पर भी समझा जाता है.
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साफ तौर पर यह गोरी त्वचा यानी नस्लवादी सोच का परिचायक है. सुंदरता के अपने पैमानों के हिसाब से किसी व्यक्ति की प्राकृतिक त्वचा की टोन में छेड़छाड़ कर उसे बदलने को व्हाइटवॉशिंग कहते हैं, जिससे जुड़े आरोप हैरिस की तस्वीर के मामले में वोग पर लग रहे हैं. यह भी फैक्ट है कि फैशन की दुनिया में यह अक्सर होता रहा है कि फोटो एडिटिंग से त्वचा की टोन को व्हाइटवॉश किया जाए.

व्हाइटवॉशिंग से जुड़े किस्से
इससे पहले 2011 में ब्रिटिश वोग के कवर पेज के लिए भी यह आरोप लगे थे कि मशहूर कलाकार रिहाना के फोटो को भी व्हाइटवॉश किया गया. तब भी मैगज़ीन ने आरोप नकारा था. वोग के अलावा, एक और मशहूर पत्रिका एले पर भी 2016 में ऑस्कर के लिए नामांकित कलाकार गैबूरे सिडिबे की तस्वीर की व्हाइटवॉशिंग के आरोप थे.
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यही नहीं, 2018 में प्रसिद्ध अश्वेत मॉडल व अभिनेत्री नाओमी कैंपबेल के फोटो के साथ इसी तरह की छेड़छाड़ के लिए सेलिब्रिटी मैगज़ीन हेलो को कठघरे में खड़ा किया गया था.
रंगभेद और फैशन इंडस्ट्री
सिर्फ पत्रिकाओं या मशहूर सेलिब्रिटियों तक ही नहीं, यह मुद्दा विज्ञापन जगत पर भी हावी रहा. 2008 में लॉरियाल के एड में गायिका बियोन्स नोएल्स की तस्वीर की बात रही हो या 2011 में इसी ब्रांड के लिए अभिनेत्री फ्रीडा पिंटो के फोटो की, व्हाइटवॉशिंग के आरोप लगते रहे. 2017 में डव के एड में एक अश्वेत महिला को गोरा होते हुए दिखाए जाने पर भी खासा हल्ला मचा था. डव को माफी भी मांगनी पड़ी थी.

जापानी टेनिस प्लेयर नाओमी ओसाका से लेकर फिल्म उद्योग तक कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं. आलोचकों का मानना है कि रंगभेद की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कास्टिंग के वक्त भी श्वेत व अश्वेत कलाकारों के चयन को लेकर भेदभाव होता है. एंजेलिना जोली, बेन एफलेक, स्कारलेट जोहानसन और एमा स्टोन को ऐसे किरदारों के लिए कास्ट किया गया जो श्वेत समुदाय के नहीं थे.
क्या है हैरिस की टीम की प्रतिक्रिया?
वोग के कवर के लिए कमला हैरिस की तस्वीर पर जो विवाद खड़ा हुआ है, उस पर हैरिस की टीम की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन एक रिपोर्ट में यह ज़रूर बताया गया कि आसमानी सूट वाली तस्वीर टीम हैरिस ने कवर पेज के लिए फाइनल की थी. जबकि एक और रिपोर्ट में कहा गया कि हैरिस की टीम ने दोनों तस्वीरों को कवर के लिए मंज़ूरी दे दी थी.
बीते रविवार को वोग के ट्विटर हैंडल से जैसे ही फरवरी के आने वाले इश्यू के कवर पेज के दो फोटो जारी किए गए, तो देखते ही देखते फोटो एडिटिंग के पीछे की सोच को लेकर सवाल खड़े होने लगे. विवाद गहराता चला गया और नस्लवाद के आरोप भी लगने लगे. आरोपों को वोग ने तो नकारा लेकिन ताज़ा खबरों तक बाइडन प्रशासन की तरफ से इस बारे में आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई.
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क्या है विवाद और क्यों?वोग ने जो कवर के लिए प्रस्तावित तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, उनमें से एक में हैरिस कन्वर्स स्निकर और काले रंग की डोनाल्ड डील जैकेट पहने दिख रही हैं और गुलाबी व हरे रंग के बैकग्राउंड के सामने खड़ी हैं. दूसरी तस्वीर में हैरिस तकरीबन आसमानी रंग के माइकल कोर्स सूट में सुनहरे रंग के बैकग्राउंड के सामने दिखती हैं.
Vice President-elect @KamalaHarris is our February cover star!
Making history was the first step. Now Harris has an even more monumental task: to help heal a fractured America—and lead it out of crisis. Read the full profile: https://t.co/W5BQPTH7AU pic.twitter.com/OCFvVqTlOk— Vogue Magazine (@voguemagazine) January 10, 2021
अब इन तस्वीरों को लेकर हंगामा इसलिए है कि आगामी 20 जनवरी को अमेरिका की उप राष्ट्रपति बनने जा रहीं पहली अश्वेत महिला की तस्वीरों को इस तरह एडिट किया गया कि वो 'फेयर' दिखें. इस तरह की सोच को निशाना लगातार बनाकर वोग की फोटोग्राफी और एडिटिंग टीम की आलोचना की जा रही है.
ये भी पढ़ें :- जहां कारें न हों... ऐसे शहर के सपने पहले भी देखे गए, लेकिन हुआ क्या?
दूसरी तरफ, वोग की मुख्य संपादक डेम एना विंटूर ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि फोटो में हैरिस की स्किन टोन को बदला नहीं गया है. हालांकि, इससे पहले पिछले साल ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समय विंटूर ने माना था कि अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर उनकी पत्रिका से चूक हुई थी.
क्या होती है व्हाइटवॉशिंग?
फैशन उद्योग में इस शब्द को तब इस्तेमाल किया जाता है, जब किसी तस्वीर में व्यक्ति की स्किन टोन को साफ किया जाता है. सामान्य शब्दों में सांवली या काली त्वचा को जब गेहुंए या गोरे रंग की टोन में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे व्हाइटवॉश कहते हैं. इसे फैशन की दुनिया में 'यूरोप केंद्रित सौंदर्य पैमाने' के तौर पर भी समझा जाता है.
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साफ तौर पर यह गोरी त्वचा यानी नस्लवादी सोच का परिचायक है. सुंदरता के अपने पैमानों के हिसाब से किसी व्यक्ति की प्राकृतिक त्वचा की टोन में छेड़छाड़ कर उसे बदलने को व्हाइटवॉशिंग कहते हैं, जिससे जुड़े आरोप हैरिस की तस्वीर के मामले में वोग पर लग रहे हैं. यह भी फैक्ट है कि फैशन की दुनिया में यह अक्सर होता रहा है कि फोटो एडिटिंग से त्वचा की टोन को व्हाइटवॉश किया जाए.

न्यूज़18 क्रिएटिव
व्हाइटवॉशिंग से जुड़े किस्से
इससे पहले 2011 में ब्रिटिश वोग के कवर पेज के लिए भी यह आरोप लगे थे कि मशहूर कलाकार रिहाना के फोटो को भी व्हाइटवॉश किया गया. तब भी मैगज़ीन ने आरोप नकारा था. वोग के अलावा, एक और मशहूर पत्रिका एले पर भी 2016 में ऑस्कर के लिए नामांकित कलाकार गैबूरे सिडिबे की तस्वीर की व्हाइटवॉशिंग के आरोप थे.
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यही नहीं, 2018 में प्रसिद्ध अश्वेत मॉडल व अभिनेत्री नाओमी कैंपबेल के फोटो के साथ इसी तरह की छेड़छाड़ के लिए सेलिब्रिटी मैगज़ीन हेलो को कठघरे में खड़ा किया गया था.
रंगभेद और फैशन इंडस्ट्री
सिर्फ पत्रिकाओं या मशहूर सेलिब्रिटियों तक ही नहीं, यह मुद्दा विज्ञापन जगत पर भी हावी रहा. 2008 में लॉरियाल के एड में गायिका बियोन्स नोएल्स की तस्वीर की बात रही हो या 2011 में इसी ब्रांड के लिए अभिनेत्री फ्रीडा पिंटो के फोटो की, व्हाइटवॉशिंग के आरोप लगते रहे. 2017 में डव के एड में एक अश्वेत महिला को गोरा होते हुए दिखाए जाने पर भी खासा हल्ला मचा था. डव को माफी भी मांगनी पड़ी थी.

मॉडल व बिज़नेसवूमन नाओमी कैंपबेल के फोटो में स्किन टोन को बदलने के लिए पत्रिकाएं पहले विवादों में रही हैं.
जापानी टेनिस प्लेयर नाओमी ओसाका से लेकर फिल्म उद्योग तक कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं. आलोचकों का मानना है कि रंगभेद की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कास्टिंग के वक्त भी श्वेत व अश्वेत कलाकारों के चयन को लेकर भेदभाव होता है. एंजेलिना जोली, बेन एफलेक, स्कारलेट जोहानसन और एमा स्टोन को ऐसे किरदारों के लिए कास्ट किया गया जो श्वेत समुदाय के नहीं थे.
क्या है हैरिस की टीम की प्रतिक्रिया?
वोग के कवर के लिए कमला हैरिस की तस्वीर पर जो विवाद खड़ा हुआ है, उस पर हैरिस की टीम की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन एक रिपोर्ट में यह ज़रूर बताया गया कि आसमानी सूट वाली तस्वीर टीम हैरिस ने कवर पेज के लिए फाइनल की थी. जबकि एक और रिपोर्ट में कहा गया कि हैरिस की टीम ने दोनों तस्वीरों को कवर के लिए मंज़ूरी दे दी थी.