कौन हैं वो 04 भारतीय जिन्हें आतंकवादी सूची में शामिल कराने में नाकाम हुआ पाकिस्तान

पाकिस्तान ने 04 भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूुची में शामिल कराना चाहा लेकिन इसमें वो शर्मसार ही हुआ

पाकिस्तान (Pakistan) ने 04 भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र(United nations security council) की आतंकवादी सूची (Terrorist list) में शामिल कराने की कोशिश की थी. लेकिन इस मामले में उसे तगड़ा झटका लगा. हालांकि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई (ISI) ने इन चारों भारतीयों को अफगानिस्तान (Afghanistan) से अगवा कराने की साजिश भी रची थी. वहां भी वो नाकाम हो गए थे. जानते हैं कौन हैं ये भारतीय

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हाल ही पाकिस्तान (Pakistan) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United nations security council) में मुंह की खानी पड़ी. वो 02 भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची (Terrorist List) में शुमार कराना चाहता था लेकिन उसके प्रस्ताव को एक सिरे से नामूंजूर कर दिया गया. अमेरिका ने तो ये कहा कि पाकिस्तान का ये प्रस्ताव तो विचार करने लायक भी नहीं है. हालांकि इससे पहले भी पाकिस्तान ने दो अन्य भारतीयों को भी आतंकी सूची में शामिल कराने के प्रयास में जोर का झटका खाया था.

दरअसल ये चारों भारतीय अफगानिस्तान में अलग अलग प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे. पाकिस्तान बार बार इन्हें शक की नजर से देख रहा था. उसका आरोप था कि ये चारों भारतीय पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को वित्तीय और हथियारों की मदद कर रहे हैं. कई हमलों की योजना भी इनकी बनाई हुई थी. हालांकि पाकिस्तान का ये आरोप सिरे से बेबुनियाद था, जिसे किसी देश ने नहीं माना.

ये तो अच्छा था कि समय रहते भारत ने इन भारतीयों को अफगानिस्तान से निकाल लिया, अन्यथा इनकी हालत भी कुलभूषण जाधव वाली हो सकती थी. पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई ने उनको काबुल से अगवा कराने की साजिश रची हुई थी. जब भारत ने सही समय से इन भारतीयों को वहां से निकाला तो वो बिलबिला गया. फिर संयुक्त राष्ट्र की शरण में जा पहुंचा. वहां भी उसे औंधे मुंह गिरना पड़ा.

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जानते हैं कि ये चार भारतीय कौन थे. वो अफगानिस्तान में क्या कर रहे थे. क्यों पाकिस्तान की आंखों में खटक रहे थे. इसकी असल वजह पाकिस्तान का अफगानिस्तान के कई प्रोजेक्ट्स में झटका लगना भी बताया जा रहा है. वैसे इन चारों भारतीयों के नाम वेणुमाधव डोंगरा, अजय मिस्त्री, गोविंद पटनायक और अंगारा अप्पाजी. ये चारों ही उच्च शिक्षित हैं. अफगानिस्तान में भारत के बडे़ प्रोजेक्ट्स में अहम पदों पर थे.

कौन हैं वेणुमाधव डोंगरा
वेणुमाधव डोंगरा करीब 04 पहले चेन्नई से अफगानिस्तान गए थे. उन्होंने चेन्नई में पॉवर सिस्टम पर एमटेक किया. वो प्रतिभाशाली छात्र माने जाते थे. वैसे वो वहां के मध्यम  दर्जे के कृषक परिवार से ताल्लुक रखते थे. अफगानिस्तान जाने से पहले उन्होंने भारत की भी कंपनी में चेन्नई में ही काम किया था.

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पाकिस्तान ने जिन 04 भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल कराने की काफ तैयारी की थी, वो सिरे से नाकाम हो गई. ये चारों भारतीय अफगानिस्तान में बड़े पदों पर काम कर रहे थे.


अफगानिस्तान में क्या कर रहे थे 
इसके बाद जब वो अफगानिस्तान पहुंचे तो वहां बघलान प्रांत के दश्त ए अलवान के 500 केवी प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया. वो इसमें बडे़ पद पर थे. 2019 में उनका ये प्रोजेक्ट कंपलीट हो गया.

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इसके बाद उन्होंने बामियान ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट अफसर के तौर पर काम करना शुरू किया. जिस कंपनी के लिए वो काम कर रहे थे. उसका नाम केईएस इंटरनेशनल है, ये आरपीजी ग्रुप की कंपनी है, जो दुनियाभर के कई देशों में पॉवर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पर काम करती है.

पाकिस्तान ने उनको अगवा करने की साजिश रच ली थी
पाकिस्तान का आरोप है कि वर्ष 2015 में पेशावर एय़रबेस पर जो आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 29 लोग मारे गए थे. उसके लिए वित्तीय और हथियारों की मदद डोगरा ने कराई थी. हालांकि ये बेबुनियाद आरोप है लेकिन पाकिस्तान आईएसआई एजेंसी ने उन्हें अफगानिस्तान से अगवा करने की पूरी साजिश रच ली थी. अगर ऐसा होता तो उनका हाल भी पाकिस्तान की जेल में बंद कुलदीप जाधव जैसा हो जाता.

सितंबर 2019 में वो अफगानिस्तान से निकाले गए
भारत ने उन्हें 07 सितंबर 2019 को अफगानिस्तान से हटा लिया गया. जो आईएसआई के लिए एक बड़ी खिसियाहट की वजह बन गई. हालांकि डोंगरा के भारत आने के बाद आईएसआई ने तालिबान के जरिए पॉवर प्रोजेक्ट्स के 06 लोगों को बंदी बनवाया लेकिन उन्हें फिर रिहा करना पड़ा.

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने तो इन चारों भारतीयों को अगवा कराने की साजिश भी रच डाली थी लेकिन वो ऐसा इसलिए नहीं कर पाया क्योंकि ये चारों भारतीय समय रहते अफगानिस्तान से निकाले जा चुके थे.


पाकिस्तान ने उनके खिलाफ एक डोजियर तैयार किया था. इसे जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में देखा गया तो ये पहली निगाह में फर्जी सबूतों वाला लगा.

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बाकी 03 भारतीय कौन हैं
अजय मिस्त्री के बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं है. सिवाय इसके कि वो भी अफगानिस्तान के किसी प्रोजेक्ट पर बेहतर ओहदे पर काम करने गए थे लेकिन अब वापस भारत आ गए हैं. अंगारा अप्पाजी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं. इसी साल जनवरी में काबुल से भारत लौटे.

वो अफगानिस्तान के एक बैंक में साफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम कर रहे थे. उन पर 13 फरवरी 2017 में लाहौर के माल रोड में आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया, जो हवा हवाई था.

गोविंद पटनायक तो अफगानिस्तान में बड़े पद पर थे
चौथे शख्स जिन्हें पाकिस्तान आतंकी सूची में शामिल कराना चाहता था, वो गोविंद पटनायक हैं. वो काबुल फीनिक्स कंसल्टिंग सर्विसेज में अध्यक्ष थे. ये काफी महत्वपूर्ण स्थिति थी. उन पर भी पाकिस्तान ने अपने एक नेता पर हमला कराने का आरोप लगाया. पटनायक भी भारत आ चुके हैं.

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