सामने आई WHO और चीन की मिलीभगत, चीनी प्रेसिडेंट की पत्नी WHO में अहम पद पर

सामने आई WHO और चीन की मिलीभगत, चीनी प्रेसिडेंट की पत्नी WHO में अहम पद पर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पत्नी WHO की गुडविल एम्बेसडर हैं

चीन (China) और World Health Organisation (WHO) के तगड़े कनेक्शन की एक और हकीकत सामने आई है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की पत्नी पेंग लियुआन WHO की गुडविल एम्बेसडर (goodwill ambassador) हैं, हालांकि WHO की वेबसाइट पर इस बात का कोई जिक्र नहीं. वहां सिर्फ ये लिखा है कि वे अच्छी सिंगर हैं.

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कोरोना संक्रमण के बीच WHO की भूमिका पर लगातार आरोप लगते रहे हैं. कई देशों का मानना है कि हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने जान-बूझकर चीन की गलती छिपाई. अमेरिका समेत यूएन के सदस्य देश भी आरोप लगा रहे हैं कि संगठन ने महामारी की संक्रामकता के बारे में देर से आगाह किया. इस बीच WHO के डायरेक्टर के चीन के राष्ट्रपति से गहरे संबंध भी सामने आए हैं. अब हाल ही में एक नई बात सामने आई कि जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन (Peng Liyuan) संगठन की गुडविल एम्बेसडर हैं. इसपर एक बार फिर विवाद उठ खड़ा हुआ है.

क्या है विवाद की वजह
गुडविल एम्बेसडर के तौर पर पेंग लियुआन के होने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं, लेकिन आपत्ति इस बात हो रही है कि वेबसाइट पर पेंग के परिचय को पढ़ने पर कहीं से भी ये पता नहीं चलता कि वे चीनी राष्ट्रपति की पत्नी हैं. उसमें सिर्फ यही लिखा है कि वे अच्छी आवाज और अच्छे दिल की महिला हैं, जिन्हें ढेर सारे लोग जानते हैं. हालांकि ये जिक्र नहीं था कि उन्हें ढेर सारे लोग क्यों और कैसे जानते हैं. बता दें कि फिलहाल पेंग ने लंबे अरसे से कोई गाना नहीं गाया है और न ही वे इतनी लोकप्रिय रहीं कि सालोंसाल बाद भी लोग उन्हें याद रखें. फिलहाल चीन के प्रेसिडेंट की पत्नी होने की वजह से वे लोकप्रिय हैं. लेकिन WHO की साइट पर परिचय में कहीं इस बात जिक्र नहीं. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति की पत्नी होने वाली बात WHO की वेबसाइट पर जानबूझकर छिपाई गई है.

वेबसाइट पर पेंग के परिचय को पढ़ने पर कहीं से भी ये पता नहीं चलता कि वे चीनी राष्ट्रपति की पत्नी हैं (Photo- WHO)

बीजिंग में नरसंहार पर सैनिकों के लिए गाया


साल 1987 में पेंग और शी जिनपिंग ने शादी की. तब जिनपिंग चीन के शियामन शहर के डेपुटी मेयर हुआ करते थे. पेंग ने इसके बाद ऐतिहासिक थियानमेन चौक (Tiananmen Square) पर आर्मी की यूनिफॉर्म पहनकर गाना गाया था. बता दें कि पेंग ने ये गाना उन प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं गाया था, जो लोकतंत्र की आवाज उठाते हुए गोलियों से भून दिए गए थे, बल्कि पेंन ने उन सैनिकों के सम्मान में गाया था जिन्होंने उस रोज गोलाबारी की थी. हालांकि पेंग के पति यानी जिनपिंग के देश के राष्ट्रपति बनने के बाद तुरंत ही इंटरनेट से उनकी पत्नी के गाने की सारी क्लिपिंग्स और तस्वीरें तक हटा दी गईं. बता दें कि साल 1989 में बीजिंग में हुए उस नरसंहार में 109 हजार से ज्यादा लोकतंत्र समर्थक मारे गए थे. तब चीन ने नरसंहार का कोई ब्यौरा नहीं दिया था, बल्कि कहा था ये कि एक जरूरी कदम था. बाद में मारे गए लोगों की संख्या के सनसनीखेज खुलासे के बाद से चीन नरसंहार की याद तक को छिपाने में लगा रहता है. यही वजह है कि पेंग के सैनिकों के सम्मान में गाए गाने को भी हटा दिया गया.

क्या करती हैं चीन की फर्स्ट लेडी
पहली बार पेंग का चयन 2011 में किया गया था. तब Margaret Chan वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की हेड थीं. इसके बाद WHO के प्रमुख टेड्रोस एडहैनम घेब्रियेसुस बने, उन्होंने भी चीन की फर्स्ट लेडी यानी पेंग की दोबारा गुडविल एम्बसेडर बनाया. ये पद काफी अहम है. इसके तहत पेंग यूएन की सारी जरूरी मीटिंग्स में जाती हैं, जहां बड़े फैसलों में उनका भी हाथ रहता है. वैसे पेंग पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जनरल पॉलिटिकल डिपार्टमेंट के चीनी गीत और डांस समूह की मुख्य हैं. साथ ही वे मिलिट्री में मेजर जनरल भी हैं.

साल 1987 में पेंग और शी जिनपिंग ने शादी की, तब जिनपिंग चीन के शियामन शहर के डेपुटी मेयर हुआ करते थे


चयन पर उठ रहे सवाल
इस बारे में डेली मेल में इस विस्तृत रिपोर्ट आई. इसमें WHO के पेंग का पूरा परिचय छिपाने पर सवाल करते हुए ब्रिटिश सांसद और फॉरेन अफेसर्य कमेटी के चेयरमैन टॉम टुगेनघाट ने कहा कि लगता है गुडविल की परिभाषा बदल गई है. WHO को इसके लिए उन लोगों को चुनना चाहिए जो लोगों के हक के लिए काम करते हैं, न कि उनके लिए जिसका कमिटमेंट हमेशा से शक के घेरे में रहा है.

वायरस की वजह से संदेह गहराया
अमेरिका इस सब घालमेल के चलते इस कदर भड़का हुआ है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने WHO को चीन के हित में काम करने वाला ‘pipe organ’ तक कह दिया. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस सामान्य वायरस नहीं है, बल्कि इसे किसी न किसी तरह से लैब में बनाया गया है. इस बारे में दुनिया के सभी देशों की टीमें खोज में लगी हुई हैं. यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया के टॉप वैज्ञानिक प्रोफेसर Nikolai Petrovsky ने यहां तक कह दिया है कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में नहीं आया है, बल्कि पहले ही रोज से इसमें बेहद खतरनाक तरीके से संक्रमण फैलाने की क्षमता दिख रही है, जो किसी नॉर्मल जूनॉटिक वायरस में नहीं होती है.

वैसे वर्तमान WHO प्रमुख पर भेदभाव और मानवाधिकार हनन जैसे  गंभीर आरोप भी लगते रहे हैं, जैसे कथित तौर पर इथोपिया की जनगणना के दौरान वहां की एक खास प्रजाति के 20 लाख सदस्यों का नाम गायब कर दिया जाना. ये भी कयास हैं कि चीन ने क्योंकि इथोपिया में काफी इनवेस्टमेंट किया है इसलिए भी डायरेक्टर जनरल ने दुनिया से कोरोना के बारे में जरूरी सूचनाएं छिपाईं.

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